गुजरात में चल रहे आदिवासी आंदोलन के दौरान 18 दिन के मासूम बच्चे सहित चैतर भाई वसावा एवं उनके साथ 9 साथियों को जेल भेजा जाना अत्यंत चिंताजनक और संवेदनशील विषय है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, न्याय और सम्मान की लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ा है। हमारा मानना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय और कानून के अनुसार सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
हम आदिवासी समाज के इस संघर्ष के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हैं तथा संबंधित प्रशासन और सरकार से निष्पक्ष एवं शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग करते हैं।
इसी गंभीर विषय को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विनय रत्न सिंह जी गुजरात के दौरे पर हैं। वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं, आंदोलन से जुड़े साथियों का हौसला बढ़ा रहे हैं और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने तथा उनकी रिहाई की मांग को मजबूती से उठा रहे हैं।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
जय भीम
जय भारत
जय संविधान
दिन भर सामाजिक कार्यों की भागदौड़ में व्यस्त रहा, लेकिन शाम होते ही जब घर लौटा और सामने लगी उनकी तस्वीर को देखा, तो आँखे भर आई । आज मेरे पूज्य पिताजी की पुण्यतिथि है... वो दिन जो हर साल दिल में एक कभी न भरने वाला खालीपन छोड़ जाता है।
उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किये । मुझे उनकी कही वो बात याद आ गई जो उन्होंने मुझसे कही थी:
"बेटा, जिंदगी में कभी किसी का बुरा मत करना... और न ही कभी किसी के लिए अपने मन में बुरा सोचना।"
आज वह हमारे बीच नहीं हैं, उंगली पकड़कर राह दिखाने वाला वो हाथ अब मेरे सिर पर नहीं है, लेकिन उनका कहा एक-एक शब्द मेरे सीने में महफूज है। जब भी दुनिया की भीड़ में खुद को अकेला पाता हूँ, तो उनकी यही सीख मुझे संभाल लेती है।
पिताजी, आपकी कमी को दुनिया का कोई भी रिश्ता पूरा नहीं कर सकता। आप भले ही आज आँखों के सामने नहीं हैं, लेकिन मेरी हर सांस में, मेरे संस्कारों में और मेरे हर अच्छे कार्य में आप जिंदा हैं। आपकी दी हुई सीख ही अब मेरे जीने का सहारा है।
चरणों में कोटि-कोटि नमन... भावपूर्ण श्रद्धांजलि! 😭🙏
#MissYouPapa #भावपूर्ण_श्रद्धांजलि #पिता #पुण्यतिथि #यादें
कबीरा कुंआ एक हैं पानी भरैं अनेक।
बर्तन में ही भेद है, पानी सबमें एक।।
समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं भेदभाव के विरुद्ध जन-जागृति पैदा करने वाले महान समाज सुधारक, भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक, महान कवि "संत कबीर दास" जी के प्रकाश पर्व पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाए।
कबीरा कुंआ एक हैं पानी भरैं अनेक।
बर्तन में ही भेद है, पानी सबमें एक।।
समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं भेदभाव के विरुद्ध जन-जागृति पैदा करने वाले महान समाज सुधारक, भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक, महान कवि "संत कबीर दास" जी के प्रकाश पर्व पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाए।
कबीरा कुंआ एक हैं पानी भरैं अनेक।
बर्तन में ही भेद है, पानी सबमें एक।।
समाज में व्याप्त कुरीतियों एवं भेदभाव के विरुद्ध जन-जागृति पैदा करने वाले महान समाज सुधारक, भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक, महान कवि "संत कबीर दास" जी के प्रकाश पर्व पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाए।
@BhimArmyChief@VinayRatanSingh
मेरा मान स्वाभिमान मेरा नेता मेरा अभिमान
केतन लाल के शोकाकुल परिवार से मिलने जा रहे @BhimArmyChief जी को रास्ते में रोकना लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवारों से मिलने और उनका हाल जानने का अवसर मिलना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रशासन को कानून-व्यवस्था और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए।
एडवोकेट बाबू श्री मिल्खी राम जी का आज #14_जून_1926 जन्मदिन पर समस्त देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई एवं मंगलकामनाएं.
🙏🌹🙏🌹🙏🌹
एडवोकेट बाबू श्री मिल्खी राम जी परम पूज्य बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के मिशन को आगे बढ़ाते हुए शहीद भगत अमरनाथ जी के साथ जम्मू कश्मीर के एससी,एसटी,ओबीसी के लोगों को रिजर्वेशन दिलाने के लिए लगातार लड़ाई लड़ते रहे आखिरकार वह अपनी लड़ाई में सफल हुए और जम्मू कश्मीर के एससी एसटी ओबीसी के लोगों को उनके हक दिलाएं
आज उनके जन्मदिन पर उनको शत-शत नमन
जय भीम, जय भारत, जय संविधान, जय मूलनिवासी
@BhimArmyChief@VinayRatanSingh@AzadSamajParty
कठुआ में भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं की रिहाई को लेकर हुआ शांतिपूर्ण प्रदर्शन
आज अम्बेडकर चौक, कठुआ में एडवोकेट रजत रमित, सुरिंदर अत्री और बलराम राज की रिहाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक एवं बहुजन संगठनों के साथियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और एकजुटता का परिचय दिया।
इस दौरान भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जम्मू कश्मीर प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार लोनी ने प्रशासन से मांग की हैं कि बिना किसी शर्त के गिरफ्तार साथियों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस प्रकार की गिरफ्तारियां जनआवाज को दबाने का प्रयास हैं। यदि जल्द ही साथियों को रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
हमारी मांग है –
एडवोकेट रजत रमित, सुरिंदर अत्री और बलराम राज को तुरंत रिहा किया जाए।
#हमारे_साथियों_को_रिहा_करो
@BhimArmyChief@VinayRatanSingh@OmarAbdullah@digjammu
उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत देवल गांव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की जातीय घृणा से प्रेरित निर्मम हत्या पूरे देश और समाज के लिए शर्म और चिंता का विषय है।
परिजनों के अनुसार, केतन को प्रेम संबंध के कारण सुनियोजित तरीके से बुलाया गया, बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठी-डंडों तथा बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। प्रेमिका के सामने ही उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि अंततः उसकी मृत्यु हो गई। हत्यारोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने स्वयं परिजनों को फोन कर धमकी भरे अंदाज़ में कहा- 'अपने बेटे को यहां से उठाकर ले जाओ।यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि संविधान, समानता और मानवता की हत्या है।
आज भी यदि किसी दलित युवक को केवल इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि उसने तथाकथित सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया, तो यह साबित करता है कि जातिवादी मानसिकता समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
हम @ukcmo से मांग करते हैं कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, उन पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण, बंधक बनाने तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की कठोरतम धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए।
@pushkardhami
समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को राष्ट्र के महानायक, वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक,राष्ट्र के चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलेदेव पासी जी के विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और मंगलकामनाएं।
अब जेईई एडवांस!
भर्ती परीक्षाएँ विवादों में, बोर्ड परीक्षाएँ, विश्वविद्यालय परीक्षाएँ व प्रवेश परीक्षाएँ सवालों में हैं और युवाओं का भविष्य अनिश्चितता में है।
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की नाकामियों ने शिक्षा व्यवस्था में एक नया विषय जोड़ दिया है: परीक्षा के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता साबित करना।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) जम्मू-कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष रजत रमित, प्रदेश सचिव सुरिंदर अत्री तथा प्रवासी विंग के प्रदेश अध्यक्ष बलराम राज को हिरासत में लिया गया है।
हम जम्मू-कश्मीर पुलिस से मांग करते हैं कि हमारे साथियों को तुरंत रिहा किया जाए।
#हमारे_साथियों_को_रिहा_करो
#BhimArmy
#AzadSamajParty
जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर जम्मू से श्रीनगर तक मार्च कर रहे साथियों की गिरफ्तारी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। संविधान और कानून के तहत अपने अधिकारों की मांग कर रहे लोगों की आवाज़ को दबाने का यह प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रज्जत रमित जी, भीम आर्मी परवासी विंग के अध्यक्ष बलराम अहीरवार जी एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सचिव सुरिंदर अत्री जी को जम्मू पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर बाग-ए-बहू पुलिस स्टेशन में रखा जाना अत्यंत निंदनीय है। यह कार्रवाई जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
हमारे साथी एसटी समुदाय, विशेष रूप से गुज्जर-बकरवाल समाज के लोगों के अधिकारों की रक्षा तथा वन अधिकार अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री @OmarAbdullah से संवाद करना चाहते थे। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद का स्वागत होना चाहिए, न कि शांतिपूर्ण आवाज़ों को गिरफ्तार कर दबाने का प्रयास।
वन अधिकार अधिनियम, 2006 जनजातीय एवं परंपरागत वनवासी समुदायों को भूमि, आवास, आजीविका और सामुदायिक संसाधनों पर वैधानिक अधिकार प्रदान करता है। ऐसे में इन अधिकारों के क्रियान्वयन की मांग करना कोई अपराध नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है।
हम @CM_JnK से मांग करते हैं कि सभी गिरफ्तार साथियों को तत्काल रिहा किया जाए और जनजातीय समुदायों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक एवं संवेदनशील पहल की जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), भीम आर्मी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
जम्मू-कश्मीर में वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर जम्मू से श्रीनगर तक मार्च कर रहे हमारे साथियों की गिरफ्तारी अत्यंत चिंताजनक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। यह कार्रवाई उन लोगों की आवाज़ दबाने का प्रयास प्रतीत होती है, जो संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रज्जत रमित जी, भीम आर्मी परवासी विंग के अध्यक्ष बलराम अहीरवार जी तथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सचिव सुरिंदर अत्री जी को जम्मू पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर बाग-ए-बहू पुलिस स्टेशन में रखा जाना न केवल निंदनीय है, बल्कि जनजातीय समुदायों की समस्याओं के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को भी उजागर करता है।
ये सभी साथी एसटी समुदाय, विशेष रूप से गुज्जर-बकरवाल समाज के लोगों के साथ मिलकर वन अधिकार अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन और वनभूमि पर पीढ़ियों से निवास कर रहे समुदायों के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री @OmarAbdullah जी से मिलना चाहते थे। लेकिन संवाद के बजाय गिरफ्तारी का रास्ता चुनना बेहद चिन्ताजनक है।
जब वन अधिकार अधिनियम स्वयं जनजातीय एवं परंपरागत वनवासी समुदायों को भूमि, आवास, आजीविका और सामुदायिक संसाधनों पर अधिकार प्रदान करता है, तब उन्हीं अधिकारों की मांग करने वालों को अपराधियों की तरह देखना न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
हम @CM_JnK से मांग करते हैं कि हमारे सभी साथियों को तत्काल रिहा किया जाए तथा जनजातीय समुदायों की न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाए। अन्यथा आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), भीम आर्मी और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले संगठन पूरे प्रदेश में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आज़ाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी के साथियों — एडवोकेट रजत रमित (प्रदेश अध्यक्ष, ASP J&K), सुरिंदर अत्री (स्टेट सेक्रेटरी), तालीब हुसैन (सामाजिक कार्यकर्ता) और बलराम राज अहिरवार (प्रदेश अध्यक्ष, प्रवासी विंग J&K) — को हिरासत में लिया गया है।
हम जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि सभी साथियों को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाए। लोकतंत्र में अपनी बात रखना, अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाना और समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करना कोई अपराध नहीं है।
यदि हमारे साथियों को शीघ्र रिहा नहीं किया गया तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आज़ाद समाज पार्टी जनहित और संविधान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष और तेज़ करेगी।
#हमारे_साथियों_को_रिहा_करो
#ReleaseRajatRamit
#ReleaseTalibHussain
#ReleaseSurinderAtri
#ReleaseBalramRajAhirwar
#JusticeForAll #BhimArmy #AzadSamajParty #JammuKashmirPolitics
@OmarAbdullah@Dis_Pol_Jammu@BhimArmyChief@VinayRatanSingh@AzadSamajParty
महान क्रांतिकारी शहीद भगत अमरनाथ जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर में सामाजिक न्याय, समानता और आरक्षण के अधिकारों की लड़ाई के महान योद्धा शहीद भगत अमरनाथ जी का जन्म वर्ष 1928 में ग्राम चम्पा, बटोट (जिला रामबन) के एक साधारण मेघ परिवार में हुआ था।
उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दलित, शोषित, वंचित और गरीब समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और समाज को सम्मान दिलाने का जज़्बा उनमें बचपन से ही था। यही कारण था कि वे जम्मू आए और दलित समाज के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए उस समय के अग्रणी नेताओं बाबू परमानंद, बाबू मिल्खी राम, भगत चज्जू राम, पशोरी लाल और महाशा नर सिंह जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे।
वर्ष 1970 में जब अनुसूचित जाति समाज को आरक्षण के अधिकारों से वंचित करने की कोशिश की गई, तब भगत अमरनाथ जी ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। समाज के हकों की रक्षा करते हुए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और शहादत प्राप्त की।
आज जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति समाज को जो आरक्षण और संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, उनमें शहीद भगत अमरनाथ जी के संघर्ष, त्याग और बलिदान की अमिट छाप है।
ऐसे महान क्रांतिकारी, समाज सुधारक और आरक्षण आंदोलन के अमर शहीद को हम कोटि-कोटि नमन करते हैं।
🌹 शहीद भगत अमरनाथ जी अमर रहें 🌹
"जो समाज अपने शहीदों को याद रखता है, वही समाज इतिहास रचता है।"
#शहीद_भगत_अमरनाथ_जी_अमर_रहें
#जयभीम
@BhimArmyChief@VinayRatanSingh@AzadSamajParty
प्रेस कॉन्फ्रेंस
जम्मू #Sidhra के गुज्जर समाज को इंसाफ दिलाने के लिए अब सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी लड़ाई!
गरीब, मजलूम और गुज्जर समाज के लोगों के घर उजाड़ने वालों के खिलाफ अब आवाज़ बुलंद होगी।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी–कांशीराम ने ऐलान किया है कि जम्मू में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
हम संविधान, इंसाफ और अपने समाज के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।
भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है, जहाँ सरकार का पहला दायित्व संकट के समय जनता को राहत देना और उनके जीवन की रक्षा करना होना चाहिए। लेकिन यह चिंताजनक है कि पश्चिम एशिया संकट के बीच आवश्यक और जीवन रक्षक दवाओं की कीमतें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में संकट काल में “लोक का कल्याण” दिखाई नहीं पड़ता, बल्कि हर संकट का बोझ आम जनता पर डाल दिया जाता है।
पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और महंगे इलाज से परेशान गरीब, मजदूर, दलित, पिछड़े, किसान और मध्यम वर्गीय परिवार अब दवाओं की बढ़ती कीमतों की मार झेलने को मजबूर होंगे। कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवन रक्षक दवाओं का महंगा होना बेहद अमानवीय फैसला साबित होगा।
पीएम @narendramodi जी, ऐसा लगता है कि आपकी सरकार में जनता सिर्फ टैक्स देने और हर संकट का बोझ उठाने के लिए ही बची है, जबकि राहत केवल बड़े उद्योगपतियों और मुनाफाखोर कंपनियों को मिलती है। अगर जीवन रक्षक दवाइयाँ भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएँ, तो फिर सरकार और बाजार में फर्क ही क्या रह जाएगा?
@mygovindia@JPNadda