इतना पीटने के बाद भी भाई की जुबान से इलाहा इल्लल्लाह, मुहम्मदुर रसूलुल्लाह ﷺ की आवाज़ आ रही
मुस्लिम व्यक्ति को बुरी तरह से पीट कर उसको अस्पताल लेकर जाने की जगह पुलिस उसके हाथ बांध कर उसके मरने का इंतज़ार कर रही है क्या...?
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया का यह दूसरा वीडियो ���ै। @Jour_Nadeem इसमें भी @SureshChavhanke के पंटर्स को एक्सपोज़ कर रहे हैं। यह गैंग निर्लज्ज तो था ही, लेकिन इस हद तक निर्लज्ज होगा, कि बिन बुलाए ‘दूसरों’ के कार्यक्रम में जाकर बाधा पहुंचाएगा, इसका अंदाज़ा नहीं था। लानत है ऐसे जोकरों पर।
यूपी पुलिस को शायद ये वीडियो नहीं मिला।
@Uppolice से मेरे कुछ सवाल है।
⚠️गोली मारने की धमकी देने वाले इस लफंगे अभिषेक के पास क्या हथियार मौजूद है ?
⚠️क्या हत्या और गोली मारने की धमकी द��ना अपराध नहीं रहा ?
⚠️हत्या की धमकियों के साथ जयश्रीराम बोलना क्या धर्म को बदनाम करना नहीं हैं?
⚠️क्या ये हथियार इसे किसी आतंकी संगठन ने उपलब्ध करवायें है ?
पुलिस से उम्मीद है इन सभी पहलुओं पर जाँच करें।
📍 उज्जैन, मध्य प्रदेश
खरसोड़खुर्द एक हिंदू महिला के साथ यात्रा कर रहे दो मुस्लिम युवकों को VHP-बजरंग दल से जुड़े लोगों ने रोककर “लव जिहाद” का आरोप लगाया।
आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की और उन्हें सरेआम घुमाया गया।
किसी पर आरोप लगना अलग बात है, लेकिन कानून हाथ में लेकर अपमानित करना और सार्वजनिक रूप से हिंसा करना यही कानून का राज है?
नंदीग्राम उपचुनाव - आज दिन में जो हुआ 👇
1. पहले ममता बनर्जी के कैंडिडेट ने नामांकन वापस लिया
2. फिर ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन दिया
3. अब कांग्रेस के कैंडिडेट को भी गिरफ्तार कर लिया गया
देश में निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जिस तथाकथित मीडियाकर्मी ने हंगामा किया है, वो @SureshChavhanke के चैनल में कार्यरत है। @Jour_Nadeem ने उस नफ़रती रिपोर्टर को मौके पर ही Expose कर दिया।
शामली पुलिस चुन-चुन कर उन पत्रकारों, सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ FIR दर्ज कर रही है, जिन्होंने इस मामले में ‘फटकार’ शब्द का इस्तेमाल किया है। क्या ये इत्तेफाक ही ह��� कि वो सभी लोग ‘दूसरे’ हैं? अगर ऐसा नहीं है तो एक ‘हिंदी पत्रकार’ ने भी इसी शब्दावली का इस्तेमाल किया है, लेकिन उस ‘हिंदी पत्रकार’ का नाम FIR में नहीं है।
मैं यह नहीं चाहता कि उस ‘हिंदी पत्रकार’ के खिलाफ भी FIR दर्ज होनी चाहिए। लेकिन @PoliceShamli से यह सवाल ज़रूर है कि जब FIR का आधार ‘फटकार’ ही है तो वही ‘फटकार’ शब्द का इस्तेमाल तो ‘हिंदी पत्रकार’ ने भी किया है। जब मापदंड एक ही है, तो फिर उसमें भेदभाव कैसा? और किसलिए! सवाल यह भी है कि क्या पुलिस संविधान और कानून से ही चल रही है, या ‘ऊपरी आदेश’ से! किसी शायर ने भी क्या खूब कहा है।
मैं पत्थर हूँ मेरे सर पर यही इल्ज़ाम आता है,
कहीं भी आईना टूटे मेरा ही नाम आता है!
Only Allah’s name will remain ☝️
“I can give up wealth, but not Islam. Once you become a Muslim, you cannot go back. And if you turn back, you were never a Muslim in the first place.”
— Ayush Malik
मैंने आयुष मलिक के मामले में पहले ही कहा था कि जो व्यक्ति एक बार इस्लाम को गहराई से समझ ले वो इस्लाम का ही रह जाता है.
आज कोर्ट के सामने आयुष मलिक ने स्पष्ट कह दिया कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया है, उन पर किसी तरह का दबाव, धमकी या जबरदस्ती नहीं थी।
ख़ुशी कि बात ये ह��� कि हाईकोर्ट ने उन्हें अपनी मर्ज़ी से रहने, अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने, अपनी पसंद के धर्म को मानने और कानून के मुताबिक अपने शादीशुदा जीवन को लेकर फैसला लेने की आज़ादी दे दी है।
आ��ुष मलिक ने अपनी पसंद और अपने फैसले पर डटे रहकर जो हिम्मत दिखाई, आज उस आज़ादी की जीत पर उन्हें बधाई देते हैं।
दुआ है उनकी ज़िंदगी मोहब्बत, सुकून और खुशियों से भर जाए।
📍लोनी, गाजियाबाद
बताया जा रहा है कि इसी वीडियो को लेकर विवाद शुरू हुआ।
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हाजी सलमान ने लोनी विधानसभा के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए सड़क और कॉलोनियों की बदहाल ���्थिति दिखाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के बजाय यहां लंबे समय से हिंदू-मुसलमान के नाम पर राजनीति होती रही है।
आखिर डर किस बात का है मसूद साहब?
जिस तरह 100 साल से भी पुरानी मस्जिद को किसी ऐरे-गैरे दल के एक कार��यकर्ता की याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए बुलडोजर से ढहा दिया गया, यह आखिर कहाँ तक उचित है?
अगर मस्जिद, मदरसे और मुस्लिम मुद्दों पर मुस्लिम नेता नहीं बोलेंगे, तो आखिर कौन बोलेगा?
"मेरा एक भाई था बुलंदशहर का, उसने इनके (चंद्रशेखर रावण) के ऊपर गोली चलाई। वो सही जगह नहीं लगी। वो गोली लग जाती तो आज इतना तमाशा थोड़ी होता"
ऑन कैमरा यह कबूल करने वाला व्यक्ति अभिषेक ठाकुर है। स्वतंत्र भारद्वाज का दोस्त है। ��ह भी उन्हीं कपिल मिश्रा के साथ फोटो खिंचाता है, जिन्हें स्वतंत्र अपना बड़ा भाई बताता है।
Fact : अक्टूबर 2020 में चंद्रशेखर आजाद पर बुलंदशहर, यूपी में कथित हमले के प्रयास की घटना हुई थी। पुलिस ने जांच में माना कि कोई फायरिंग नहीं हुई थी।
सहारनपुर मस्जिद के 1896 के दस्तावेज़ है फिर भी मस्जिद को बुल्डोज़ कर दिया गया, काग़ज़ होते हुए भी मस्जिद को तोड़ दिया! हाईकोर्ट जाने का मौक़ा भी नहीं दिया गया! बोले हमज़ा मसूद
कल मुरादाबाद सर्किट हाउस परिसर में नमाज�� अदा करने वाले शख्स पर @Uppolice ने FIR दर्ज की थी। आज ग़ाज़ियाबाद के लोनी में हिस्ट्रीशीटर के गुर्गे सड़क जाम करके माहौल बिगाड़ने के मक़सद से यह सब ड्रामा कर रहे हैं। @ghaziabadpolice इन पर FIR दर्ज नहीं करेगी? @myogiadityanath इन्हें अनुशासन नहीं सिखाएंगे?
पुलिस स्टेशनों और पुरानी बनीं पुलिस चौकियों में मंदिर बने हुए हैं। लगभग हर शहर में शिव चौक, श्री राम चौक, हनुमान चौक हैं, वो मंदिर हैं। लेकिन उससे किसी को आपत्ति नहीं है। सदियों पु���ानी इबादतगाहों बुजुर्गों के आस्ताने को निशाना बनाया जा रहा है, ताकि अपने पारंपरिक वोट बैंक को तुष्टिकरण किय��� जा सके! क्या किसी मुस्लिम संगठन ने सरकारी परिसर में बने मंदिरों का विरोध किया है? क्या किसी मुस्लिम संगठन ने उनके वैध अथवा अवैध होने का सवाल उठाया है? नहीं। लेकिन इबादतगाहों से तकलीफ है!
लखनऊ: हार के डर से बीजेपी यू पी का माहौल खराब करना चाहती है।
सहारनपुर की मस्जिद तोड़ना BJP की बौखलाहट है।
ये देश किसी मोदी योगी के फ़रमान से नहीं बाबा साहेब के संविधान से चलेगा।
सहारनपुर की मस्जिद तोड़ना संसद के क़ानून का खुला उल्लंघन है,दोषियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही होनी चाहिये।