“We are slipping further into Israel’s strategic orbit, at a time when the world is increasingly pivoting away from it. The Prime Minister’s visit to Israel will go down in history as a bewildering strategic decision.
The spirit of Indian nationhood demands that we speak up for our Palestinian brothers and sisters whose children have been so brutally targeted.”
Through her editorial, Congress Parliamentary Party Chairperson Smt. Sonia Gandhi ji calls on India to reclaim its independent foreign policy, uphold humanitarian values, and speak up with moral clarity on Gaza.
कर्बला के जाँ-निसारों को सलाम फ़ातिमा ज़हरा के प्यारों को सलाम
मुस्तफ़ा के माह-पारों को सलाम नौजवानों गुल-'इज़ारों को सलाम
कर्बला तेरी बहारों को सलाम जाँ-निसारी के नज़ारों को सलाम
या हुसैन इब्न-ए-'अली मुश्किल-कुशा ! आप के सब जाँ-निसारों को सलाम
अकबर-ओ-असग़र पे जाँ कुर्बान हो मेरे दिल के ताजदारों को सलाम
क़ासिम-ओ-'अब्बास पर हों रहमतें कर्बला के शह-सुवारों को सलाम
जिस किसी ने कर्बला में जान दी उन सभी ईमानदारों को सलाम
भूकी प्यासी बीबियों पर रहमतें भूके प्यासे गुल-'इज़ारों को सलाम
वाहेगुरू जी का खालसा
वाहेगुरू जी की फतेह
मुहर्रम केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि सत्य और न्याय के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद है।
हज़रत इमाम हुसैन जी ने कर्बला में अन्याय और अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सत्य और इंसानियत के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। उनका संघर्ष हमें सिखाता है कि सिद्धांतों और न्याय की रक्षा के लिए हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है।
मुहर्रम के दिन हज़रत इमाम हुसैन जी और उनके साथियों की शहादत को विनम्र नमन।
दुनिया की हर पुरानी सभ्यता में कुछ हासिल कर लेने की जगह सत्य और सम्मान के लिए त्याग को अधिक महत्त्व दिया गया है।
इमाम हुसैन की इज़्ज़त भी इसीलिए है कि समझौता करके सुख भोगने की जगह अन्याय के ख़िलाफ़ संघर्ष करना चुना उन्होंने।
अपने यहाँ देखिए, सोने की लंका वाले रावण को नहीं, पिता के वचन के लिए राज्य छोड़ने और सम्मा��� के लिए रावण की विशाल सेना से टकराने वाले राम को सम्मान मिला।
आज जो सिद्धांत छोड़कर सत्ता से समझौते के सहारे धन संपत्ति बना रहे हैं उन्हें इनाम हुसैन का बलिदान समझ नहीं आयेगा, जो सत्य के लिए लड़ रहे हैं उन साधनहीनों के लिए वह बलिदान प्रेरणा है।
کربلا کی یاد سچائی، انصاف اور بے لوث قربانی کی ایک لازوال مثال ہے۔
#محرم کے اس مقدس مہینے میں، دعاء ہے کہ کربلا کا یہ پیغام ہمارے دلوں میں ہمدردی پیدا کرے، ہمارے ایمان کو مضبوط بنائے، اور ہماری زندگیوں میں امن ، امید اور باہمی سمجھ بوجھ کا باعث بنے۔
The remembrance of Karbala stands as a timeless reminder of truth, justice and selfless sacrifice.
On #Muharram, may its message inspire kindness, strengthen our faith and bring peace, hope and understanding into our lives.
हज़रत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) का सब्र, हक़, क़ुर्बानी और शहादत इंसानियत के लिए हमेशा एक रोशन मिसाल रहेगी।
कर्बला का पैग़ाम हमें ज़ुल्म, नाइंसाफ़ी और बातिल के सामने कभी सिर न झुकाने, बल्कि हक़ और इंसाफ़ के लिए डटकर खड़े रहने की तालीम देता है।
मुहर्रम के इस मुक़द्दस मौके पर आइए, हम उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का अहद करें।
#Muharram
हज़रत इमाम हुसैन की शहादत का पैगाम यह है कि हर स्थिति में हक़ और इंसाफ के लिए खड़ा होना है, चाहे इसकी कोई भी क़ीमत चुकानी पड़े, ईमान का तकाज़ा यही है, मज़लूमों की एकता कायम करना और ज़ालिम के आगे सर नही झुकाना।
आइए! हज़रत इमाम हुसैन की शहादत से प्रेरणा लेते हुए हम सभी हक़ और इंसाफ की राह में डटे रहे और अपने देश की रक्षा व शोषित वंचित मज़लूम समाज की आवाज़ बुलंद करें।
#TheMessageOfKarbala
कर्बला, कर्ब और बला ही नहीं
कर्बला, मख़्ज़ने हयात भी है
कर्बला, रहगुज़ार-ए-ईमानी
कर्बला, राहे हक़ सिफ़ात भी है !
कर्बला, ज़ुल्म से बग़ावत का
एक ऐलान है सदा के लिये
कर्बला, ने हमें दिया है सबक़
यूँ जियो दीने मुस्तफ़ा के लिये !
कर्बला, इम्तहाने अहले बैत
कर्बला, ज��ं निसारियों का सुबूत
कर्बला, ज़ुल्मतों की ऑंधी में
जगमगाते हुए दियों का सुबूत !
कर्बला, है वफ़ा ए अब्बासी
कर्बला, तिश्नगी की शिद्दत भी
कर्बला, ज़िंदगी का इक मक़सद
कर्बला, लज़्ज़ते शहादत भी !
कर्बला, बे रिदाइ ए ज़ैनब
कर्बला, हुर्मला का तीर भी है !
नेज़ा ए जब्र के जवाबों में
सब्र ओ ईसार का ज़मीर भी है !
कर्बला, सब्र और कनाअत की
एक मेराज भी है ईद भी है !
कर्बला, नूरे अहले बैत ए रसूल
कर्बला, ज़ुल्मते यज़ीद भी है
कर्बला, एक जुर्रत ए इंकार
कर्बला, ज़ुल्म ��ी शिकस्त भी है
कर्बला, शिम्र की रऊनत भी
कर्बला, वहमें ख़ुदपरस्त भी है !
कर्बला, लाशा ए अली अकबर
कर्बला, क़त्ले शीरख़्वार भी है
कर्बला, दर्द है सकीना का
कर्बला, दीन का वक़ार भी है !
जो सियह रात में चमक उट्ठा
कर्बला, हुर का वो मुक़द्दर है !
कर्बला, है इबादतों का शऊर
कर्बला, दीने हक़ का मज़हर है !
आइये हम सजा के महफ़िले दिल
ख़ामुशी का कलाम पेश करें !
बारगाहे हुसैन में चल कर
अपना अपना सलाम पेश करें !
~���ासिफ़ फ़ारूक़ी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज ��ी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है। सफ़र लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूँगा।
जय हिंद। जय संविधान। 🇮🇳
विस्तार में पढ़ें: https://t.co/vyj9WhFIhO
"मज़लूम होते हुए फ़तेह हासिल करना, यह मैंने इमाम हुसैन से सीखा"
~ महात्मा गाँधी
आज मुहर्रम के मौके पर हज़रत इमाम हुसैन (AS) की अज़ीम क़ुर्बानी को याद करते हुए आइए, मोहब्बत, भाईचारे, इंसाफ़ और आपसी सौहार्द के रास्ते पर चलने का संकल्प लें।
#Muharram
हज़रत इमाम हुसैन जी का संघर्ष, त्याग और बलिदान हमें असत्य, अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध मानवता की सबसे मज़बूत ढाल बनने की सीख देता है।
आज मुहर्रम के दिन हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
राहुल जी, आप एक मुश्किल लड़ाई लड़ रहे हैं, इसका अंजाम चाहे जो भी हो लेकिन आने वाली नस्लें पूछेंगी कि जब देश फ़ासिस्ट ताक़तों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा था तब तुम कहॉं थे तब हम फ़ख़्र से कहेंगे कि हम डरे नहीं थे, हम झुके नहीं थे, हम बिके नहीं थे, हम रुके नहीं थे बल्कि सदी के दूसरे गॉंधी, राहुल गॉंधी के कंधे से कंधे मिला इस लड़ाई को लड़ रहे थे।
अगर आपने पेपर लीक, परीक्षा में धांधली, या महँगी fees का दर्द झेला है
अगर इस व्यवस्था ने आपके सपने तोड़े हैं
अगर आपके परिवार ने आपकी पढ़ाई के लिए जीवनभर की कमाई लगा दी है
तो सुनिए: ‘छात्रों की गूंज’ आपकी आवाज़ है।
यह सिर्फ़ एक अभियान नहीं, यह आपकी मांग को सरकार तक पहुँचाने का ज़रिया है। सस्ती शिक्षा। निष्पक्ष परीक्षा। सम्मानजनक रोज़गार।
और इसमें जुड़ना सिर्फ़ 30 सेकंड का काम है:
1️⃣ नीचे दिए लिंक पर जाइए
2️⃣ अपना नाम भरिए, अपने सुझाव दीजिए
3️⃣ पिटिशन sign कीजिए - बस।
आपका एक हस्ताक्षर इस लड़ाई को ताक़त देगा। जितने ज़्यादा नाम, उतनी बुलंद गूंज।
👉 अभी sign कीजिए: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj