सरकार कोई भी हो युवाओं की फ़िक्र नहीं करते
रेलवे में रिक्त पद= 3 लाख+
NTPC गैजुएट वैकेंसी =8113
NTPC इंटर लेवल वैकेंसी = 3445
कुल पदों पर भर्ती= 11588
रेलवे में फॉर्म भरने वाले छात्रो की संख्या =2 करोड़+
ये सिर्फ युवाओं को लॉलीपॉप दिया जा रहा है
#RRBNTPC_VACANCY_INCREASE
#RRBNTPC_VACANCY_INCREASE
❌2020 - 00 पद
❌2021 - 00 पद
❌2022 - 00 पद
❌2023 - 00 पद
🔥2024 - 11500
5 सालो बाद भर्ती आई और मात्र 11500 पर ही व फॉर्म भरने वाले 1 करोड़ से ज्यादा ,आखिर क्या मजबूरी है रेलवे की जो इतने पद खाली होने पर भी भर्ती नहीं कर रहा 😟
#RRBNTPC_VACANCY_INCREASE
मंहगाई बढ़ रही है , जमीन की कीमतें बढ़ रही है !
बढ़ रही है पेपर में धांधली ।
अगर घट रही है तो वो केवल रेलवे की वेकैंसी
वो भी जब लाखो पद खाली है ऐसी दुर्दशा रेलवे की होगी कभी सोचा न था !
#RRBNTPC_VACANCY_INCREASE
शेयर मैनिपुलेशन..
हर्षद मेहता का यही अपराध था। बिगबुल के नाम से मशहूर हर्षद, जो खरीदना शुरू करते थे, उसकी कीमत में भारी उछाल आ जाता।
बाद में पता चला कि वे कुछ दलालों की एक रिंग बनाकर काम करते। ये लोग चयनित शेयरों को ऊंचे भाव पर खरीदने लगते। लोग देखादेखी खरीदते।
जब उनके रेट खूब चढ़ने लगते, तो हर्षद और उनके साथी मुनाफे पर बेचकर खूब पैसा कमाते।
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भांडा दूसरी जगह से फूटा।
इतने शेयर खरीदने, तेजी लाने के लिए अकूत पैसा चाहिए। हर्षद ने कुछ बैंको के बड़े अफसरों को सेट किया।
मान लीजिए आज बैंक में कैश रखा है- 300 करोड़। पर नहीं रखा है।
असल मे वाल्ट में है मात्र 20 करोड़।
बाकी कहाँ है- तो वह मेहता जी ने, चेयरमैन साहब से अनऑफिशियल उधारी लेकर मार्किट में लगा दिया है।
वो कम्प्यूटर का दौर नही था। हिसाब बराबर करने को फर्जी "बैंक रिसीट" लगा दी जाती। याने गैप का पैसा, फर्जी पावती लगाकर, दूसरे किसी बैंक को देना दिखा दिया जाता।
कुछ समय बाद, ये पैसा हर्षद लौटा देता। खेल बढ़िया चल रहा था, की एक लेडी पत्रकार ने ट्रेस कर लिया, और भांडा फूट गया।
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शेयर घोटाला जब फूटा, वित्तमंत्री का इस्तीफा हुआ। कई बैंकों के अफसर नपे। नीचे से ऊपर सिस्टेमिक चेंज हुए। बैंको का कम्प्यूटराइजेशन हुआ।
हालांकि ऐसा ही खेल बाद में केतन पारिख में खेला। वे भी अंततः धरे गए, जेल गए। सिस्टम में और सुधार हुए।
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हिन्डनबर्ग उसी लेडी पत्रकार, सुचेता दलाल की तरह हैं। सुचेता को आगे चलकर, पद्मश्री मिली। हिंडनबर्ग को जार्ज सोरोस का दलाल और विदेशी टूलकिट होने की पदवी मिली।
वैसे, शेयर मैनिपुलेशन आज भी अपराध है। 5 साल की जेल है, और ऐसे अपराध के आगम से बनाई सम्पत्तियो को राजसात किया जाना होता है।
पर तब मामला 5000 करोड़ का था।आजकल ऐसे मैनिपुलेशन के लिए 5-7 लाख करोड़ लगेंगे। कहाँ से आएगा इतना धन??
आपको भी करना हो,
तो मैं रास्ता बताता हूँ।।
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आप भारत मे एक कम्पनी बनाओ,
दूसरी विदेश में।
मान लो, आप पॉवर प्लांट चलाते हैं। जिसमे 5 रुपये यूनिट का मुनाफा नार्मल है।लेकिन इसपे टैक्स भरना पड़ेगा।
तब आप प्लांट का कोयला, अपनी ही विदेशी कम्पनीयो से, खूब महंगे में खरीदें। तो कमाएगी आपकी विदेशी कम्पनी, और घरेलू कम्पनी का लाभ केवल 5 पैसे का दिखेगा।
घण्टा टैक्स ? हिहिहि।।
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अब आपका सारा मुनाफा आपकी विदेशी कम्पनी के खातों में धरा है।
तो विदेश में टैक्स लगेगा न..
अरे नही भाई। आप विदेशी कम्पनी रजिस्टर कराओगे बहामा में, बरमूडा में, केमेंन आइलैंड, पनामा..
याने किसी टैक्स हैवन में।
सुसरा एक्को टैक्स नही।
पर भइया, ये सब काम किसी भरोसे के आदमी से करवाना। मैं तो कहता हूँ कि अगर आपका एक भाई हो, तो उसको विदेश में सेटल कर दो, वोही ये सब गोरखधंधा देखेगा।
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हां, तो अब यहां का पैसा, विदेश तो खूब भर भर के जमा हो गया। इसको इंडिया कैसे लाओगे।
तो इसका भी रास्ता है न दोस्त। आप मॉरीशस में कम्पनी बनाओ। मॉरीशस से भारत की एक संधि है। वहां से अगर इन्वेस्टमेंट आता है, तो ज्यादा पूछताछ नही है, टैक्स नही है।
तो केमेंन आइलैंड वाली कम्पनी का पैसा, मॉरीशस वाली कम्पनी में डालो। औऱ फिर मॉरीशस वाली कम्पनी इंडिया में इन्वेस्ट करेगी। शेयर खरीदेगी।
सरकार भी खुश..
कहेगी, देखो कित्ता विदेशी निवेश आ रहा है।
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उससे अपने ही शेयर खरीदो। इससे तुम्हारी कम्पनी का मूल्य बढ़ेगा। इतना बढ़ेगा की, शेयर गिरवी रख के 2 लाख करोड़ का लोन ले लो।
इस लोन से फिर महंगा कोयला खरीदो, अपनी ही विदेशी कम्पनी से ओवर इंवॉयसिंग करके।
धूम टैक्स बचाओ। फिर उसको मॉरीशस ट्रान्सफ़र करो। फिर उसको FDI दिखाकर यहां इन्वेस्ट करो। फिर लोन लो।
फिर महंगा कोयला खरीदो।
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ऐसे करके, 10 साल में आप दुनिया के दूसरे अमीर बन जाओगे।
एकदम आसान है न??
न, न, न!!
नही है।
बाबू,ये क्राइम है, फ्रॉड है,
टैक्स इवेजन है, मनी लांड्रिंग है।
आप धरा गए तो सात पुश्ते जेल में कटेंगी।
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आप पूछो रास्ता क्या है?
पूछो पूछो।
मनीष भाई के पास सब इलाज है।
तो मितरों, रास्ता ये है की एक पार्टी खरीदो, उसके लिए खजाना खोल दो। उसको हवाई जहाज दो, फंड दो, टीवी चैनल खरीदकर दो। लेकिन इससे ज्यादा जरूरी, उसे चूतिये ट्रोल खरीदकर दो।
इस तरह अपने देश में पब्लिक,और पूरे सत्ता प्रतिष्ठान को खरीद लो।फिर कभी कोई विदेशी रिसर्च फर्म तुम्हारा भांडा फोड़ भी दे, तो कुछ न बिगड़ेगा।
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ये काम, हर्षद मेहता नही कर पाया। केतन पारिख नही कर पाया। बेचारे छोटे चोर थे।धर लिए गए।
हर्षद जेल में गए, वहीं मौत हुई।
पर मेरा नुस्खा आजमाएंगे, तो जेल नही जाएंगे। आप देश के जाने माने उद्योगपति, और राष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था के कर्णधार कहलायेंगे।
😂❤️🙏
@narendramodi यानी आप हलाल buffalo beef कंपनी का चंदा लौटाने वाले हैं? जिन कंपनी की दवाई drug test में फेल हो रही थी, उनसे लिया हुआ चंदा लौटाने वाले हैं? सही है, इस तरह का पैसा आपको लौटा देना चाहिए।
जब रेलवे नोटिस जारी करके यह बता सकती है कि ग्रुप डी का फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में करवाया जाएगा तो क्या इसी नोटिस में ग्रुप डी परीक्षा के परिणाम की अनुमानित तारीख बता पाना संभव नहीं था? @RailMinIndia@AshwiniVaishnaw#declare_groupd_result
इस नोटिस से संबंधित अहम सवाल:-
1. बाकी RRC पर अभी तक क्यों नहीं? 2. किसी RRB के वेबसाइट पर अभी तक क्यों नहीं? 3. इस नोटिस में कुछ भी NEW जानकारी क्यों नहीं? 4. रेलवे की किसी भी ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल्स से भी अभी तक इसकी कोई जानकारी क्यों नहीं? 5. PIB Fact Check No reply, Why?
आत्मचिन्तन,
रेलवे में आखरी बार भर्ती 2019 में आई थी|अब अगर इस हिसाब से देखे तो लगेगा कि new vacancy क्यो नही आई,दूसरी तरफ देश के युवा अभ्यर्थियों के लिए पुरानी भर्ती का पूर्ण होना ही सबसे बड़ी बात है तो फिर नई भर्ती या रोजगार की कोई दूर दूर तक सोचे भी कैसे ?
#railway#RRB_NTPC
चुनाव आते ही लाखों पदों की घोषणा करना फिर 3-4 साल तक भर्ती को अटकाये रखना और
अंततः घोषणाए झूठी साबित हो जाती है.😶
बस इन्ही झूठी घोषणाओं के बीच प्रदेश का युवा मानसिक तनाव के साथ जी रहा है
इन युवाओ के लिए कब कुछ अच्छा होगा?
*बड़ा दुख होता हैं आपके mail पढ़कर
#51000_MPTET_VARG_3
4 साल की नौकरी, फिर बेरोजगारी वाली अंधेरी रात: BJP 4 साल की नौकरी का मॉडल सभी नौकरियों में लागू करेगी।
4 साल के लिए युवा ठेके पर रखे जाएंगे, 4 साल बाद बेरोज़गार।न परमानेंट जॉब, न पेंशन।
युवाओं को एकजुट होकर इस मॉडल के खिलाफ आवाज उठानी होगी, वरना परमानेंट नौकरियां बचेंगी नहीं।
छोटा सा जिला चलाने के लिए IAS की तैयारी करनी पड़ती है । और देश चलाने के लिए अनपढ़ों को चुन लेते हो। कहा से होगा देश का विकास। फ्री मे नमक चना तेल दे सकते हो पर फ्री मे शिक्षा नही दे सकते हैं क्योंकि शिक्षा तो सवाल पैदा करती है ।