@ShivamSanghi12 केजरीवाल सोचते हैं कि प्रधानमंत्री के लिये उनकी भाषा चुनाव जिता देगी। महाशय
आप अपनी कब्र खुद खोद रहे हैं। प्रधानमंत्री का पद बहुत आदरणीय हैं लेकिन आप किसी का आदर करना क्या जानें।
देहरादून में हाल ही में 89.2 एफएम चैनल शुरू हुआ है। जिसके जगह जगह बोर्ड लगे हैं। लेकिन रेडियो यह चैनल पकड़ नहीं रहा है। प्रशासन से अनुरोध कि इसे चैक करायें
आज लोक सभा और राज्यसभा की कार्यवाही विपक्षी दलों के हंगामे से बार-बार स्थगित हो रही है। सरकार को चाहिए को जो सभी सदस्य संसद की कार्यवाही बाधित करे उसका उस दिन का वेतन और भत्ते काट लिया जाये। क्योंकि संसद जनता के टैक्स से चलती है।
राहुल गांधी संसद में पैलेट गन लेकर आ रहे हैं। मेरे भाई दो चार पत्थर भी ले आते जो
पुलिस वालो पर बरस रहे थे। तुम इस जन्म में तो प्रधानमंत्री बनने से रहे। अगले जन्म का भगवान मालिक है।
NEET का रिज़ल्ट जारी हो चुका है। पढ़ने वाले बच्चे काउन्सलिंग के लिये जाने वाले हैं। बेरोजगार लड़के अपने नेताओं के बहकावे में आकर पुलिस की लठिया खा रहे हैं। फिर FIR होगी। मुकदमे झेलेंगे।बेटा जाओ फिर मेहनत करो और अगले साल की तैयारी करो। समय मत बर्बाद करो।
अक्सर हम पढ़ते हैं कि अदालतों कई लाख मुकदमे लंबित है। अगर कारख़ानों और कई अन्य विभागों में शिफ़्टों में काम हो सकता है तो अदालतों में क्यों नहीं। अदालतें कम से कम दो शिफ़्टों में तो काम कर ही सकती हैं। सुबह 9 से 21/2 और दोपहर 3 से 8 तक। सरकार और न्यायपालिका विचार करें।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों से सभी स्ट्रीट डाग को हटाने का आदेश दिया है।इंडिया टीवी क मत है कि कैसे पता चलेगा कि कौन डाग ख़तरनाक है कौन नहीं। श्रीमान जानवर का कुछ पता नहीं होता कि कब वो ख़तरनाक होगा कब नहीं।पता जब पता लगेगा जब वो आप को काट लेगा। समझे।
आजकल राघव चड्ढा और अन्य 6 सांसद के बीजेपी में जाने पर बहस जारी है। जब सत्ता पक्ष को राघव चड्ढा के बोलने पर ऐतराज नहीं था तो आपने क्यों उन पर लगाम लगाई। मतलब साफ़ है उनकी प्रसिद्धि केजरीवाल को रास नहीं आयी। वैसे भी उन्हें बहुत अहंकार हो गया था। ढोर ( मवेशी) से खाल भी गयी।
अमेरिका में एक पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप पर हमला हुआ और वे डर कर मेज़ के नीचे छिप गये। अपनी जान कितनी प्यारी है। सोचिये कि आपकी ज़िद के चलते लड़ाई में ईरान, इज़राइल, आपके और अन्य देशों के कितने जवान मारे गये। परिवार अनाथ हो गये। अब लड़ाई बंद करे और सब को शांति से रहने दें।
टीवी में TIMES NOWनवभारत चैनल पर समाचार दिखाया जा रहा है कि भोपाल में स्कूलों में 31 अप्रैल तक छुट्टी कर दी गई है। निवेदन है कि अप्रैल महीना 30 दिन का होता है 31 दिन का नहीं। कृपया सुधार करें।