"मेरा एक भाई था बुलंदशहर का, उसने इनके (चंद्रशेखर रावण) के ऊपर गोली चलाई। वो सही जगह नहीं लगी। वो गोली लग जाती तो आज इतना तमाशा थोड़ी होता"
ऑन कैमरा यह कबूल करने वाला व्यक्ति अभिषेक ठाकुर है। स्वतंत्र भारद्वाज का दोस्त है। यह भी उन्हीं कपिल मिश्रा के साथ फोटो खिंचाता है, जिन्हें स्वतंत्र अपना बड़ा भाई बताता है।
Fact : अक्टूबर 2020 में चंद्रशेखर आजाद पर बुलंदशहर, यूपी में कथित हमले के प्रयास की घटना हुई थी। पुलिस ने जांच में माना कि कोई फायरिंग नहीं हुई थी।
हार्ट अटैक को लेकर बुनियादी जानकारी
प्राथमिक लक्षण है
सीने में दर्द होना।
यह एक pressure, heaviness या tightness जैसे भी महसूस हो सकता है।
यह दर्द पेट के ऊपर की तरफ जाता है कभी बायें हाथ या कंधे की तरफ जाता है कई बार जबड़े में या दांत में भी दर्द हो सकता है।
सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना।
कुछ लोगो को गैस होने की फीलिंग आती है।
हार्ट अटैक आने पर क्या करें?
सबसे पहले मदद के लिए एम्बुलेंस को कॉल करें या आपके पास अपना साधन है जिससे आप अस्पताल पहुँच सकते हैं तो उसे तैयार करने को कहें।
नज़दीक में जो भी व्यक्ति या मित्र है उसे भी तुरंत आने को कहें।
जब तक गाड़ी तैयार होगी या एम्बुलेंस आएगा तब तक प्राथमिक तौर पर Aspirin की गोली मरीज़ को दें और चबाने को कहें।
Aspirin रक्त की धमनियों में Clotting को रोकती है।
मरीज़ को तब तक उचित जगह बैठने या लेटने को कहें जहाँ उन्हें आराम हो।
अगर घर में sorbitrate की 5mg की टेबलेट हो तो उसे जीभ के नीचे रखनी है।
अगर मरीज़ होश में नहीं है तो कुछ भी पिलाने की कोशिश ना करें। मरीज़ अगर साँस नहीं ले रहा, पल्स नहीं मिल रहा वैसी परिस्तिथि में तुरंत CPR शुरू करें।
एम्बुलेंस आते ही या गाड़ी तैयार होते ही अस्पताल के लिए निकल जायें।
अगर नज़दीकी अस्पताल का नंबर है तो उन्हें रास्ते से ही सूचित कर दें कि आप ऐसे किसी मरीज़ को ले कर अस्पताल पहुँच रहे हैं ताकि वो भी तैयार रहें।
दो साल पहले कानपुर के LPS Cardiology Hospital के डॉक्टरों ने एक दवाइयों की एक किट रखने की सलाह दी थी जो हार्ट अटैक के मामलों में अस्पताल पहुँचने से पहले मरीज़ को आप घर पर दे सकते।
उन्होंने इस किट को राम किट का नाम दिया है।
इस किट में तीन दवाई है
1) Ecospirin 75 mg के 2 टेबलेट
2) Rosuvastatin 20 mg का 1 टेबलेट
इन दोनों दवाइयों को पानी के साथ खा लेना है।
3) Sorbitrate 5 mg
इस दवाई को जीभ के नीचे रखना है।
ये दवाइयाँ आपके हृदय कि नली में बने खून के थक्के को हटाने में मदद करती है।
लेकिन याद रखें की:
१) ये किट पूरा इलाज नहीं है इसीलिए ये दवाई ले कर घर पर ना रुकें। हार्ट अटैक के लक्षण होने पर अस्पताल जायें।
२) हमेशा बेहतर है की लेने से पहले एक बार अपने फिजिशियन से बात कर लें और उन्हें जानकारी दे दें।
३) ये दवाई तभी दें जब मरीज़ होश में हो। अगर मरीज़ होश में नहीं है तो कभी भी कुछ खिलाने या पिलाने की कोशिश ना करें।
BBC की पड़ताल ने ₹620 करोड़ के कथित चंदे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पैसा किसने दिया, क्यों दिया और गया कहाँ?
विपक्ष के पीछे ED-IT-CBI छोड़ने वाली भाजपा बताए कि यहाँ एजेंसियां खामोश क्यों हैं? @BBCHindi की इस खोजी पत्रकारिता ने वह काम किया, जो करोड़ों का दाना खाकर गाना गाने वाले चैनल नहीं कर पाए।
क्या राजनीतिक चंदा काले धन को सफेद करने की नई ‘वॉशिंग मशीन’ बन गया है? अगर सब पाक-साफ़ है तो जांच कराइए और ₹620 करोड़ की पाई-पाई का हिसाब देश को दीजिए।
4400 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क रामवनगमन उद्घाटन से पहले ही धंस गई
पत्रकार @ravirajprayagi भ्रष्टाचार को दिखाने गए तो उनके साथ कुछ लोग बदतमीजी करने लगे
ऐसे साहसी पत्रकारों को नमन है जो जान की बाज़ी लगाकर सच दिखाते है 🫡
खुलेआम ये गुंडा आख़िर किसे ललकार रहा है - कानून को या पुलिस-प्रशासन को?
सरकारी संरक्षण तो है ही, लेकिन क्या पुलिस ने भी इसे गुंडागर्दी का ‘लाइसेंस’ दे रखा है?
आख़िर इतना बेख़ौफ़ होने की ताक़त इन्हें कौन दे रहा है?
आज पता चला कि केले के एक टुकड़े में मसाले के बीज भरकर उसे गमले में लगा दें, तो उससे इस तरह एक नया और हरा-भरा पौधा उग सकता है! 🌱✨
This is a great method! Anyone interested in growing their own herbal plants at home should definitely try it. 🌿
5 करोड़ का लीगल नोटिस सिर्फ इसलिए क्योंकि किसी ग्राहक ने सच बोल दिया।
एक बंदे ने डेढ़ लाख का Sony Bravia टीवी खरीदा था।
22वें महीने में टीवी में ग्रीन लाइनें आ गईं, वारंटी अभी बाकी थी।
कंपनी के पास गया तो बोले ये external damage है, कवर नहीं होगा।
कोई डेंट नहीं था न कोई क्रैक, फिर भी टीवी ठीक करने के 29 हजार मांग लिए।
बंदा गुस्से में आया और उसने Sony Bravia dot com नाम का डोमेन खरीद लिया।
उस पर पूरी कहानी डिटेल में लिख दी अपने सारे प्रूफ के साथ।
अब Sony ने वकील भेज दिया, बोले वीडियो हटाओ, माफी मांगो
वरना 5 करोड़ का डैमेज केस ठोक देंगे।
बंदे ने माफी मांगने से साफ मना कर दिया
बोला जो लिखा है सच लिखा है।
कंज्यूमर कोर्ट में केस भी डाल दिया, चैलेंज भी दे दिया कि लैब में टीवी चेक करवा लो।
एक आम आदमी अकेले एक बिलियन डॉलर कंपनी से भिड़ गया है और अभी तक पीछे नहीं हटा है।
भाजपाई संरक्षण का कॉन्फ़िडेंस देख रहे हैं? और क्यों न हो! एक शख़्स कैमरे पर गंभीर हमले का बखान करते हुए दावा कर रहा है कि भाजपा के बड़े-बड़े नेता उसके “बड़े भैया” हैं और एक फोन पर वह बाहर आ गया।
ये सिर्फ़ एक व्यक्ति की दबंगई नहीं, सत्ता-संरक्षण से पैदा हुई बेख़ौफ़ मानसिकता है।
@DelhiPolice बताए - क्या इन दावों की जाँच होगी? क्या कोई कार्रवाई होगी? या राजनीतिक पहुँच कानून से ऊपर होने का लाइसेंस बन चुकी है?
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चाय की दुकान पर दलितों को कागज के कप में चाय दी जाती है.
इस बात को सुनकर बहुत से ज्ञानी लोग मजाक बनाने लगे.
असल में इनको ग्रामीण भारत में दलितों के साथ हो रहे भेदभाव की समझ ही नहीं है. ये वीडियो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का है.
देखिए👇
योगी जी रोज़ सपा का गुंडाराज गुंडाराज चिला रहे है आइये आकड़े देखते है
अखिलेश सरकार के आपराधिक मामले
2012 — 1,98,093
2013 — 2,26,445
2014 — 2,40,475
2015 — 2,41,920
2016 — 2,82,171
योगी सरकार के आपराधिक मामले
2017 — 3,10,084
2018 — 3,42,355
2019 — 3,53,131
2020 — 3,55,110
2021 — 3,57,905
2022 — 4,01,787
2023 — 4,28,794
2024 — 4,30,552
अब बताइए योगी की सरकार में गुंडई कम हुआ है बढ़ा है
ये तो अकड़े हो गए कितने मामले दबा दिए जाते है उनका कोई हिसाब ही नहीं है
लेकिन सरकार के मुताबिक गुंडे यूपी छोड़ चुके है या जेल में है
स्रोत: NCRB (National Crime Records Bureau)
“तुम हमारे गिलास में पानी कैसे पी लिए?”
बस यह एक सवाल सुनिए और फिर उन तमाम दावों को याद कीजिए कि अब जाति कहाँ बची है, भेदभाव तो कब का खत्म हो चुका है, अब तो सब बराबर हैं!
जिस पानी पर किसी जाति का अधिकार नहीं, जिस प्यास में कोई ऊँच-नीच नहीं, उसी पानी का एक गिलास आज भी किसी इंसान को उसकी जाति याद दिला देता है। सोचिए, उस व्यक्ति पर क्या गुजरती होगी जिसे केवल पानी पी लेने भर से उसकी सामाजिक हैसियत बताने की कोशिश की जाए।
जातिवाद केवल किताबों में दर्ज इतिहास नहीं है। वह आज भी भाषा, व्यवहार, अपमान और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं में दिखाई देता है।
इसलिए सवाल आरक्षण कब खत्म होगा का नहीं, सवाल यह है - जाति के नाम पर यह अपमान कब खत्म होगा?
ये हैं दिल्ली की नेहा शुक्ला,
इनके पति का नाम ऋषि शुक्ला,
ऋषि शुक्ला इतना नीच व्यक्ति है कि पूछिए मत,
अपनी सगी बेटी के साथ रे*प करते हुए नेहा शुक्ला ने पकड़ा लिया,
इस बात को नेहा शुक्ला थाने में बताई उनकी SI पवन शर्मा नें एक ना सुनी,
इनकी सास उर्मिला शुक्ला हैं जो नेहा के हिसाब से धं*धे वाली है,
उर्मिला शुक्ला अपने हवसी, नीच बेटे को बचानें के लिए नेहा शुक्ला को बहुत परेशान कर रही,
कोई ब्राह्मण समाज का व्यक्ति जो नेहा शुक्ला परिवार की मदद करना चाहता है आगे आए,
नेहा शुक्ला की बेटियों को उसके बाप ऋषि शुक्ला की हवस से बचाए ।
वरना नेहा शुक्ला बेटियों के साथ जान देनें की बात कर रहीं ।
विजय शर्मा ने अपनी ही मां का कर दिया बलात्कार 💔
नशे में धुत्त होकर विजय शर्मा घर पहुंचता है, यह अपनी ही मां को पलंग पर बांध देता है और मुंह में कपड़ा ठूंस देता है, फ़िर बलात्कार को अंजाम देता है,
में हैरान हूं एक भी मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसे कवर नहीं किया, क्या अपराधी की ख़बर भी जाति देखकर लगाओगे मनु मीडिया के लोगों,
शर्मनाक मेरा खून खौल रहा है, जिस में ने इस पापी को जन्म दिया उसी का चीरहरण कर दिया, बेहद शर्मनाक,
इसको फाँसी से कम मंजूर नहीं है, मां बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है इस Maderxod ने । 😡😡
ये हैं राजेंद्र दादाबी जी...
ये जिस इमारत की तरफ इशारा कर रहे हैं, वह नेपाल की भयावह बाढ़ में ध्वस्त हुई एक स्कूल की इमारत है।
जब आपदा आई, इस स्कूल में कुल 1643 बच्चे मौजूद थे।
हेडमास्टर राजेंद्र जी के पास आपदा से कुछ ही मिनट पहले ऊपरी इलाके में रह रहे उनके एक मित्र का फोन आया और उन्हें बाढ़ की सूचना मिली।
राजेंद्र जी ने बेहद त्वरित निर्णय लिया और कार्रवाई की... एक सेकंड बर्बाद किए बिना उन्होंने स्कूल के हर बच्चे को बेहद सूझबूझ से बाहर निकाला और उन्हें ऊँचे स्थान पर ले गए। बड़े बच्चों व अन्य शिक्षकों ने छोटे बच्चों को गोद में उठाकर ऊंचाई पर पहुँचाया।
एक-एक बच्चे व साथी को स्कूल से निकालकर राजेंद्र जी खुद वहाँ से हटे।
राजेंद्र जी ने सिर्फ 1643 बच्चों का जीवन ही नहीं बचाया... बल्कि वो नेपाल के भविष्य की एक पीढ़ी को बचाने वाले हीरो हैं।
सैल्यूट राजेंद्र दादाबी जी!
ये लड़की प्रयागराज यूनिवर्सिटी की छात्रा है
इसने अलख पांडे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मदद की गुहार की है
इस लड़की के पिता जी को 3 साल से लीवर सिरोसिस है
ओर घर का सारा पैसा पिता जी के इलाज में लगा दिया गया है
ओर अब फाइनली डॉक्टर ने बोला है कि लीवर ट्रांसप्लांट होगा
जोकि लीवर ट्रांसप्लांट में 30 लाख से 35 लाख लग जाएगा
लड़की का कोई भाई नहीं है पिता जी एकमात्र कमाने वाले थे
वो 3 साल से बीमारी से पीड़ित है
तो अब ये लड़की ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई एवं अपने घर का खर्च संभालती है
तो इसने अलख पांडे सर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मदद मांगी है
अलख पांडे सर मेरी आपसे रिक्वेस्ट है आप इस लड़की की मदद जरूर कर दीजिए
आप सबकी मदद करते हैं तो आज आपके धैर्य की परीक्षा समझो या फिर एक लड़की का दर्द समझो
प्लीज़ इस लड़की की मदद कर दीजिए
उप्र में फ़िल्म ‘आओ तुम्हें चाँद पे ले जाएं’ की शूटिंग शुरू हो गई है।
दरअसल ये प्रयागराज है जहाँ भाजपा राज में महाकुंभ के नाम पर 1 लाख करोड़ डकारा गया है। भाजपाई कह रहे हैं “नहीं खाएंगे” ये कहा था, डकारेंगे नहीं, ये वादा नहीं किया था।
ये तो उस सबसे ख़ास काली सड़क का हाल है जो संगम की ओर जाती है, बाक़ी इधर-उधर की सड़कें कितनी बदहाल होंगी… कहने की ज़रूरत है क्या?
जिन भाजपाइयों ने धर्म-धन के रूप में चढ़ावा-चंदा-दान चुराने से नहीं छोड़ा, वो भला स्मार्ट सिटी का बजट क्या छोड़ेंगे।
‘मेन स्ट्रीट मीडिया’ का हर सच्चा और साहसी पत्रकार सराहना का पात्र है। आप सब यूँ ही ‘सत्यकारिता’ करते रहिए, हम आपके साथ हैं। बड़े चैनल और अख़बार इनसे प्रेरणा लें।