"सब ठाकुर थे चाकू तलवार डंडा लेकर आए हम पटेल है इसलिए घर में घुसकर मारे औकात है तो बगल में यादव गांव है वहां जाकर देखो।" - पीड़ित कुर्मी महिलाएं📍
बनारस में कुछ स्वजातीय लोगों ने पटेल समाज को पीटा और उल्टा केस करवाकर जेल में डलवा दिया अनुप्रिया पटेल चुप है।
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
@abhijeet_dipke भैया 🙏
लोकतंत्र बचाने के लिए देश की चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष होना ही चाहिए।
लेकिन अब लोगों को संदेह है कि चुनाव आयोग पारदर्शी तरीके से चुनाव नहीं करवा रहा है।
आप से मेरे जैसे करोड़ों भारतीयों का उम्मीद है कि आप ऐसे भ्रष्ट लोगों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
उप्र में सरकार नहीं, सत्ता सजातीयवाद चल रहा है।
सत्ता सजातीय अपनी हनक दिखाने के लिए पीडीए पर लगातार प्रहार कर रहे है। पीडीए पर किया गया हर आक्रमण, भाजपा को सदैव से सत्ता से दूर कर देगा।
@jayantrld किसान आंदोलन को क्या से क्या कह कर बदनाम किया गया, लगभग 700 किसान शहीद हो गए।
लखीमपुर-खीरी में बीजेपी मंत्री के बेटे ने थार से किसानों को रौंद डाला।
एक शब्द नहीं निकली आपके मुंह से।
नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।
सत्य ये है कि उप्र में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुँह मोड़ कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।
ये शासन में पक्षपात करते हैं और प्रेस वार्ता में एकतरफ़ा बयानबाज़ी। अब क्या ये भी कहेंगे कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’
#प्रेस_एकालाप
पहले विश्वास नहीं हुआ, लगा AI से बना होगा, चैनल के हैंडल पर जाकर चेक किया तब यकीन हुआ कि वास्तव में इतना पतन हो चुका है। सांप्रदायिकता और जातिवाद का कॉकटेल बिना किसी मर्यादा के। अभी तो चुनाव की घोषणा भी नहीं हुई तब ये हाल है, चुनाव में क्या करेगा ABVP न्यूज और एंकर समाज!
Stay silent and BJP goons will keep exposing themselves just like this.
Let the country see first hand what level of disgust is being openly supported by the regime.
Hindutva extremist Swatantra Bhardwaj spoke about attacking the father of a CJP protester during a podcast.
He said that the man received 60 stitches and was on the verge of death, adding that “a Section 307 case was warranted,” yet he walked out within a day after a call from Kapil Mishra.
He also says that both Kapil Mishra and Chirag Paswan are his “elder brothers” and that he has the support of every politician.
DM पर तो नाजायज़ काम करने पर, हाईकोर्ट के जुर्माने की फटकार पड़ गई लेकिन उनका क्या होगा, जिनके दिशा-निर्देश में ये सब प्रतिशोधात्मक काम हो रहा है?
D से पहले तो C आता है ना?
बाक़ी… जनता समझदार है।
मैनपुरी पुलिस के सीओ अशोक कुमार सिंह मूंछ उमेठते हुए जो कह रहे हैं,
उसमें ज़रा भी हैरान नहीं होना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ के दौर में यूपी पुलिस 'योगी पुलिस' बन चुकी है।
ऐसे में मूंछ उमेठते हुए ये कहना कि ‘जाओ अखिलेश यादव को दे देना’, कोई हैरानी की बात नहीं है।
अशोक कुमार सिंह अब नोएडा या गाजियाबाद जैसी प्राइम पोस्टिंग के हकदार हो चुके हैं।
अगली ट्रांसफर लिस्ट की प्रतीक्षा कीजिए।