सुप्रीम कोर्ट के SC ST Subclasification फैसले पर रिव्यू पिटीशन दाखिल करने का कल अंतिम दिन हैं।
हम चाहते है की बसपा इस फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करे,
आप सब लोग आकाश आनंद और बहनजी को टैग करके एक ट्वीट जरूर करें।
@Mayawati@AnandAkash_BSP
भाई चिराग पासवान, आपने तो घोषणा की थी कि लोजपा सुप्रीम कोर्ट द्वारा SC-ST उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में Review Petition फाइल करेगी।
इस मामले में अभी तक क्या अपडेट है? क्या आपने Review Petition फाइल कर दिया है? अगर नहीं तो आप उसे कब फाइल करेंगे? एक दिन और बाकी है।
जातिवादी लोगो को अब और ज्यादा दर्द होगा।
तुम लोग तो ओलंपिक में गोल्ड नही ला पाए।
पर दलित वर्ग से आने वाली, देश की गोल्डन गर्ल अवनी लेखरा ने पेरिस पैराओलंपिक 2024 में स्वर्ण पदक जीत लिया।
जलो मत अब बधाई दो।
पैरालंपिक खेलों के इतिहास में दो स्वर्ण पदक जीते है।
#AvaniLekhara #Paralympics2024
पहली बार किसी अंबेडकरवादी ने ओलंपिक में गोल्ड जीता है।
पैराओलंपिक शूटिंग में गोल्ड जीतने वाली अवनी लेखरा जी को बधाइयां रुकनी नहीं चाहिए।
आज सारे अंबेडकरवादी बहुत बधाई देंगे।
जय भीम
#AvaniLekhara
. @Prksh_Ambedkar जी ने सुप्रीम कोर्ट के संविधान विरोधी जजमेंट के ख़िलाफ़ रिव्यू पेटिशन फाइल कर दी है। युवा दिल की धड़कन @iChiragPaswan जी की पेटिशन का लोग इंतज़ार कर रहे है। कब करेंगे?
SC-ST उप-वर्गीकरण पर सर्वोच्च न्यायालय का संविधान विरोधी फैसला आए 30 दिन होने वाले हैं। इस पर Review Petition फाइल करने में मात्र 2 दिन बचे हैं। बसपा ने अभी तक याचिका दाखिल नहीं की है।
मैं माननीया बहन जी से आग्रह करता हूँ कि कृपया आप पार्टी की तरफ से याचिका अवश्य दाखिल करवाएं।🙏
RPF की महिला अधिकारी, बुढ़ी दलित महिला और उनके 15वर्ष के पोते को लाठी से मार कर अपनी ताकता दिखा रही हैं...🤮🤮
जिस पद पर बैठने के लिए उनके टैक्स के पैसे से सैलरी लेती हैं उस पद की गर्मी उन्ही दिखा रही है...😏
मार खाने वाली माँ और बच्चो का एकमात्र गुनाह है कि ये दलित है 😭😭😭😭
मध्य प्रदेश के कटनी में जीआरपी पुलिस द्वारा एक दलित बच्चे और महिला को बेरहमी से पीटा गया।
कुछ हराम के पिल्ले बोलते है कि जातिवाद ख़त्म हो गया।
इनको रीट्वीट करके फैलाना आपका काम है 🙏🙏🙏
मध्य प्रदेश : जीआरपी पुलिस द्वारा दलित बच्चे और बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटने का विडियो वायरल!
बताया जा रहा है वायरल विडियो कटनी का हैं विडियो में एक बच्चे और बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा जा रहा है बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला कुसुम वंशकार और उनका 15 वर्षीय पोता दीपराज एक दलित परिवार से आते हैं
4 पुलिस कर्मियों व कटनी जीआरपी थाना प्रभारी अरुणा वाहने ने की दोनों की डंडों से पीटाई, बूढी दादी और नाबालिग पोते को कमरे में बंद कर के एक दूसरे के सामने ही पीटा
#DalitLivesMatter #MadhyaPradesh
बहुत ज़्यादा भयानक☹️
मध्यप्रदेश के कटनी का बताया जा रहा ये वीडियो वायरल है.
15 साल के लड़के और उसकी दादी को GRP वाले पीट रहे. मामला पूरा नहीं मालूम मगर ये तरीक़ा बेहद शर्मनाक है.
बेहद सख़्त एक्शन होना चाहिए🧐
भारतीय रेल के पुलिसवाले गुंडे।⛔️
कटनी, मध्य प्रदेश में एक नाबालिग दलित लड़के और उसकी बूढ़ी दादी को जीआरपी थाने में बंद करके उन्हें बुरी तरह से मारा-पीटा गया। बेशर्मी का आलम यह है कि इस घटना में एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थी।
महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचार एक लेकिन न्याय सलेक्टिव।
उत्तरप्रदेश में अत्याचार पर सन्नाटा है दूसरा कलकत्ता में है तो विरोध हैं।
पीड़िता सवर्ण है तो आंदोलन होगा लेकिन दलित है तो न्याय की माँग कोई नहीं करेगा।
यदि सत्ता में BJP हैं तो मीडिया चुप रहेगा और अन्यथा सवाल पूछेगा।
क्या गरीब की बेटी के लिए कोई CBI जाँच नहीं होगी!
क्या गरीब के लिए सुप्रीम कोर्ट संज्ञान नहीं लेता!
क्या गरीब की बेटी के लिए मीडिया नहीं है!
#फर्रुखाबाद में दो बच्चियों के पिता को जाँच पर भरोषा नहीं है।
मध्य प्रदेश के कटनी में जीआरपी पुलिस द्वारा एक दलित बच्चे और महिला को बेरहमी से पीटने की घटना बताती है कि मध्य प्रदेश में दलितों का जीवन सुरक्षित नहीं है। रक्षक ही उनके भक्षक बनते जा रहे हैं।
सीएम साहब! कब रुकेगा दलितों पर अत्याचार।
यूपी के फर्रुखाबाद में SC समुदाय की दो लड़कियां
पास के ही एक मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी देखने गई थीं। अगले दिन दोनों फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं।
चूंकि पीड़िता दलित हैं। अतः मीडिया में कोई हलचल नहीं है। इस हृदय-विदारक घटना पर पूरा देश मौन है।
𝐃𝐚𝐥𝐢𝐭 𝐰𝐨𝐦𝐞𝐧 𝐚𝐫𝐞 𝐭𝐡𝐞 𝐦𝐨𝐬𝐭 𝐨𝐩𝐩𝐫𝐞𝐬𝐬𝐞𝐝 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐰𝐨𝐫𝐥𝐝.
NCRB data says that an alarming number of 𝟭𝟬 𝗶𝗻𝗰𝗶𝗱𝗲𝗻𝘁𝘀 𝗼𝗳 𝗿𝗮𝗽𝗲 𝗮𝗴𝗮𝗶𝗻𝘀𝘁 𝗗𝗮𝗹𝗶𝘁 𝘄𝗼𝗺𝗲𝗻 𝗮𝗻𝗱 𝗴𝗶𝗿𝗹𝘀 𝗮𝗿𝗲 𝗿𝗲𝗽𝗼𝗿𝘁𝗲𝗱 𝗱𝗮𝗶𝗹𝘆
These are 𝐍𝐎𝐓 reported in the media!
The Supreme Court does 𝐍𝐎𝐓 take sou moto cognizance of such cases!
The Savarna-led political parties do 𝐍𝐎𝐓 outrage over such atrocities!
Where is the outcry? Does the pain of a Dalit woman mean nothing?
This is why an independent Ambedkarite leadership is necessary.
The Savarna-led political parties can only indulge in photo shoots, publicity and crying crocodile tears for political gains.
𝐎𝐧𝐥𝐲 𝐚𝐧 𝐢𝐧𝐝𝐞𝐩𝐞𝐧𝐝𝐞𝐧𝐭 𝐀𝐦𝐛𝐞𝐝𝐤𝐚𝐫𝐢𝐭𝐞 𝐥𝐞𝐚𝐝𝐞𝐫𝐬𝐡𝐢𝐩 𝐜𝐚𝐧 𝐛𝐞 𝐚 𝐯𝐨𝐢𝐜𝐞, 𝐰𝐢𝐭𝐡𝐨𝐮𝐭 𝐚𝐧𝐲 𝐟𝐢𝐥𝐭𝐞𝐫𝐬, 𝐟𝐨𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐜𝐚𝐮𝐬𝐞 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 𝐃𝐚𝐥𝐢𝐭 𝐚𝐧𝐝 𝐀𝐝𝐢𝐯𝐚𝐬𝐢 𝐰𝐨𝐦𝐞𝐧.