विश्व रक्तदाता दिवस पर जिला अस्पताल में सन्नाटा था, 14 जून को दुनिया रक्तदान के लिए धन्यवाद करती है, यहां प्रशासन ने धन्यवाद देना भी जरूरी नहीं समझा।
न बैनर, न पोस्टर, न जागरूकता शिविर, न रक्तदाताओं का सम्मान।
#WorldBloodDonorDay@BSTVdigital@MoHFW_INDIA@WHO@CollectorRaisen
यह ग़ज़ल लिखने वाले बशीर बद्र की मौत हो गई है।
दो दिन से कई लोग बशीर मियाँ को सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल बता रहे हैं ।
उनको पता रहे कि ऐसी घटिया शायरी को बर्दाश्त करने वाला हिंदू समुदाय सहिष्णु है इसलिए बशीर बद्र मूर्तियों का अपमान और इस्लामिक इबादत की सर्वोच्चता एक ही कलाम में लिख सके !
खैर मैं उनकी मौत के बाद अपनी तरफ़ से इस गलती को माफ़ करता हूँ,ईश्वर सद्गति दें।
सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िंदगी ने कह दिया
तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा
मैं ख़ुदा का नाम ले कर पी रहा हूँ दोस्तो
ज़हर भी इस में अगर होगा दवा हो जाएगा
सब उसी के हैं हवा ख़ुशबू ज़मीन ओ आसमाँ
मैं जहाँ भी जाऊँगा उस को पता हो जाएगा
रायसेन जौहर दिवस पर उन सभी वीरांगनाओं के शौर्य को प्रणाम, जिन्होंने अपने सतीत्व और स्वाभिमान की रक्षा के लिए जौहर की अग्नि को गले लगा लिया। जौहर की पवित्र ज्वाला आज भी हमें राष्ट्रभक्ति और गौरव की प्रेरणा देती है।
#RaisenJohar
आज भी रायसेन के इस क़िले पर से तोप चलाकर-जिहादी नारे लगाकर वीरांगनाओं का अपमान किया जाता है,पूज्य मातृभूमि के स्वाभिमान चुनौती दी जाती है।
हम इन सबका इलाज करेंगे ,क्योंकि यह देश हमारा है।
वीरांगनाओं को नमन!
आज ही के दिन 06 मई 1532 को नारीशक्ति की प्रतीक रानी दुर्गावती सहित 700 राजपूत वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर किया था।
सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों को बलिदान करने वाली समस्त वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर कोटि-कोटि नमन।
#RaisenJauhar
06 मई 1532 को नारीशक्ति की प्रतीक रानी दुर्गावती सहित 700 राजपूत वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर किया था।
अपनी अस्मिता के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाली उन सभी महान वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर विनम्र श्रद्धांजलि और कोटि-कोटि नमन।
वीरांगनाओं को नमन!
आज ही के दिन 06 मई 1532 को नारीशक्ति की प्रतीक रानी दुर्गावती सहित 700 राजपूत वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर किया था।
अपनी अस्मिता के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाली उन सभी महान वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर विनम्र श्रद्धांजलि और कोटि-कोटि नमन।
#FlamesOfBravery
धन्य धन्य वो क्षत्राणी, जिनको वैभव ने पाला था।
आ पड़ी आन पर जब, सबने जौहर कर डाला था।
आज ही के दिन नारीशक्ति की प्रतीक राजपूत वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर कर प्राणों की आहूति दी थी।
समस्त वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर कोटि-कोटि नमन🙏🏻
आज ही के दिन 06 मई 1532 को नारीशक्ति की प्रतीक, रानी दुर्गावती जी सहित 700 वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर किया था।
अपनी अस्मिता के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाली उन सभी महान वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर विनम्र श्रद्धांजलि।
#FlamesofBravery
रायसेन किले में जौहर भारतीय इतिहास का अत्यंत वेदनापूर्ण अध्याय है।
आज ही के दिन राजपूत वीरांगनाओं ने अपने आत्मसम्मान की रक्षा हेतु अपने प्राण न्योछावर किए थे।
जौहर दिवस पर उन सभी वीरांगनाओं को शत-शत नमन।
#JauharDiwas
रायसेन किले में जौहर भारतीय इतिहास का एक दुखद पृष्ठ है,
आज ही के दिन राजपूत वीरांगनाओं ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी थी।
समस्त वीरांगनाओं को जौहर दिवस पर कोटि कोटि नमन।
सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों को बलिदान करने वाली समस्त वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर कोटि-कोटि नमन।
आज ही के दिन 06 मई 1532 को नारीशक्ति की प्रतीक रानी दुर्गावती सहित 700 राजपूत वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर किया था।
वीरांगनाओं को नमन!
आज ही के दिन 06 मई 1532 को नारीशक्ति की प्रतीक रानी दुर्गावती सहित 700 राजपूत वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर किया था।
सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों को बलिदान करने वाली समस्त वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर कोटि-कोटि नमन।
#FlamesOfBravery
धन्य धन्य वो क्षत्राणी,जिनको वैभव ने पाला था।
आ पड़ी आन पर जब,सबने जौहर कर डाला था।
रायसेन किले में जौहर भारतीय इतिहास का एक दुःखद पृष्ठ है। आज ही के दिन राजपूत वीरांगनाओं ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए प्राणों की आहूति दी थी।
समस्त वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर कोटि-कोटि नमन।
वीरांगनाओं को नमन!
आज ही के दिन 06 मई 1532 को नारीशक्ति की प्रतीक रानी दुर्गावती सहित 700 राजपूत वीरांगनाओं ने अपने मान, सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए रायसेन किले में जौहर किया था।
अपनी अस्मिता के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने वाली उन सभी महान वीरांगनाओं को "जौहर दिवस" पर विनम्र श्रद्धांजलि और कोटि-कोटि नमन।
#FlamesOfBravery
रायसेन किले में आत्मस्वाभिमान की रक्षा के लिए रानी दुर्गावती सहित 700 वीरांगनाओं द्वारा किए गए जौहर के स्मृति दिवस पर सभी मातृ शक्तियों को विनम्र श्रद्धांजलि🙏
धन्य धन्य वो क्षत्राणी, जिनको वैभव ने पाला था।
आ पड़ी आन पर जब, सबने जौहर कर डाला था।
रायसेन किले में जौहर भारतीय इतिहास का एक दुःखद पृष्ठ है। आज ही के दिन 06 मई 1532 ईसवी को राजपूत वीरांगनाओं ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए प्राणों की आहूति दी थी।
समस्त वीरांगनाओं को भावपूर्ण नमन।
#RaisenJohar