ये वीडियो महाराष्ट्र से है। यहाँ हमेशा हिंदी भाषी लोगों को लेकर तनाव की स्थिति रहती है। हाल ही में ऑटो ड्राइवर को थोड़ी बहुत मराठी सीखने को अनिवार्य करने का फैसला लिया गया था।
लेकिन उसी महाराष्ट्र में दही हांडी के उत्सव पर भोजपुरी गाने पर प्रोग्राम हो रहा है। क्या ही कहा जाए।
🚨 URGENT LEGAL HELP NEEDED 🚨
I have been detained by Immigration at Delhi IGI Airport due to a Look Out Circular (LOC) issued by the Chennai Cyber Crime / Tamil Nadu Police regarding a X Twitter Post in June,which is already deleted.
We need a criminal defense lawyer in Delhi/NCR who can immediately reach the IGI Airport Police Station or Patiala House Court to handle the situation and contest the upcoming transit remand.
Please amplify and tag any available criminal lawyers or legal aid networks.
#LegalHelp #DelhiAirport #LawyersOfX #DelhiLawyers #UrgentLegalAid
केंद्रीय मंत्री @iChiragPaswan ने खुलकर निशू आज़ाद के पक्ष में स्टैंड लिया है और उस गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज से किसी भी तरह के रिश्ते से इंकार किया है . इसके लिए चिराग़ की तारीफ की जानी चाहिए . क्या कपिल मिश्रा जैसे बीजेपी नेता यही बात कह सकते हैं ?
पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
बात तो ऐसे कर रहा जैसे प्रधानमंत्री ने व्हाट्स एप किया हो। अब मोदी जी पर निर्भर करता है कि वे स्वतंत्र का कितना साथ देते हैं। इसी से पता चल जाएगा कि तीन बार के प्रधानमंत्री के पास कैसे लोग हैं। प्रधानमंत्री की ये हालत हो गई है कि वो ऐसे लोगों के साथ खड़े रहें तो उससे अच्छा है ये कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। जिस कुर्सी पर बैठ कर आप वैज्ञानिक से लेकर समाजसेवी, उद्योगपति से लेकर अपनी पार्टी के कार्यकर्ता की सोहबत पा सकते हैं अगर स्वतंत्र की सोहबत उनके लिए, गृहमंत्री के लिए, चिराग़ पासवान के लिए ज़रूरी बन जाए तो सबको अपना पद छोड़ देना चाहिए। संसद मार्ग थाने का नाम स्वतंत्र भारद्वाज थाना होना चाहिए। दिल्ली पुलिस का नाम स्वतंत्र भारद्वाज पुलिस होना चाहिए।
दिल्ली पुलिस की सारी “बहादुरी” क्या छात्रों और महिला पत्रकारों पर लाठियाँ बरसाने के लिए ही बची है? कहाँ हैं मोदी जी? ये कबूलनामा सुना या नहीं? अमित शाह जी, आप तक आवाज़ पहुँची या नहीं?
रौब और रसूख़ का अंदाज़ देखिए - मानो सत्ता से लेकर पुलिस-प्रशासन तक सबकी डोर इनके ही हाथ में हो! सवाल सिर्फ़ एक व्यक्ति के दावे का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का है जिसमें कोई इतनी बेख़ौफ़ी से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और दिल्ली पुलिस तक का नाम लेकर अपना प्रभाव जताने लगे।
अगर ऐसे दावों पर भी सत्ता और पुलिस खामोश रहें, तो जवाबदेही किसकी होगी?
Maharashtra Police has arrested so called activist Santosh Pandit.
His video questioning a BJP MLA about HSRP plates and seat belts went viral two days ago.
What a despicable criminal Mr Santosh Pandit is! Some of his heinous crimes include -
- Showing the potholes on Pune roads.
- Showing poor traffic enforcement of @PuneCityTraffic@PuneCityPolice
- Pointing out violations by Netas and/or Goondas
- Raising awareness about civic issues.
Of course he deserves to be arrested.
I just wish we were a democracy!
पुण्यातील समाजसेवक संतोष पंडित यांना पुणे पोलिसांनी मध्यरात्री एक वाजता केली अटक.
पुणे पोलिसांना गावगुंड आणि कोयता गॅंग कधी आवरता आली नाही, परंतु चांगल्या माणसाला त्रास देण्यासाठी मध्यरात्री देखील ते सरसावलेत.
पुणे पोलीस आणि भाजपचा धिक्कार असो.
@Dev_Fadnavis@PuneCityPolice
MH 12 YJ 3333…
Maharashtra’s CM @Dev_Fadnavis doesn’t demand that traffic be stopped for him,so who exactly is this VIP?
There is no one even visible inside this vehicle,yet police personnel were seen stopping traffic for it.
Whoever this vehicle belongs to,one can only feel sorry for such VIP culture.
Is this really the Maharashtra we want where an empty car gets more importance than an ordinary citizen?
Does a poor common man have no value in this state?
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।
A divorced woman’s appeal to Rahul Gandhi.
Her 2 daughters are pursuing MBBS, but they are unable to get an educational loan this year. Without the loan, their academic year could be lost.
Hoping that Rahul ji will raise her voice and support her cause, she came to pune.
अगर छात्र हित के लिए 7 घंटे से ज़्यादा थाने में बैठना राजनीति है तो राहुल जी ये राजनीति करते रहेंगे !
#RahulGandhi#SansadMargPoliceStation
📍थाना, संसद मार्ग , नई दिल्ली