राष्ट्रीय सचिव/प्रभारी समाजवादी अधिवक्ता सभा M. MH.Goa. GJ.DD.DNH. Ex Independent Journalist,Allahabad University,
Politician,EX MSYYB UP Secretary, Ex JPN7 N
भारत को BJP भाषा के नाम पर तोड़ने कि साजिश रच रही है,अगर भाषा महाराष्ट्रा में अनिवार्य रूप से लागू होती हैं तो लोकसभा में उत्तरभारतीय भाषा अनिवार्य किया जाए।
@PratapSarnaik@CMOMaharashtra@PMOIndia
हर राज्य की मातृभाषा का सम्मान और उत्थान होना चाहिए लेकिन किसी भी भाषा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इससे देश की भाषिक-भाविक एकता में दूरी और दुराव पैदा होता है।
मुंबई में भाजपा के उत्तर भारतीय नेता हैं या भ्रष्टाचार में लीन होकर ठंडे पड़े हैं।
क्या इस तरह की भाषा-ज्ञान की शर्त रखकर किसीको संपूर्ण देश में व्यवसाय करने की स्वतंत्रता के सांविधानिक अधिकार का हनन नहीं होता है?
अगर ऐसा ही है तो फिर जो विदेशी कंपनियाँ मुंबई में काम कर रही हैं, उन पर भी ये शर्त लागू हो लेकिन होगी नहीं क्योंकि धन लोलुप भाजपा धनवानों के आगे कालीन की तरह बिछने को तैयार रहती है। भाजपा का सारा ज़ोर गरीबों, शोषितों, वंचितों और उपेक्षितों पर ही चलता है।
एक तो भाजपा सरकार नौकरी-रोज़गार नहीं दे रही है, दूसरी तरफ़ जो अपनी रोज़ी-रोटी अपनी मेहनत से कमा रहे हैं, उन पर भी वार-प्रहार कर रही है। कहीं इसके पीछे भी कमीशनख़ोरी का खेल तो नहीं? हो सकता है भाजपा को कमीशन का लालच देकर ‘गाड़ियों की बड़ी कंपनियाँ’ आम जनता की सवारी ‘आटो -रिक्शा’ ही बंद करवाना चाहती हों, जिससे लोग बड़ी कंपनियों की महंगी गाड़ियों से चलने के लिए बाध्य हो जाएं।
अगर किसी राज्य में काम करने के लिए, स्थानीय भाषा के ज्ञान की यही अनिवार्य शर्त बाक़ी राज्यों ने लगा दी तो? हर व्यक्ति पढ़ा-लिखा नहीं होता है और न ही हर व्यक्ति की भाषिक क्षमताएं एकदम से किसी भाषा को सीखने योग्य होती हैं। यदि ऑटो-रिक्शावाले मानसिक दबाव में ऑटो चलाएंगे तो ये ड्राइवर के साथ-साथ सवारी-गाड़ी सबके लिए घातक साबित हो सकता है।
अगर ऐसा ही है तो मुंबई-महाराष्ट्र की भाजपा घोषित कर दे कि वो किसी हिंदी, ब्रज, बुंदेली, रोहेली-कौरवी, अवधी, भोजपुरी, मैथिली; हरियाणवी, गढ़वाली- कुमायूँनी; मारवाड़ी, ढूंढाड़ी, मेवाती, मालवी, हाड़ौती, बागड़ी, शेखावाटी, मेवाड़ी; गुजराती, काठियावाड़ी, सुरती, चरोतरी, महसाणी; तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयाली, तुलु, ओड़िया, गंजामी, संबलपुरी-कोसली, बालेश्वरी देसिया; सिंधी, पंजाबी; कश्मीरी-कॉशुर, डोगरी, गोजरी, पहाड़ी, शिना, बाल्टी, लद्दाखी; असमिया, मणिपुरी-मेइतेइलोन, मिजो, कोकबोरोक, खासी, गारो, नागामी, बोडो, भीली, गोंडी, कुड़ुख, मुंडारी, संथाली व अन्य भाषा भाषियों का एक भी वोट नहीं लेगी।
सरकारों को दिल भी बड़ा रखना चाहिए और दिमाग भी।
समाजवादी पार्टी मुंबई/महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री अबु आसिम आज़मी जी द्वारा मुझ जैसे एक छोटे से कार्यकर्ता पर दूसरी बार पुनः इतना बड़ा विश्वास करने के लिए मैं उनका हृदय की गहराई से बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूँ।
आज समाजवादी पार्टी मुंबई/महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री अबु आसिम आज़मी जी द्वारा श्री सन्दीप यदुवंशी जी, राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी — मुंबई/महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, दमन-दीव एवं दादरा एवं नगर हवेली, समाजवादी अधिवक्ता सभा को समाजवादी पार्टी मुंबई प्रदेश कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य नामित किया गया।
इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। निश्चित रूप से आपके संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता से समाजवादी पार्टी को और मजबूती मिलेगा।
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समाजवादी पार्टी मुंबई/महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री अबु आसिम आज़मी जी द्वारा मुझ जैसे एक छोटे से कार्यकर्ता पर दूसरी बार पुनः इतना बड़ा विश्वास करने के लिए मैं उनका हृदय की गहराई से बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करता हूँ।
#Akhileshyadav#SamajwadiParty#AbuAsimAzmi
सामाजिक न्याय साहस और संघर्ष की प्रतीक पूर्व सांसद स्वर्गीय फूलन देवी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।
विनम्र श्रद्धांजलि।
💐🙏
#फूलन_देवी#श्रद्धांजलि#सामाजिक_न्याय#समाजवाद
इस शासनादेश के आधार पर भाजपा सरकार चाहे तो बदले की भावना छोड़कर जौहर यूनिवर्सिटी का नक़्शा भी आसानी से एक दिन में पास करा सकती है। भाजपा अपने लोगों के लिए इस शासनादेश को मानती है लेकिन किसी और के लिए इसे इस्तेमाल न करके हर समाज के छात्रों और उनके परिवारवालों के ख़िलाफ़ नाइंसाफ़ी कर रही है। इस जीओ के आधार पर ही भाजपा सरकार ने हज़ारों भवनों को नियमित करके, उन्हें वैध स्वरूप प्रदान किया है।
भाजपा बहाना न बनाए, शिक्षा के मंदिर को बचाए!
विद्वेष हारेगा, सौहार्द जीतेगा!
‘पक्षपात’ अन्याय का सबसे प्रत्यक्ष रूप होता है।