राजा जयचंद का महाबोधि महाविहार में अभिलेख मिला है।अभिलेख में आरंभ में ओम नमो बुद्धाय से है।इस अभिलेख में तथागत बुद्ध,बौद्ध देवता तारा देवी का भी जिक्र है। जयचंद राजा ने बोधगया महाविहार को दान दिया,उसकी सुरक्षा किया।#महान_बौद्ध_राजा_जयचंद
क्षत्रिय विरोधी आरएसएस!
आरएसएस के सरसंघचालक माधव गोललकर ने जिंदगीभर जयचंद कैसे गद्दार था इसका आरएसएस के लोगो को संघ शिविरो में बताया। गोलवलकर का 12, खंडों का साहित्य इसी से भरा पडा है।
#महान_बौद्ध_राजा_जयचंद
पंडित रामावतार शर्मा ने राजा जयचंद को गद्दार कहा और वही परंपरा बनाकर तथाकथित इतिहासकारों ने आगे चलाई।
जयचंद को ब्राह्मण इतिहासकारों ने गद्दार तो कहा लेकिन उनके पास सबूत क्या है? गप को इतिहास बनानेवाले ब्राह्मण वर्ग का जाहीर धिक्कार।
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राजा जयचंद का महाबोधि महाविहार में अभिलेख मिला है।अभिलेख में आरंभ में ओम नमो बुद्धाय से है।इस अभिलेख में तथागत बुद्ध,बौद्ध देवता तारा देवी का भी जिक्र है। जयचंद राजा ने बोधगया महाविहार को दान दिया,उसकी सुरक्षा किया।जयचंद बौद्ध थे इसलिए ही ब्राह्मण वर्ग ने उन्हें गद्दार घोषित किया।बौद्ध धर्म के विरोध में ब्राम्हणों ने आक्रांता लोगो को भारत में निमंत्रित किया!
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पृथ्वीराज चौहान को पकड़वाने के लिए मुहम्मद गोरी को भारत में बुलानेवाला राजा जयचंद नहीं ब्राह्मण कदम्बवास था। उस ब्राह्मण को बचाने के लिए राजा जयचंद को गद्दार घोषित किया गया।shame shame
आपकी क्या राय है @IAMRAJSHEKHAWAT जी
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राजा जयचंद का महाबोधि महाविहार में अभिलेख मिला है।अभिलेख में आरंभ में ओम नमो बुद्धाय से है।इसमें बुद्ध,बौद्ध देवता तारा देवी का भी जिक्र है। जयचंद राजाने महाविहार को दान दिया,उसकी सुरक्षा किया।जयचंद बौद्ध थे इसलिए ही ब्राह्मणोंने उन्हें गद्दार घोषित किया।
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नालंदा विश्वविद्यालय में 9 मंजिला दो ग्रंथालय थे जिन्हें आग लगाने का काम ब्राह्मणों ने किया इसका परिणाम तिब्बती ग्रंथ में मिलता है।
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RSS केवल क्षत्रिय विरोधी ही नहीं है बल्कि वो समस्त भारतीय मूलनिवासी विरोधी है आज भारत में जो भी समस्याएं पैदा हुई है वह सब RSS के वजहों से हुई है भारत के मूलनिवासियों को अब जागना होगा और RSS न सिर्फ बायकॉट बल्कि बंदोबस्त भी करना होगा
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राजा जयचंद के गुरु भिक्खू श्रीमित्र थे।उन्होंने राजा जयचंद को चंद्र राजलेख नामक पत्र लिखा था जो आज भी तिब्बत में उपलब्ध है। जयचंद बौद्ध राजा था यह इसका प्रमाण है।
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