उमर खालिद के वालिद डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि,
उमर के खिलाफ कोई केस ही नहीं है, उन्हें बिना किसी वजह के जेल में बंद कर रखा है। अभी तक छह साल हो गए हैं, लेकिन छह साल में ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। इससे लगता है कि एक आदमी को पूरी जिंदगी जेल में रखना चाहते हैं। चाहे वह दस साल बाद जेल से बाहर आए या छह साल बाद, उसकी जिंदगी के छह या दस साल तो ऐसे ही बर्बाद कर दिए।
हरिद्वार में 12 दिन की कांवड़ यात्रा के दौरान 4 करोड़ 80 लाख कांवड़िए 7 हजार मीट्रिक टन कचरा गंगा घाटों पर फैलाकर चले गए। सबसे बुरा हाल मां गंगा के आरती क्षेत्र हरकी पैड़ी का रहा।
https://t.co/4vnjK9uMRs
#kanwaryatra2026#Sawan2026#Haridwar#KanwarMela#HindiNews
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद जब हर की पैड़ी के आसपास सफाई शुरू हुई, तो चेंजिंग रूम में बड़ी संख्या में पानी की बोतलों में पेशाब भरा मिला।
सफाईकर्मियों का आरोप है कि ये बोतलें कांवड़ियों द्वारा छोड़ी गई हैं।
आस्था अपनी जगह है, लेकिन स्वच्छता और सार्वजनिक जगहों की गरिमा भी उतनी ही जरूरी है।
किसी भी धार्मिक यात्रा की पहचान सिर्फ भीड़ और भक्ति से नहीं, बल्कि अनुशासन और जिम्मेदारी से भी होनी चाहिए।
#Haridwar #KanwarYatra #HarKiPauri #CleanHaridwar #SwachhBharat #कांवड़यात्रा #हरिद्वार
पत्रकार - राम मन्दिर पर आप लोग Discussion चाहते हैं पर ये State का Subject है !
प्रियंका जी - तो फिर मोदी जी ने उद्घाटन क्यों किया था ? फिर पूरे देश से चंदा ले कर इकट्ठा क्यों किया ?
पत्रकार - अब्बा, डब्बा, चब्बा 🤣🤣🤣
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के मटैहना तिराहा स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम देने के आरोप को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ग्राम सड़वा गुलहरिया निवासी अकबाल अहमद ने कर्मचारी पर मारपीट, दाढ़ी नोचने, धार्मिक व जातिसूचक अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया।
कहाँ हैं योगी आदित्यनाथ के मनोरंजन प्रभारी गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ला?
झाँकने भी गए इस घर में?
गोरखपुर के शिवकुमार त्रिपाठी के भयावह हत्याकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है।
सिर पर 8 वार और गले पर 2 कट के निशान!
पहले बाँके से मारा। फिर तलवार से काट डाला!!
ये खबर योगी आदित्यनाथ को हँसाने की खातिर हर मंच पर खी खी करने वाले सांसद जी तक पहुंचा दीजिएगा।
क्या पता किसी रोज़ रिमोट से लहँगे की जगह सोई आत्मा भी उठकर जाग जाए!!
सबसे पहले मठ मंदिरों और संघियों को RSS मुख्यालय नागपुर फीस शाकाहारी सप्लाई शुरू करो संजय निषाद जी।
CM आवास लखनऊ में बाबा जी का शाकाहारी जायका बढ़ाइये।
देर किस बात की?
आप योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं वही सबसे बड़ा सर्टिफिकेट है।
आत्मनिर्भर भारत या चाइना निर्भर भारत??
झालर का बहिष्कार बोलकर सारा माल चीन से आ रहा है और निर्देश सारे अमेरिका से।
पहलगाम हमले के बाद तो अमेरिका निर्भर भारत ही ज्यादा चर्चा में है। वह बेइज्जत करे या निर्देश दे, डंकापति जी हर हाल में दंडवत हैं।
Plastic Note के नाम पर नया प्रयोग!
कहा जा रहा है कि ₹10 और ₹20 के Polymer Notes का फील्ड ट्रायल होगा और करीब 100 करोड़ नोट बाजार में उतारे जाएंगे।
सवाल यह है कि जब डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है, तब करोड़ों नए नोट छापने और पूरी करेंसी व्यवस्था बदलने पर इतना खर्च क्यों?
अगर मकसद सिर्फ नोटों की उम्र बढ़ाना है, तो पहले यह बताया जाए कि पुराने नोटों की छपाई, सुरक्षा और वितरण पर होने वाला खर्च कितना है और Polymer Notes पर कुल कितना खर्च आएगा।
जनता को सिर्फ नोट ज्यादा चलेंगे नहीं, पूरी लागत और पारदर्शी हिसाब चाहिए।
जिस शख्स को पीटा जा रहा है, उसका नाम राहुल सिद्धार्थ है। राहुल सरकारी डॉक्टर हैं। वो अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से जा रहे थे, रास्ते में आवारा गाय आ गई, गाड़ी की टक्कर लगी और गाय मर गई। इसके बाद जो हुआ वो आपके सामने है। राहुल को हिंसक भीड़ ने बुरी तरह पीटा, उनकी गाड़ी को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। यह मामला उत्तर प्रदेश के बदायूं का है।
इस वीडियो में आप देखेंगे कि जब राहुल को पीटा जा रहा है, तो वहां पुलिस भी मौजूद है। इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश हो, जहां जानवर के नाम पर इंसान के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जाता हो। इंसानों को जानवरों की तरह पीटा जाता हो। उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया बार-बार दंभ भरते हैं कि उन्होंने प्रदेश को मुक्त बनाया है, वो यह नहीं कहते कि उन्होंने अघोषित तौर पर दक्षिणपंथी धार्मिक कट्टरपंथियों को अराजकता और हिंसा करने का लाइसेंस दे दिया है।
पुलिस की मौजूदगी में राहुल को पीटा जा रहा है। लेकिन मजाल भला कि पुलिस उसे बचाए। जबकि यही पुलिस अभियुक्तों के पैर में गोली मारकर उनका एनकाउंटर करने के लिए विख्यात हो चुकी है। लेकिन इस हिंसक झुंड के सामने पुलिस ऐसे बेबस हो, मानो वह अधिकार विहीन हो।