गांधी जी को याद करना रस्म नहीं, आत्ममंथन है। वे सत्ता की नहीं, सद्भाव की राजनीति करते थे। उन्होंने सिखाया कि असली राष्ट्रसेवा, सबकी भलाई में है।
"सबकी भलाई में ही हमारी भलाई निहित है।" महात्मा गांधी पुण्यतिथि पर विनम्र नमन । #GandhiJayanti#Gandhi#श्रद्धांजलि@SahityaMarg
साहित्य की ��ौधे बड़ी नाज़ुक और हरी होती है। इसे राजनीति की भैंस द्वारा चर लिए जाने से बचाए रख सकें तभी फ़सल हमें मिल सकती है।
फणीश्वरनाथ रेणु
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कवि, नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार तथा निबन्ध-लेखक व हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। जिन्होंने हिन्दी काव्य में एक तरह से छायावाद की स्थापना करने वाले युगप्रवर्तक लेखक जयशंकर प्रसाद की जन्म जयंती पर उन्हें सादर न���न।💐🙏🏻
जब वह क्षण आता है जिसे हम "अंतिम" कहते हैं तब वह अंतिम बिल्कुल नहीं लगता। लगता है जैसे कोई पुरानी पहचानी-सी घड़ी वापस लौट आई है।
- निर्मल वर्मा
पुण्यतिथि पर सादर नमन 💐🙏
“समर शेष है, न��ीं पाप का भागी केवल व्याध,
जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।”
-रामधारी सिंह दिनकर
राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत, वीर रस के महान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती पर उन्हें सहृदय नमन।💐 🙏
जब तुम अपने मस्तक पर बर्फ़ का पहला तूफ़ान झेलोगे
और काँपोगे नहीं—
तब तुम पाओगे कि कोई फ़र्क़ नहीं
सब कुछ जीत लेने में
और अंत तक हिम्मत न हारने में।
स्रोत-
पुस्तक : प्रतिनिधि कविताएँ (पृष्ठ 92),रचनाकार :कुँवर नारायण,
प्रकाशन :राजकमल प्रकाशन @RajkamalBooks ऑडियो: @TheViralFever