इसका विरोध करने के लिए अगर हथियार उठाना पड़ा तो हथियार उठाएंगे चाहे लोग हमे नक्सली ही कहे अगर स्तनों को पकड़ने का इतना शोक है तो अपनी अपनी बेटियों के पकड़ो 🙏🙏🙏 #SaveBastar
#karnataka The police sub-inspector attached to Gonibeedu Police Station in Mudigere taluk of Chikkamagaluru allegedly forced a Dalit youth to drink urine in his custody recently.
#DalitLivesMatter
सन 64 में जब रोम के आधे से ज्यादा नगर आग के हवाले हो गए थे, तो वहाँ का शासक नीरो इस विनाशलीला को खड़ा देख रहा था। जब सारे नगर जलकर खाक में मिल रहे थे, तो नीरो सारंगी बजा रहा था, जबकि कुछ लोगों का मानना था कि आग नीरो ने ही लगवाई थी, क्योंकि उसे पता चल गया थे कि बगावत होने वाली है
@dalitsamajindia तो आप सिर्फ अपने लिए काम कर रहें हैं या फिर भीड़ का हिस्सा बने हुए हैं, क्योंकि इस देश मे बहुजन समाज का हित बिना राजनीतिक विचारधारा के हो ही नही सकता।
@KRANTI_0009 जब बात लीडरशिप की भागीदारी आएगी तो दलित समाज अकेला खड़ा रह जाए��ा। अपना सहयोगी स्वंय ही बनो।
अपने अधिकारों को स्वंय ही बचाओ। "संघर्ष करो" का मतलब यही है। दस सवर्णों बके बीच जब एक दलित होता है, तो वे आँखों-२ मे ही डिसाइड कर लेते हैं की इस दलित को इज्जत नही देनी है!
@KRANTI_0009 एक दलित के साथ हुई घटना को कूद कूद कर दिखाएंगे, मगर दलित नेता के साथ कि गई बदतमीजी को कभी नही बताएंगे, जब बात लीडरशिप की आती है तो ये सब एक जैसे है। चाहे वो रवीश हो य��� टिकैत। हाथरस कांड में बच्ची का नाम हर किसी को पता था मगर नवदीप कौर की खबर नही दिखाएंगे क्योंकि वो एक नेता हैं
@PranjalKamra hi,
I just want to know that does share market gives compound interest monthly? If we hold our share for a year compound interest will be given yearly or monthly.
@tazeemtaj @Profdilipmandal हजारों लोगों को उनके घर पहुँचा दिया, वाकई में पर्दाफाश कर दिया मण्डल जी ने।
मण्डल जी बहुजन नेता/पत्रकार हैं, इन्होंने कितने लोगों की मदद की, मदद तो दूर की बात ये तो फोन भी नही उठाते।
हमारे नेताओं को बिना वजह भी विरोध करने की आदत हो गई है।
@SonamSi38@Profdilipmandal हजारों लोगों को उनके घर पहुँचा दिया, वाकई में पर्दाफाश कर दिया मण्डल जी ने।
मण्डल जी बहुजन नेता/पत्रकार हैं, इन्होंने कितने लोगों की मदद की, मदद तो दूर की बात ये तो फोन भी नही उठाते।
हमारे नेताओं को बिना वजह भी विरोध करने की आदत हो गई है।