#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channel♦️: दयानंद की पुस्तक सत्यनार्थ प्रकाश
महर्षि दयानंद ने कबीर परमेश्वर और कबीर पन्थियों की निंदा की है सत्यार्थ प्रकाश।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channel♦️ महर्षि दयानंद का ज्ञान वेद अनुकूल नहीं। न ही ये ओम नाम के जाप के हक में थे। दयानंद का कहना था कि नाम जाप की कोई ज़रूरत नहीं।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channel♦️ दयानंद सरस्वती माता पिता की सेवा करने के भी पक्ष में नहीं थे।
संत रामपाल जी महाराज जी ने अपने शिष्यों को ये सिखाया है कि माता पिता की सेवा परम् कर्तव्य है।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channelसत्यार्थ प्रकाश, समुल्लास 11, पृष्ठ 297-298 पर दयानंद सरस्वती ने सिख धर्म के प्रथम गुरु, आदरणीय श्री गुरुनानक देव जी के ज्ञान और भाषा पर भी अनुचित आक्षेप लगाए। लिखा है कि उन्हें ज्ञान नहीं था।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channelसत्यार्थ प्रकाश, समुल्लास 11, पृष्ठ 297-298 पर दयानंद सरस्वती ने सिख धर्म के प्रथम गुरु, आदरणीय श्री गुरुनानक देव जी के ज्ञान और भाषा पर भी अनुचित आक्षेप लगाए। लिखा है कि उन्हें ज्ञान नहीं था।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channelसत्यार्थ प्रकाश समुल्लास 4 पृष्ठ 95 से 101, दयानंद जी द्वारा बताई गई नियोग व्यवस्था अर्थात पशु तुल्य कर्म से भरा पड़ा है। जिसमें लिखा है कि
संत रामपाल जी महाराज स्वयं कोई व्यसन नहीं करते और उनके करोड़ों शिष्य भी नशे को हाथ तक नहीं लगाते। उन्होंने अपनी पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा में इससे होने वाली हानि भी बताई है:
गरीब, मदिरा पीवै कड़वा पानी, सत्तर जन्म स्वान के जानी।
सौ नारी जारी करै, सुरापान सौ बार।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channelसमाज सुधारक नहीं बल्कि दयानंद था एक नंबर का नशेड़ी
दयानंद सरस्वती की अपनी आत्मकथा तथा जीवन चरित्र में उनके भांग, तंबाकू, हुक्का पीने का उल्लेख है। नशेड़ी व्यक्ति समाज सुधारक कैसे हो सकता है।
वहीं
जबकि संत रामपाल जी महाराज द्वारा ऋग्वेद मण्डल 1 सूक्त 31 मंत्र 17, सूक्त 82 मंत्र 1-2, सूक्त 86 मंत्र 26-27, सूक्त 54 मंत्र 3 और यजुर्वेद अध्याय 1 मंत्र 15, अध्याय 5 मंत्र 1, अध्याय 7 मंत्र 39 आदि वेद मंत्रों का प्रमाण देते हुए बताया कि वेदों में परमात्मा साकार है,
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channelदयानंद को नहीं था भगवान का ज्ञान
दयानंद सरस्वती अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में लिखते हैं कि परमात्मा निराकार है। कहीं लिखते है कि स्तुति से परमात्मा का साक्षात्कार होता है। इससे पता चलता है यह अज्ञानी व्यक्ति थे।
जब पाप अर्थात दुख समाप्त होने ही नहीं है। तो फिर आर्य समाजियों कोई व्यक्ति उपासना क्यों करेगा।
वहीं संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 और ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 82 मंत्र 1 में साफ शब्दों में लिखा है कि परमात्मा घोर पाप का भी नाश कर देता है।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
Factful Debates YouTube Channelसंत रामपाल जी महाराज देते हैं शास्त्र अनुकूल ज्ञान
दयानंद सरस्वती अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में कहता है कि स्तुति, प्रार्थना, उपासना करनी चाहिए लेकिन इससे परमात्मा पाप नाश नहीं कर सकता।