व्यक्तिगत न होए अन्यथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जायेगी, रेडिकल इस्लामिस्ट और कम्युनिस्ट दूर रहें।
यहाँ फैक्ट पर बात होती है,अफवाहों को आग लगाते है🔸
1-जो तुम अपने आप से पूछने में शर्माते हो तुम मुझसे पूछ सकते हो,मैं तुम्हें जीवन के सत्य और इसके विज्ञान के माध्यम से तुम्हारी हर जिज्ञासा का जवाब दूंगा बस अपने अहंकार/ईगो को अपने घर रखकर आना।
Whatever you are shy to ask yourself, you can ask me, I will answer your every query...
@RohitELE@IndraBh92153265@write2divya तुमको रोक किसने था शिक्षा ग्रहण करने से अपनी आलस्य और निकर्मण्यता का दोष दूसरों पर न दो,जिसको शिक्षा लेनी होती है वो कैसे भी लेगा पर तुम्हे�� तो पवित्रता का कोई नियम मानने को ही नहीं था, हगोगे तो हाथ नहीं धोवोगे तो कौन तुमको स्वयं को छूने देगा?
अज्ञानी अब तो न रहो अब तो ��्ञान पाओ।
@00007_Jamesbond चरित्र जो गया किसी का भी,लौटकर नहीं आता,
लौटती सिर्फ बदनामियाँ और रुसवाईयाँ ही यहाँ।
आग लगी जो कहीं पे,बुझाई तो जा ही सकती है,
बुझायें कौन आग?जो अतृप्त मानस में लगी यहाँ।
-मणि
@the_venudhar@Muktadilse1 बिन देखे हो जाये जो प्यार है,
वो प्यार नहीं दिमागी बुखार है।
प्यार बस एक ही,नहीं हजार है,
ये बिके नहीं कोई सरे बाजार है।
-मणि
@tinkerbell9958 फूल तो यहां पे ज्ञानी निकला,लगाने वाला रह गया,
जो नहीं सीख ली प्रकृति से,वही यहां पर जल गया।
बची जो राख उसकी यहां,वो राख भी मिट ही गया,
मिट कर राख ने दी सीख,आया जो वही चला गया���
भ्रम न पाल तुम यहाँ कोई,स्वप्न तो झूठ ही हो गया,
सत्य का साथ कर लो,सत्य ही यहां बस ठहर गया।।
-मणि
@Sassy_Soul_ क्या मतलब क्रश का जो सुबह ब्रश न किया,
झूठे मूंह,झूठी बातों को ही हमने परोस दिया।
अजीब यह,झूठ की दीवारों पे झूठ टांग दिया,
फिर सरे बाजार,क्रश की चाहत नीलाम किया।
🔸▫️🔸▫️🔸▫️🔸🔹🔸▫️🔹🔸▫️
।।ॐ।।🙏
#सच_से_कर_पर्दा_तो_बुढौती_कहर_ढा_देगी
@Sassy_Soul_ क्या मतलब क्रश का जो सुबह ब्रश न किया,
झूठे मूंह,झूठी बातों को ही हमने परोस दिया।
अजीब यह,झूठ की दीवारों पे झूठ टांग दिया,
फिर सरे बाजार,क्रश की चाहत नीलाम किया।
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।।ॐ।।🙏
#सच_से_कर_पर्दा_तो_बुढौती_कहर_ढा_देगी
@iRitupriya_ ज्यूँ-ज्यूँ बढ़ता गया,समझ बढ़ी,समझता गया।
समझ क्या बढ़ी ये?उलझनों को बढ़ात��� गया।
आधी बात न छोडूं,सारे जज्बात बताता गया।
पाया कुछ भी नहीं,बस बचपन मिटाता गया।
-मणि
@spiritsarelow You know that sorrow gives birth to such a knowledge, after knowing which there is no sorrow. May God give you the strength to understand. Whenever you are very sad, remember your parents. I too lost my father in July last year and can understand your grief because of this ।ॐ।
@saumya_jakhar न जानना जानने से ज्यादा अच्छा होता है,
क्यूंकि उसमें कोई अपनापन नहीं होता है।
अपनापन दिखा कर दर���द जीवन का देते है,
अनजानों से कौन गिला-शिकवा करते है?
@saumya_jakhar न जानना जानने से ज्यादा अच्छा होता है,
क्यूंकि उसमें कोई अपनापन नहीं होता है।
अपनापन दिखा कर दर्द जीवन का देते है,
अनजानो��� से कौन गिला-शिकवा करते है?
@DieWanderin1 घर में रहते बिखरे जो कतरे,
बाहर निकलते हो जाते एक।
यही तो पहचान प्राणी की है,
मनुष्य क्या बदला गया,देख?
सब यही करते,न करते नया,
बदले न खुद,पढ़े बहुत लेख।
नया क्या,पुराना भी खो दिया,
मानव बनता अब दानव,देख।
भारत विविधता का है ये देश,
ज्ञान भारत का बनाता है ��ेक।
-मणि
@rajeshmodimodi सभी रिश्ते हो जाये सही,
जब राह पकड़े हम सही।
राह हमारी हो क्या सही?
दिखा आईना भी तो सही।
आईना दिखाएंगे गर सही,
क्या पा जायेग वजू�� सही?
समझ बढ़ा के अपनी सही,
राह को ढूंढ तू ले भी सही।
समझ बढ़े अब कैसे सही?
'राम' नाम को जप सही।
।।राम।।🙏-मणि
@rajeshmodimodi भूल तो गए है हम खुद अपने आप को,
भला दोष क्या दे हम दूसरे अन्जान को।
अन्जाने प्यार पर लुटाते अपनी जान को,
जाने कब देंगे मायने खुद की पहचान को।
-मणि