कल जंतर मंतर पर एक और आंदोलन हुआ था। बिहार में पुलिस द्वारा मार दिए गए भरत तिवारी के लिए न्याय मांगने पहुंचे थे लोग... न कोई प्रसिद्ध व्यक्ति अनशन पर बैठा था, न कोई ढाई करोड़ फॉलोअर्स वाले पेज से चलावा हुआ था। ना सिनेमा के लोग थे, ना साहित्य जगत के, ना राजनीति के... महीने भर से रो रही भरत की मां थी, टूट चुके पिता थे। लोगों ने इन्हें मुख्य और बड़ा चेहरा माना था।
भीड़ में यादव थे, ठाकुर थे, दलित थे, ब्राह्मण थे... सत्ता समर्थक भी थे, सत्ता विरोधी भी, और वे भी थे जिन्हें राजनीति से बहुत लेना देना नहीं होता। छात्र भी थे, नौकरीपेशा लोग भी थे और रिटायर्ड लोग भी... प्रशासन ने धरने के लिए केवल दो घंटे का समय दिया था, पर बताया जा रहा है कि उतने समय में भी पंद्रह हजार से अधिक की भीड़ थी। बिहार के सुदूर देहात में घटी एक घटना को लेकर दिल्ली जंतर मंतर पर इतने लोग जुट गए थे। क्यों??
यह भीड़ जुटी क्योंकि वह युवक मरते मरते अपनी प्रतिष्ठा बना गया है। यह भीड़ जुटी, क्योंकि लोग जानते हैं उस लड़के ने हमेशा जाति धर्म से ऊपर उठ कर गरीबों के लिए काम किया था। लोग इसलिए भी आए क्योंकि जानते थे कि यहां भारत के टुकड़े करने वाले, भारत माता को गाली देने वाले नारे नहीं लगेगें। हिंदू धर्म का मजाक नहीं उड़ाया जाएगा, देवी देवताओं को गाली नहीं दी जाएगी, धर्मग्रंथ नहीं जलाए जाएंगे, संतो का अपमान नहीं किया जाएगा। इस आंदोलन के बहाने स्वरा भास्कर और सोनाक्षी सिन्हा जैसी लव जेहाद की ब्रांड एम्बेसडर अपनी कीमत बढ़ाने का खेल नहीं खेल सकेंगी। वे जानते थे कि यह आंदोलन केवल और केवल उस युवक के लिए न्याय मांगने के लिए हो रहा है।
और इस आंदोलन का असर देखना चाहेंगे? इस आंदोलन का असर यह है कि पटना के एक लगभग सुरक्षित विधानसभा के चुनाव में भी सत्ताधारी पार्टी को अपना सबकुछ झोंक देना पड़ा है। हर मोहल्ले में एक स्टार प्रचारक घूम रहा है। यह वह सीट है जिसपर पार्टी का तीस साल से लगभग कब्जा है। यह आंदोलन का असर है।
इस आंदोलन का असर यह है कि जवईनियां गांव में वे सारे काम शुरू हो चुके हैं जिनके लिए भरत तिवारी लड़ रहा था। जो काम वह लड़का जीते जी नहीं करा सका, वह मरते मरते कर गया है। उस लड़के ने अपने हिस्से का न्याय ले लिया है, लोग आंदोलन तो इस लिए कर रहे हैं ताकि भविष्य पर प्रशासन वैसा अपराध न करे...
आप कहते हैं न, कि सत्ता के विरोधियों को लोग देशद्रोही कहने लगते हैं? यह आंदोलन भी सत्ता के विरुद्ध ही हो रहा है। आप एक आदमी बताइए जिसने भरत तिवारी के समर्थकों को ऐसा कुछ कहा हो। अगर कोई कहेगा तो सत्ता समर्थक ही उसे बढ़िया से चुप करा देंगे।
पेपर लीक का मामला निस्संदेह इससे बहुत बड़ा मुद्दा था। फिर भी लोग नहीं जुड़े। कभी भी वहां इसकी चौथाई भीड़ भी नहीं जुटी। सोशल मीडिया में उसके समर्थन में लिख रहे लोग भी वहां झांकने नहीं गए। क्यों? क्योंकि आम जनता मुद्दे से भले जुड़ी है, पर आंदोलन को लीड कर रहे लोगों पर उन्हें रत्ती भर भरोसा नहीं है। भरोसा होता तो वहां दस लाख की भीड़ होती...
भरत तिवारी के हत्यारों पर केस चले, उस मामले में न्याय हो। सरकार को जनमत के आगे झुकना ही होगा...
बिहार के एक शिक्षक ने उड़ता तीर ले लिया है।
अब तो बिहार हार कोई कह रहा है कि ये आदमी शिक्षक नहीं बल्कि बेहद घटिया इंसान है
अब तो मनीष कश्यप ने भी लपेट दिया है।
भरत तिवारी एनकाउंटर का आंखो देखी 🔥🤟
ZEE न्यूज पर वह व्यक्ति मौजूद हैं जिसने अपनी आंखों से देखा था कि बिहार पुलिस और STF मिलकर कैसे आत्मसमर्पण करने के बाद भरत तिवारी को पकड़ कर एनकाउंटर किया
Live वीडियो में सबने देखा था कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण करते हुए अपना पिस्तौल पुलिस के आगे फेंक दिया था
उसके बाद पुलिस वाले ने एनकाउंटर किया
यह बात एक बुजुर्ग खुद ऑन कैमरा बता रहे हैं
भरत भूषण तिवारी हम गरीबों का मसीहा थे.
जब बाढ़ में घर डूबा था तो रोज सुबह शाम आते थे और कहते थे कि कोई दिक्कत होगा तो बताइएगा.
उन्हीं के वजह से बिजली मिली हम लोग को नहीं तो अंधेरे में ही रहते थे.
गरीबों के लिए आवाज उठाने के कारण ही उन्हें मरवा दिया गया.
#BharatTiwari | #JusticeForBharatTiwari
एक्टिविस्ट भारत तिवारी के एनकाउंटर के राज परतों में खुलेंगे,आप मानें या नहीं माने पुलिस ने उन्हें मानसिक रोगी बोल उनकी मदद ही की केस कमजोर किया।किंतु वहां बांध के कार्य का ठेकेदार कौन है?SDM जगदीशपुर,बाढ़ आश्रितों के जमीन आवंटन खेल यहां छुपा है।हर कारण वही नहीं होता जो दिखाई दे
भरत तिवारी भाई का एक call Recording Viral
हो रहा है ,,
जिसमे वो बोल रहें हैं की हम भाजपा पार्टी को सपोर्ट
जरुर करते हैं लेकिन
अपना समाज से बड़ा कोई पार्टी ,, नेता ,, विधायक
बड़ा नही होता है
उनका लड़ाई सरकार से सिस्टम से था
वो हमेसा लड़ते थे सरकार के लोगो से सिर्फ अपने
समाज के भलाई केलिये
हजारों गरीबों का मसीहा बन गये थे भरत तिवारी जी
हर जात धर्म के लोगो को मदद करते थे ।
ऐसे वीर बहादुर भाई को मेरा सलाम ... 🙏
''इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. घटना को लेकर अनेक प्रश्न उठ रहे हैं''
भरत तिवारी एनकाउंटर पर बीजेपी एमएलसी पवन सिंह का पहला रिएक्शन सामने आया, X पोस्ट पर उन्होंने कहा - भरत भूषण तिवारी का सामाजिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा, मैं उनके परिवार से मिलने जाऊंगा'.
पवन सिंह ने अपने पोस्ट में कहा है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है. कानून का शासन तभी मजबूत माना जाता है जब हर घटना की जांच निष्पक्ष रूप से हो और दोषी चाहे कोई भी हो, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए. न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए. "स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी जी का सामाजिक योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा. उनकी स्मृति को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. मैं शीघ्र ही पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करूंगा. निष्पक्ष जांच की मांग को मजबूती से उठाऊंगा. भरत भूषण तिवारी अमर रहें."
#PawanSingh #BharatTiwariEncounter #Bihar #ZeeNews
जातिवाद के लिए कुख्यात बिहार में पासवान चचा का अपने तिवारी भतीजे के लिए झरते आंसू बताने के लिए काफी है कि सम्राट की पुलिस ने गोली भारत को नहीं बल्कि भाजपा की भविष्य की संभावनाओं को मारा है।
भाजपा अगर सच में अपने विरोधियों से 12 कोस आगे की सोचती है तो यकीन मानिए जल्द ही बिहार को नया CM मिलने वाला है।
यूपी और बिहार में यही बुनियादी फर्क है।
#BhartTiwari
@samrat4bjp क्या जांच कीजिएगा आपने तो अपने बयान में बोला था कि एक मानसिक विक्षिप्त युवक का हथियार लहराते हुए वीडियो viral हुआ है।
फिर आपकी बिहार पुलिस मानसिक विक्षिप्त युवक का गोली मारकर कैसे हत्या कर सकती हैं?
अब जांच का नाटक बंद कीजिए, जनता आपको अगले चुनाव में सबक
भरत तिवारी अमर रहे🙌
किसी के अंतिम यात्रा के लिए ये भीड़ देखकर आप समझ सकते हैं कि वो अपने गाँव समाज के लिए कितना किया होगा और उसका उनके जीवन में कितना अहम योगदान रहा होगा।
कई नेता जीवन भर चप्पल घिस देंगे अपना तब भी ये भीड़ नहीं जुटा पाएंगे। ये भीड़ उस तथाकथित पागल भरत तिवारी के लिए है जो अपने हक अधिकार के लिए सिस्टम तक को झुका दिया।
भरत तिवारी निसंदेह एक देशभक्त, निर्भीक, क़ाबिल, दूरदर्शी और सम्मान योग्य थे हैं और रहेंगे।
शत शत नमन 🙏