कई लोग कहते हैं कि रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को यादव होने के चलते फंसाया गया।
असल में ये हवा-हवाई बात है। जो अयोध्या की राम मंदिर को ठीक से समझते हैं वह टिन्नू यादव की पॉवर को भी समझते होंगे।
टिन्नू यादव राम मंदिर का वह इकलौता व्यक्ति है जिसके पास वॉकी-टॉकी रहता था। वह मंदिर के अंदर से मैसेज दे देता था कि फला व्यक्ति को वीआईपी गेट से एंट्री करवाओ। दर्शन करवाओ।
सोने-चांदी के जो महत्वपूर्ण दाने होते थे वह सबसे पहले टिन्नू यादव के ही पास जाते थे। इसके बाद केडी तिवारी के पास।
राम मंदिर में कुल 36 दान पेटियां लगी हैं, एक दान पेटी की दो चाभी होती है। नियम के मुताबिक एक चाभी बैंक के पास व दूसरी ट्रस्ट के पास होनी चाहिए, लेकिन दोनों चाभियां टिन्नू के पास रहती थी।
टिन्नू की करोड़ों की संपत्तियों के बारे में तो पढ़ा ही होगा। टिन्नू जी के मुताबिक वह संपत्तियां ऑटो चलवाकर बनाई है।
@VoiceOfTribals_ ये गुरु जी बेवकूफों की तरह बात कर रहे है भारत में केंद्र राज्य दोनों खर्च करते है जो पूरे इंडिया की जीडीपी का 4% के करीब होता है और चीन भी अपने जीडीपी का 4% के करीब ही खर्च करता है।
हर खर्च जीडीपी के आधार पर ही देखा जाएगा न
इनके पढ़ाये बच्चे कही के नहीं होंगे
@KKRWeRule 1.8 फिटमेंट फैक्टर बता रहे हो अभी 1.6 है ही और अगले साल तक 1.7 के आसपास रहेगा तो इसका कौन सा लॉजिक बना रहे हो अगले 10साल तक का सोच कर देगी बाकी लिविंग का तरीका अगले बार से चेंज हो चुका है उसका भी ध्यान रखा जायेगा 2.2 से ऊपर ही देगी फिक्स है
@KKRWeRule 30 saal नौकरी करके किसी कंपनी में आज लोग 2.5 लाख कमा रहे है इंसेंटिव अलग से और सरकारी नौकरी वाले 80 हजार कमा रहे है सबको प्रॉब्लम है बस सरकारी नौकरी वाले से
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘अपराधियों का एनकाउंटर’ और ‘पुलिस को पूरी छूट’ जैसी शब्दावली का त्याग कर देना चाहिए। अपनी पहचान के स्थायित्व के पीछे भागते सम्राट चौधरी यह भूल रहे हैं कि योगी, हिमांता या शुवेंदु अधिकारी की पहचान इन सबने परिश्रम से गढ़ी है।
इनकी लीग में खड़े होने के लिए दो दिन का बुल्डोजर और चार रैंडम एनकाउंटर बेकार है। आपको राज्य मिला है, संचालन आपके हाथ में, पर्यटन जैसे अविकसित क्षेत्र हैं जो पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ कर सकता है। आपकी लेगेसी समृद्ध बिहार होना चाहिए।
अपराध मुक्ति उसका पहला चरण है, पर क्या पुलिस इतनी उच्छृंखल हो जाएगी कि सारण में पीड़िता को ही चरित्रहीन कह देगी? पटना की नीट छात्रा की आत्महत्या की गुत्थी आज तक नहीं सुलझी है। भारत भूषण की हत्या एक नया तीर है, जो बिहार पुलिस ने ले लिया है।
पुलिस को पुलिसिंग पर ध्यान देने कहिए, करुणा उसका आभूषण है, शक्ति का प्रयोग उसका विवशता होनी चाहिए। भारत भूषण के हाथ का पिस्तौल उसे भगत सिंह नहीं बनाता, वह एक आपराधिक कृत्य है। पुलिस पर तानना और भी बड़ा अपराध।
उसके पोस्ट में जिसको फिलॉसफी दिखे, वो मानता रहे, पर मैं यदि इस नैराश्य के भाव में हाथ के बंदूक को उचित कहने लगूँ तो फिर कश्मीर के अल्गाववादी और दिल्ली के अलफला के आतंकी भी अपने आप को फिलॉसफी से समझा लेते हैं।
@samrat4bjp पुलिस निर्दोष नहीं है, वह दंड का पात्र है क्योंकि भारत (अपराधी होने के बाद भी) हत्या से पूर्व पिस्तौल दे चुका था। आप अपनी भाषा पर नियंत्रण रखिए क्योंकि उसे आधार बना कर यदि पुलिस खुन्नस में एनकाउंटर करने लगेगी, तो आपकी ही साख पर बट्टा लगेगा।
एक 15-16 की लड़की को एक लड़का जबरन परेशान करता था। एक तरफा प्यार टाइप मामला था। लड़का कहता कि अगर तुम मुझसे बात नहीं करोगी तो मैं कुछ भी कर लूंगा। कभी जान देने तो कभी कुछ और बात करता। लड़की स्कूल से निकलती तो वह भी साथ ही निकल लेता था। जबरन साथ चलता।
दोनों एक ही गांव के और एक ही जाति के थे। उसका ये प्यार अजीब इसलिए भी था कि वह अपने दोस्तों में लड़की को लेकर अजीब बात करता। मसलन, वह मुझसे प्यार करती है, मिलने को बुलाया था, गिफ्ट दी। जबकि ऐसा कुछ था नहीं। ये सब बात लड़की को पता चला तो अवसाद में चली गई। किसी से कुछ कह नहीं पा रही थी।
आजकल यूपी पुलिस की महिला अधिकारी स्कूल कॉलेजों में जाने लगी हैं। वहां लड़कियों से बात करती हैं, पूछती हैं कि कोई दिक्कत तो नहीं। कई बार तो ये महिला अधिकारी अपना पर्सनल नंबर लड़कियों को दे देती हैं। एक महिला इंस्पेक्टर उस लड़की के स्कूल ने गई थी। उन्होंने भी नंबर दे दिया।
एक दिन लड़की उस लड़के से हताश हो गई। परेशान होकर उसने मैडम को बता दिया। मैडम ने अगले दिन उस लड़के को पकड़ा और अपने साथ चौकी लेकर गई। वहां समझाया। दो पुलिस के सिपाहियों ने भी अपने तरीके से समझाया। लंगड़ाते हुए लोगों के कुछ वीडियो दिखाए। लड़का समझ गया कि अब अगर कुछ किया तो मामला गड़बड़ हो जाएगा।
उस दिन से वो लड़की खुश है, लड़का डिप्रेशन में है। आगे सही हो जाएगा लेकिन अब हरकते नहीं करेगा। स्कूलों और कॉलेज में पुलिस अधिकारियों के जाने की योजना जिसने भी बनाई, वह तारीफ का हकदार है। इससे लड़कियों के स्कूल से कॉलेज में पढ़ने जाने की संभावना बढ़ जाएगी।
"बहनजी से मिलेंगे तो 5 लाख रुपए लेकर चलना। वहां बताएंगे- आप विधायक का टिकट चाहते हैं। इन 5 लाख रुपए का कोई हिसाब-किताब नहीं रहेगा। टिकट के लिए 3 करोड़ 35 लाख रुपए देने होंगे। अभी एक-डेढ़ करोड़ जमा कर दीजिए, जो बचेगा उसके लिए एक-डेढ़ महीने का समय मिलेगा। सरकार बनती है तो गारंटी है- आपको मंत्री बनवाएंगे"।
ये सौदेबाजी कर रहे हैं- बहुजन समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल।
ये विवाद काफी गंभीर और भावुक हो चुका है
लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट या सबूत सामने नहीं आया है जो रोशन आनंद सर के आरोपों को पुष्टि करे अब राकेश यादव सरभी इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं इससे विवादऔर गरमा गया हैअब कोई चुप नहीं बैठना चाहताहै
#khansirvsraushansir#khansir
#8CPC ने सुझाव लेने की अंतिम तिथि 15 जून के बाद से सबमिशन लिंक बंद कर दिया है। अब सारा फोकस मीटिंग्स और रिपोर्ट तैयार करने पर होगा। #AINPSEF अपने सहयोगी संगठनों के साथ लगातार कमीशन के साथ इंटरेक्शन कर रहा है। हमें भरोसा है कि कमिशन 2027 के बजट से पहले अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सबमिट कर देगा और कर्मचारियों तथा पेंशनर्स को अप्रैल 2027 से बढ़ी हुई सेलरी एवं पेंशन मिल सकती है। आयोग से भी गुजारिश है कि हम सबके इंतजार को जल्द से जल्द साकार करने की कोशिश करे। #ManjeetSinghPatel