☸️ विजय दशमी की हार्दिक मंगलकामनाएँ ☸️
आइए, इस विजय दशमी पर संकल्प लें कि हम अंधविश्वास, भेदभाव और अन्याय को त्यागकर सत्य, विवेक, शिक्षा और मानवता के मार्ग पर चलेंगे।
हमारी विजय किसी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि बुराइयों, अन्याय और अज्ञानता पर हो। 💙
जय सम्राट अशोक! 🙏
जय भीम! 💙
@ayushbanisingh2 आज बहुजन समाज क्या चाहता है उनकी आवाज़ सुनी, अगर दोनों नेता समाज का भला चाहते हैं तो अपना अपना इगो दरकिनार कर मिलकर चुनाव लड़ना होगा, समय की भी यही मांग है, अन्यथा जिसको लेकर बाबा साहब पहले चिंतित है वही आज भी हो रहा हैं।
आज के संघर्षों के दौर में अगर कोई आवाज़ अन्याय, समानता और अधिकारों की बात करती है, तो वह बदलाव की उम्मीद बन जाती है।
नेहा बोरा का संघर्ष हमें यह संदेश देता है कि परिवर्तन केवल शब्दों से नहीं, बल्कि साहस, निरंतर प्रयास और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता से आता है।
#क्रांति
पूना पैक्ट के बाद डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने गांधी क�� लेकर बेहद स्पष्ट शब्दों में अपनी राय रखी। उनका मानना था कि दलितों के राजनीतिक अधिकारों के सवाल पर गांधी ने एक राजनेता की तरह व्यवहार किया, न कि किसी संत या महात्मा की तरह।
आज बहुजन समाज के सामने सबसे बड़ी आवश्यकता आपसी एकता की है।
व्यक्तियों से बड़ा मिशन होता है और मिशन से बड़ा समाज।
चंद्रशेखर आजाद और मायावती जी समय की मांग है कि व्यक्तिगत कटाक्षों की जगह बहुजन हित को प्राथमिकता दी ���ाए।
जब समाज एक होगा, तभी सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई और मजबूत होगी।
चंद्रशेखर आज़ाद जी पर की गई टिप्पणियों ने एक सवाल खड़ा कर दिया है—क्या बहुजन आंदोलन किसी एक व्यक्ति या दल की निजी संपत्ति है, या फिर यह उन सभी की साझा विरासत है जो सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की बात करते हैं?
#बहुजन_आंदोलन#सामाजिक_न्याय#संविधान#चंद्रशे���रआज़ाद
लोकतंत्र का उद्देश्य प्रतिशोध नहीं, न्याय होना चाहिए।
यदि आज सत्ता में बैठा पक्ष विपक्ष को परेशान करता है, तो यह सवाल स्वाभाविक है कि कल सत्ता बदलने पर क्या नया शासक भी वही करेगा!
Super Exclusive-
योगी से सवाल की ऐसी सज़ा दी!
महिला पत्रकार रो पड़ी!!
प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछने वाली दिव्या श्रीवास्तव का इंटरव्यू।
सुनेंगे तो सिहर उठेंगे।
"मैने योगी आदित्यनाथ से एक सवाल पूछा था।
मुझे बीजेपी दफ्तर में घेर लिया। बहुत धमकाया।
कहा- बुलडोजर चलेगा घर पर।
LIU पीछे पड़ी ���ै।
मुझे चैनल से भी निकाल दि��ा गया।
मैं अब कहीं नहीं हूं।
मैं बहुत डरी हुई हूं।"
पीड़ित मासूम बेटी के परिवार को बहिष्कार व सजा,आरोपियों को खुला संरक्षण-अप��ाध से कम नहीं!
झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय मासूम कुशवाहा बेटी के साथ छेड़छाड़ के बाद उसके परिवार को जिस तरह प्रताड़ित किया गया, वह बेहद गंभीर और शर्मनाक है। 28 जुलाई की घटना के बाद परिजनों ने कानूनी कार्रवाई की।
2 अगस्त को पंचायत लगाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दूध-पानी, दुकान, ख��त और रास्ते तक बंद करने का फरमान सुनाया गया। 3 अगस्त को दोबारा पंचायत लगाकर परिवार पर आरोपी को माफ करने और छेड़छाड़ की शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया। परिवार के अनुसार, इसी दौरान विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी गईं।
इसके बावजूद दबाव और उत्पीड़न नहीं रुका। 5 सितंबर को पीड़ित परिवार के सदस्य के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार का आरोप है कि यह हमला शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना��े की कड़ी का हिस्सा था।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, पीड़ित किसी भी बेटी के परिवार को इस तरह डराकर न्याय से वंचित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
@UPGovt तत्काल पीड़ित परिवार को सुरक्षा दे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर छेड़छाड़, सामाजिक बहिष्कार, धमकी, दबाव और मारपीट के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।
देश को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, यह बच्चा भारत का नहीं हो सकता क्योंकि भारत की GDP 7.8% है तो भारत के हर नागरिक पनीर, दूध, दही, चिकन, मटन जैसे पोषण आहारों का सेवन कर रहे हैं।