UGC क़ानून का विरोध करने वालों को मैं पाकिस्तान जाने के लिए नहीं कहूँगी. उन्हें मैं देश का गद्दार और विपक्ष का दलाल भी नहीं कहूँगी…मैं उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा भी नहीं दर्ज करवाऊँगी और न ही मैं उनके विरोध प्रदर्शन को विदेशी फंडिंग से जोड़ूँगी.
अगर वो नए UGC क़ानून के लिए सरकार और मोदीजी की आलोचना करेंगे तो मैं उन्हें देशद्रोही भी नहीं कहूँगी. मैं उनके साथ ऐसा कोई बर्ताव नहीं करूँगी जो वो अब तक दूसरों के साथ करते रहे.
लेकिन कितनी हैरानी की बात है न कि पिछले 11 सालों में देश के पर्यावरण से लेकर लोकतंत्र तक…और इकॉनमी से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक…सब कुछ तहस-नहस कर दिया गया…बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार ने इस देश की जनता को तबाह कर दिया…
…कभी लोग भगदड़ों में कुचले गए तो कभी रेल दुर्घटनाओं में जान गँवाते रहे…लोग कीड़ों की तरह गंदा पानी पीकर मर गए लेकिन भाजपा के समर्थकों और अंधभक्तों ने चूँ तक नहीं की…
…लोग बीच बाज़ार पीट-पीटकर मार डाले गए, बेटियाँ रेप करके मार दी गईं, पूरी की पूरी बस्तियाँ जमींदोज़ कर दी गईं…लेकिन मजाल है कि सरकार से किसी ने चार सवाल पूछ लिए हों! उल्टा सवाल पूछने वालों को बेइज्जत किया गया…और मुकदमे किए गए…
लेकिन जैसे ही सरकार ने कुछ लोगों को उत्पीड़न और पक्षपात से बचाने के लिए एक क़ानून बनाया, इन अंधभक्तों और सरकार समर्थकों को ये क़ानून अपने ख़िलाफ़ लगने लगा! इनका सारा देशप्रेम और राष्ट्रवाद किनारे हो गया और ये लगे सरकार को गरियाने!
मेरा यकीन कीजिए…अगर विरोध की यही ऊर्जा देश के बाक़ी जरूरी मुद्दों पर खर्च की गई होती…इसी तेज़ी से सरकार से उसकी जिम्मेदारियों पर सवाल पूछे गए होते…तो आज देश की 80 करोड़ जनता सरकारी ख़ैरात के भरोसे ज़िंदा न होती.
सच ये है कि सरकार के अब तक के समर्थन के पीछे देशप्रेम और देश के विकास जैसी भावनाएँ थीं ही नहीं. आज जो लोग UGC पर सरकार को गालियाँ दे रहे हैं, उन्हें भी देश के विकास से ज़्यादा हिंदूराष्ट्र का इंतज़ार था…उन्हें विकसित भारत नहीं बनाना था, उन्हें तो अब्दुल को टाइट करना था…वो भूल गए थे कि ये देश एक लोकतंत्र है और ये संविधान से ही चलेगा.
UGC क़ानून सिर्फ इसलिए जरूरी नहीं था कि उससे शिक्षण संस्थानों में समानता का मूल्य स्थापित होगा…UGC क़ानून इसलिए भी जरूरी था ताकि सरकार के अंधसमर्थकों की मूर्छा टूटे…उनका ये भ्रम दूर होना जरूरी था कि ये देश उनकी अवैध मांगों से चलेगा…उन्हें इसका आभास होना भी जरूरी था कि भाजपा हिंदुत्व की नहीं वोटबैंक की राजनीति करती है…उसे अंधभक्तों से ज़्यादा वोटर्स की ज़रूरत है…खैर…
सरकार से सवाल पूछने, आलोचना करने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार ही लोकतंत्र को लोकतंत्र बनाता है…और जब ये अधिकार छिन जाते हैं तो लोकतंत्र तानाशाही में तब्दील हो जाता है. इसीलिए जिसे विरोध करना है वो खुलकर विरोध करे…सवाल पूछे…और आलोचना करे…यही लोकतंत्र है.
#UGC #UGCRegulations #UGCRegulations2026
अब हर हाथ में तिरंगा लहराएगा!
भाजपा का ज़ुल्म सहा न जाएगा!
युवा विरोधी भाजपा का छात्राओं और छात्रों पर लाठीचार्ज बेहद निंदनीय कृत्य है। हम युवाओं के साथ हैं!
इलाहाबाद में UPPSC में धांधली को रोकने के लिए अभ्यर्थियों ने जब अपनी माँग बुलंद की तो भ्रष्ट भाजपा सरकार हिंसक हो उठी।
हम फिर दोहराते हैं : नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं।
जब भाजपा जाएगी
तब नौकरी आएगी!
युवा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
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#uppcs2024
#no_normalization
#ro_aro_onedayexam
#uppsc_oneshift_onedayexam
#UPPCS_ROARO_ONESHIFT
उप्र में महिला अपराध की एक और दिल दहला देनेवाली घटना में कानपुर के हाईवे पर एक महिला की सिर कटी, निर्वस्त्र लाश का मिलना है। मृतका के साथ हुई बेरहम हिंसा और असीम शारीरिक पीड़ा दिये जाने के जो सबूत मिले हैं, नैतिकता कहती है उनका उल्लेख न किया जाए। मृतका के साथ हर संभव प्रताड़ना व दुष्कर्म के बाद हत्या करने की जो आशंका प्रकट की जा रही है, उस दिशा में निष्पक्ष जाँच हो और अपराधियों को चिन्हित कर, ऐसा दंड दिया जाए जो मृतका को न्याय दिलवा सके और पुलिस व सरकार को धता बताते हुए जो अपराध को अंजाम देते हैं, उनके मन में भय उत्पन्न करे, जिससे ऐसे महिला-अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।
आशा है भाजपा सरकार राजनीति से ऊपर उठकर इसकी जाँच करवाएगी।
भाजपा राज में एनकाउंटर का एक पैटर्न सेट हो गया है :
- पहले किसी को उठाओ
- फिर झूठी मुठभेड़ की कहानी बनाओ
- फिर दुनिया को झूठी तस्वीरें दिखाओ
- फिर हत्या के बाद परिवारवालों द्वारा सच बताये जाने पर तरह-तरह के दबाव व प्रलोभन से उन्हें दबाओ
- विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा भंडाफोड़ होने पर अपने दोयम दर्जे के नेताओं को आगे करके शीर्ष नेतृत्व को बचाओ
- फिर ‘जिसका दाना-उसका गाना’ वाले संबंधों को निभानेवाले मीडिया को दुष्प्रचार के लिए लगाओ
- फिर झूठ में पारंगत अपने तथाकथित बड़े भाजपाई नेताओं से ऐसे ग़ैरक़ानूनी एनकाउंटर को सही साबित करने के लिए तर्कहीन बयानबाज़ी कराओ
- सच्चे मीडिया को विपक्ष या विदेशी समर्थन पर जीनेवाला साबित करके उनकी बदनामी करवाओ और
- जनाक्रोश बढ़ने पर औपचारिक, दिखावटी जाँच कराकर मामला रफ़ा-दफ़ा करवाओ।
भाजपा अपने दल-बल के साथ ऐसे एनकाउंटरों को जितना अधिक सच साबित करने में लग जाती है, वो एनकाउंटर दरअसल उतना ही बड़ा झूठ होता है।
भाजपा ने सच का ही एनकाउंटर कर दिया है।
#नहीं_चाहिए_भाजपा
अम्बेडकर नगर.
✍️जलालपुर विधानसभा के रतना ग्राम क्षेत्र को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क.
✍️पिछले 15 सालों से मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क की हालत बद से बदतर..
✍️मार्ग बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के कारण आवागमन में हो रही दिक्कत.
@CMOfficeUP@myogiadityanath@AmbedkarnagarDM
उत्तरप्रदेश के कौशांबी में निर्दलीय दलित प्रत्याशी छेद्दू चमार जी, को बदमाश CO सत्येंद्र तिवारी ने जिस प्रकार से अभद्रतापूर्वक दुर्व्यवहार और धक्के मार कर बेइज्जत किया, यह बेहद ही शर्मनाक और असहनीय है। हम लोगों की क्या औकात है, इसी बात की ही तो लड़ाई है। #ArrestSatendraTiwari
बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय से तय होते हैं। वह जीतने के लिए तय नहीं होते वह इसलिए तय होते हैं कि समाजवादी पार्टी आगे ना बढ़ जाए: अखिलेश यादव
मा• अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी द्वारा आयोजित विधान भवन के सभा कक्ष में आचार, संसदीय शोध संदर्भ एवं अध्ययन समितियों की बैठकों में जनपद के विधानसभा आलापुर विधायक श्री त्रिभुवन दत्त जी समेत सभी सदस्य विधायकगण के साथ उपस्थित रहा।
@Satishmahanaup@UPVidhansabha
आधुनिक भारत के शिल्पकार, महान स्वतंत्रता सेनानी 'भारत रत्न' से सम्मानित 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि!