माननीय मुख्यमंत्री महोदय @HemantSorenJMM एवं राज्य के मुख्य सचिव महोदय से सादर निवेदन है कि हम सभी सहायक पुलिस के मन में एक असमंजस बनी हुई है अपने भविष्य को लेकर। @JharkhandCMO@The_FollowUp 🙏🏿
सहायक पुलिस के लिए सदैव एक अभिभावक के समान खड़े रहने वाले, हमारे हितों और आवाज़ को समझने वाले माननीय मंत्री महोदय श्री सुदिव्य कुमार सोनू जी के हम सबो को छोड़कर चला जाना हृदय को गहरा आघात पहुँचाया है।
आपका यूँ अचानक चले जाना हमारे लिए एक ऐसे अभिभावक को खोना है, जो कठिन समय में हमारा सहारा बने।
आपका स्नेह, सहयोग और सहायक पुलिस के प्रति आपका अपनापन सदैव हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार एवं सभी शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
भावभीनी एवं विनम्र श्रद्धांजलि। 🙏
ॐ शांति। 🕉️
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अब हेमंत सोरेन सरकार एक और आंदोलन की तैयारी करवा रही है।वर्ष 2017 में झारखंड के 12 नक्सल प्रभावित जिलों में 2500 सहायक पुलिस कर्मियों की नियुक्तियां अनुबंध पर हुई थी। 1800 कभी भी कार्यरत है.।
जुलाई में सभी 1800 सहायक पुलिसकर्मी का अनुबंध समाप्त हो गया।सरकार ने उनके अनुबंध को फिर से रिन्यू नहीं किया।
अब 9 साल नौकरी करने के बाद ये सहायक पुलिसकर्मी कहां जाएंगे माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी?
@AdityaPdSahu@yourBabulal@dasraghubar@bjpkarmveer
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"मज़दूर से भी कम वेतन देकर,
सरकार ने साबित कर दिया—
हमलोग खतियानी झारखंडी की कीमत यहां सिर्फ़ वोट तक है।"
"जब वेतन मज़दूर से भी कम और काम 24 घंटे का,
तो समझ में आता है की सरकार हमें कर्मचारी नहीं, अनुबंध कर्मी के नाम पर बंधुआ मज़दूर समझती है।"
"मज़दूर से भी कम वेतन—
ये सरकार की नहीं, शोषण की नई नीति है।"
1. एक तरफ सरकार मइंया सम्मान राशि के रुप में 150,000,000,000 पंद्रह हजार करोड़ रुपए वार्षिक खर्च कर देती है। और दुसरी तरफ सहायक पुलिस जैसे राज्य के युवा 10000 और 13000 में अपनी जवानी सरकार को दे दी। यहां तक तो एक सामान्य पुलिसकर्मी का भता भी हमारे वेतन से ज्यादा है। वेतन तो छोड़िए।
2. क्या इस मंहगाई में 13,000 में संभव है ।
3. कल दिनांक - 10.08.2025 से दुमका और सिमडेगा जीला का अनुबंध भी खत्म होने जा रहा है।
माननीय @HemantSorenJMM महोदय आपसे बहुत उम्मीद है सारे सहायक पुलिस मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इतने कम मानदेय में दो बच्चों को पढ़ाना तो छोड़िए, एक परिवार को भरण पोषण करना भी मुश्किल है। @JMMKalpanaSoren मैम हम सभी के चिंताओं को दुर करते हुए। मानदेय में बढ़ोतरी और स्थायी करने की दिशा में पहल करें। @IrfanAnsariMLA@DipikaPS@chamralindaJMM@deepakbiruajmm@JmmJharkhand@JharkhandCMO@ShilpiNehaTirki@kumarsudivya@hafizulhasan001@sunny_sharad
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी को पुनः एक बार राज्य के मुख्यमंत्री बनने पर समस्त सहायक पुलिस की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और ढ़ेर सारी शुभकामनाएं। 💐💐💐💐💐💐
दो दो बार आपने आश्वासन दिया, आपने ही कहा की आपके अनिश्चित भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो सकता। हमने दो वक्त का रोटी तो ही मांगा था,कोई बहुत बड़ा नहीं मांगा, आपने तो वो भी छिन लिया। हम सब का पिछले माह में ही अनुबंध भी खत्म हो गया। हमलोग तीन (03) कैबिनेट से शांतिपूर्वक
आज ऐसा लग रहा है कि झारखंड में गरीब परिवार में जन्म लेना भी हम सभी सहायक पुलिस के लिए गुनाह है जिस प्रकार से आर्थिक, मानसिक शोषण के साथ विगत 7वर्षों से डियूटी करते आ रहे हैं अपना हक अधिकार में तो सिर्फ यही तो मांगा कि सरकार कुछ वेतन बढ़ा दो इस महंगाई में घर परिवार नहीं चल पा रहा।
@INCIndia झारखंड में सहायक पुलिस को झारखंड पुलिस में क्यों नहीं समायोजन किया जा रहा है फिर 49 दिनों से अपनी माँगों को लेकर आंदोलन रत हैं लेकिन अपनी हक न्याया की माँग कर रहे हैं सर कब तक आदिवासी मूलवासियों को न्याय मिलेगा 2021 और 2022 में बोलेl
@RahulGandhi@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren
माननीय मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी सहायक पुलिस पिछले 50 दिनों से रांची में हैं हम सभी झारखंड के आदिवासी मूल निवासी हैं दिनांक 22-07-2024 को जो सहमति बनी थी उसको आगामी कैबिनेट में लाया जाए। इसके लिए हम सहायक पुलिस आपका आभारी रहेंगे।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी सहायक पुलिस और सरकार के बीच जो सहमति बनी है उसको आगामी कैबिनेट में लाया जाए। इसके लिए हम सहायक पुलिस आपका हमेशा आभारी रहेंगे।
@JharkhandCMO महिला सहायक पुलिस सम्मान कब होगा सर आज 50 दिनों से अपने समान जीवन जीने का हक मांग रही है सर अपने छोटे छोटे बच्चों को लेकर सर सहायक पुलिस भी आदिवासी मूलवासियों के गरीब बच्चे को भी न्याय करें श्रीमान इस महंगाई में दस हजार में 24 * 7 दिन ड्यूटी कर करके घर परिवार कैसे चलेगा सर l
माननीय विधायक खिजरी राजेश कच्छप जी को सहायक पुलिस के तरफ से एक संदेश है कि आपको राजनीति करना काम है कीजिए, लेकिन विपक्ष के सहारा लेकर जो गांव गरीब के बच्चों को बार-बार ठगने के काम किए हैं वो बहुत गंदा है ।
👉🏿 2020 में 15 दिनों का आश्वासन आपके माननीय मंत्री जी दिए थे, कुछ हुआ नहीं हुआ।
👉🏿 मांडर के पूर्व विधायक बंधु तिर्की ने 60 दिनों के लिखीत आश्वासन दिए थे, कुछ हुआ नहीं हुआ।
आश्वासन..... आश्वासन...... आश्वासन अब माननीय आश्वासन पर भरोसा नहीं होता है कैसे भरोसा करु जिसे दो दो बार ठगा गया हो।
आपके साथ हुई वार्ता को सहायक पुलिस स्वीकार करती है लेकिन उसे लागू करवाया जाए। @INCJharkhand@IrfanAnsariMLA@DipikaPS@RajeshThakurINC@BannaGupta76@INCIndia@GAMIR_INC