The myth of "merit" has been shattered. 🔥🔥
A Dalit student has secured AIR 1 in the AIIMS results, while OBC students have earned places among the Top 10. Once again, talent has spoken louder than caste prejudice.
For decades, the idea of "merit" has often been used to question reservation rather than acknowledge unequal access to opportunities. These results are a reminder that when people are given a fair chance, excellence emerges from every community.
The time has come to extend reservation to the private sector as well. Reservation is not a charity, it is a constitutional commitment to equal opportunity, social justice and inclusive nation-building.
राजस्थान मैथ्स प्रोफेसर कटऑफ
विजय पासवान SC - 102 फेल
राहुल मीणा ST - 87 फेल
अनुराधा तिवारी EWS - 83 पास
अनुराधा तिवारी को इतनी विशेष छूट क्यों है उसने तो कभी भेदभाव नहीं झेला उसको तो जाति के कारण कभी किराए पर मकान देने से मना नहीं किया फिर भी उसे ये विशेषाधिकार क्यों प्राप्त है?
दलित नेता दलितों का नेता और ब्राह्मण नेता पूरे समाज का नेता ?
लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह नैरेटिव सबसे ज्यादा बहुजन समाज को नुकसान पहुंचा रहा है.
चंद्रशेखर आजाद ने भी एक बड़ी लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की, कुल 5,12,552 वोट प्राप्त किया.
आजाद समाज पार्टी के नेता हैं. UP के 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव सभी 400 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है.
लेकिन मीडिया ने चंद्रशेखर आजाद को उस तरह प्रोजेक्ट नही किया जैसे प्रशांत किशोर को कर रही है.
प्रशांत किशोर ने एक छोटी सी विधानसभा में 64,151 वोट पाकर जीत हासिल की है. मीडिया ऐसे गुणगान कर रहा मानो प्रशांत किशोर इस देश के बहुत बड़े नेता हैं. इस मानसिकता को जातिवाद कहा जाता है.
दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम गवाही दे रहा है कि उत्तर प्रदेश में @AzadSamajParty के बिना कोई भी पार्टी सत्ता तक नहीं पहुंच सकती ❌
मध्यप्रदेश कांग्रेस का मजबूत गढ़ है, वहां 22,000+ वोट आना पार्टी के बढ़ते प्रभाव को बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश तो आजाद समाज पार्टी का केंद्र ही है, यहां उसका परंपरागत वोटबैंक है
मैं दावे से कहता हूं कि यूपी की लगभग हर विधानसभा सीट पर पार्टी का बेस वोट लगभग 25-30 हजार की संख्या में हैं। हर वो सीट पर पार्टी टक्कर में रहेगी जहां प्रत्याशी थोड़ा भी मजबूत होगा। ASP किंगमेकर की भूमिका में रहेगी...!!
वाकई में प्रधानमंत्री जी का फिर झूठ पकड़ा गया,
सदन में जब एंटी पेपर लीक को लेकर चर्चा हो रही थी,
तब प्रधानमंत्री जी सदन में ही नहीं थे,
आखिर युवाओं के भविष्य को लेकर इतनी शिथिलता क्यों?
क्या प्रधानमंत्री जी युवाओं के भविष्य को लेकर चिंतित नहीं है,
अगर है तो इतने महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा में शामिल क्यों नहीं हुए?
ऐसे कई सवाल है जिसका जवाब इस देश के आवाम को मिलना चाहिए।
दिल्ली के जंतर मंतर पर Gen Z छात्रों एवं लड़कियों ने हाथों में बाबासाहेब की तस्वीरें लेकर मोदी सरकार को झुका दिया।
अब फतेहपुर में Gen Alpha छात्रों एवं लड़कियों ने हाथों में बाबासाहेब की तस्वीरें लेकर योगी सरकार को झुका दिया।
नई जनरेशन ने अपना आदर्श पहचान लिया है। जय भीम।
Today, in Kishanpur, Fatehpur district, Uttar Pradesh, hundreds of Gen Alpha children marched through the streets holding portraits of Babasaheb Ambedkar, raising their voices for quality education and the basic amenities every child deserves to live with dignity. Jai Bhim ✊
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में आज सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे ‘जेन-अल्फा’ अपने हाथों में परम पूज्य बाबा साहेब की तस्वीरें लिए शिक्षा एवं सम्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए।
इनका आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था बदहाल है। बेंच-डेस्क टूटे हुए हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह दृश्य भाजपा की डबल इंजन सरकार की शिक्षा व्यवस्था में विफलताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इन्हीं बदहाल परिस्थितियों के विरोध में सामने आया यह दृश्य शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति बच्चों की जागरूकता के साथ-साथ बेहतर भविष्य की उनकी उम्मीदों को भी प्रतिबिंबित कर रहा था।
जय भीम! जय जेन-अल्फा! 😊
They don't hate reservations. They hate seeing SC, ST, and OBC communities enjoy equal rights, opportunities and representation. That's what truly threatens them. 🔥