7 साल की बच्ची Kristina उन भारतीय माँ बाप के मुँह पर तमाचा है जो अपने बच्चों को अंग्रेजो की औलाद बनाना चाहते हैं दूसरी ओर इस विदेशी बच्ची ने भारतीय गुरुकुल में पढ़ने के लिए अपना देश Russia छोड़ दिया l भारतीयों इन विदेशियों से कुछ सीखो !
अनन्यचेताः सततं यो मां स्मरति नित्यशः।
तस्याहं सुलभः पार्थ नित्ययुक्तस्य योगिनः।।
हे पृथानंदन !जो भक्त एक मना होकर मेरी भक्ति करता है और नित्य मेरा स्मरण करता है उसके लिए तो मैं बहुत ही सुलभ हूँ जो योगी नित्य युक्त होकर मेरा स्मरण करता है उसके लिए सदा उपस्थित हूँ।।
गुरुकुल परंपरा से ही दिव्य व्यक्तित्व का निर्माण संभव है और जब तक देश में दिव्य व्यक्तित्व नहीं होगा तब तक भारत विश्व गुरु नहीं बन सकता इसलिए भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए पहले भारत को गुरुकुलो का देश बनाना है
गुरुकुल परंपरा से ही दिव्य व्यक्तित्व का निर्माण संभव है और जब तक देश में दिव्य व्यक्तित्व नहीं होगा तब तक भारत विश्व गुरु नहीं बन सकता इसलिए भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए पहले भारत को गुरुकुलो का देश बनाना है