#सिवनी/ भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2020 बेंच के अधिकारी एवं कार्यकारी संचालक मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर श्री अनिल कुमार राठौर ने मंगलवार को प्रभारी कलेक्टर सिवनी के रूप में पदभार ग्रहण किया। @CMMadhyaPradesh@JansamparkMP#seoni
#सिवनी/अपर कलेक्टर सुश्री सुनीता खंडायत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में #जिलास्तरीय_जनसुनवाई आयोजित हुई। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री सी एल चनाप, संयुक्त कलेक्टर सुश्री प्रियंका वर्मा सहित सभी विभागाधिकारी उपस्थित रहे। @CMMadhyaPradesh@JansamparkMP#seoni
बैठक में जनगणना 2027 के अंतर्गत जारी स्व-गणना अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर अपर कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्वयं स्व-गणना कर उदाहरण प्रस्तुत करने तथा अपने अधीनस्थ अमले की शत-प्रतिशत स्व-गणना सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
@dbabuadvocate आजकल के 'गोदी' मीडिया के युग में तो गोदी पत्रकार को ही फेंकना उचित रहेगा।
इस नाव 🛶और इस समाज में उसके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
ध्यान रहे कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकार पर यह लागू नहीं होगा।
मैंने तो कब का डिश टीवी📡 फेंक दिया।
कान 👂पक गए थे इनकी बकवास सुन सुन कर।
प्रकाशा धाम के दर्शन और शूलपाणेश्वर की दुर्गम यात्रा ने वर्षों पुरानी आध्यात्मिक स्मृतियाँ ताज़ा कर दीं।
बेटी प्रतिज्ञा के साथ संत आश्रमों में पहुँचना विशेष अनुभव रहा।
सेवादारों की निष्ठा और मिले सम्मान हेतु हृदय से आभार।
खाटू श्याम जी असल में बर्बरीक थे—
घटोत्कच के पुत्र और महादानी वीर।
उनके पास तीन ऐसे बाण थे,
जो अकेले ही पूरा युद्ध जीत सकते थे।
महाभारत से पहले श्रीकृष्ण ने उनकी परीक्षा ली।
वे ब्राह्मण का वेश बनाकर आए और पूछा—
“तुम किसका साथ दोगे?”
बर्बरीक बोले—
“जो हारेगा, मैं उसी का साथ दूँगा।”
श्रीकृष्ण समझ गए कि यदि ऐसा हुआ,
तो युद्ध का संतुलन बिगड़ जाएगा।
तब उन्होंने दान में बर्बरीक का शीश माँग लिया।
बर्बरीक ने बिना हिचक
शीश दान कर दिया।
उनकी इस अद्भुत भक्ति और दानवीरता से
श्रीकृष्ण अत्यंत प्रसन्न हुए और वरदान दिया—
“कलियुग में तुम मेरे नाम से पूजे जाओगे—
श्याम के नाम से,
और हारे हुए का सहारा बनोगे।”
तभी से वे कहलाए—
खाटू श्याम बाबा 🌸
हारे का सहारा, श्याम हमारा।
@mpanktiya बिल्कुल तीन तरह के रिचार्ज होने ही चाहिए
1. जिसमें कॉलिंग + इन्टरनेट हो
2. जिसमें सिर्फ कॉलिंग हो
3. जिसमें सिर्फ इन्टरनेट हो
जिससे आम जनता को लाभ मिल सके न कि कंपनियों को!
कलेक्टर श्रीमती पटले ने फार्मर रजिस्ट्री के प्रकरणों की अनुभागवार समीक्षा करते हुए शेष किसानों का पंजीयन समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के विकास कार्यों हेतु भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। @CMMadhyaPradesh