२४८ कोटी रुपये, ८ वर्षांची प्रतीक्षा आणि अवघ्या दोन दिवसांतच रस्त्याचा पृष्ठभाग उखडला!
मुंबईतील 'मृणालताई गोरे उड्डाणपूल' भाजपच्या विकासाच्या पोकळ मॉडेलचा पर्दाफाश करत आहे.
या उड्डाणपुलाचे उद्घाटन ६ जून रोजी झाले आणि ८ जूनपर्यंतच भाजपच्या तथाकथित विकासाचे पितळ उघडे पडले; हा पूल पूर्णपणे निकामी ठरला.
बालू कारोबारी,राजेश प्रजापति महज 32 साल की उम्र में लखनऊ की सड़कों पर पत्थर से कुचल ,कुचल कर मार दिया जाता है😭
इन दरिंदो का एनकाउंटर कब होगा,😡इसने किसी के घर का चिराग बुझा दिया है😭इन दरिंदो को सजाये मौत मिलनी ही चाहिए ताकि आने वाले समय मे कोई भी ऐसा करने से पहले 100 बार सोचे😡
@Uppolice
“आमच्याकडे जागाच नाही, मग नवीन झाडे लावणार कुठे?” — मेट्रो अधिकाऱ्यांचे हे उत्तर केवळ धक्कादायक नाही, तर भविष्यासाठी धोक्याची घंटा आहे.
मेट्रो, रस्ते विभाग, बिल्डर्स प्रकल्पांसाठी अस्तित्वातली मोठी झाडे तोडत आहेत… पण पर्यायी झाडे लावायची वेळ आली की उत्तर एकच — “जागा नाही.”
जब नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने झूठे मामलों में अरविंद केजरीवाल जी, मनीष सिसोदिया जी, सत्येंद्र जैन जी और संजय सिंह जी को जेल भेजा था, तब आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ता सड़कों पर भाजपा की तानाशाही के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। और आप विदेशों में छुट्टियाँ मना रहे थे। क्यों?
पूरे देश और दिल्ली की जनता जानती है कि दिल्ली चुनाव में बीजेपी वोट चोरी करके जीती। तब भी आपकी चुप्पी क्यों नहीं टूटी?
आज पूरे देश में बीजेपी पर वोट चोरी के आरोप लग रहे हैं, लोगों के वोट कटवाए जा रहे हैं, फिर भी आप खामोश क्यों हैं?
संसद में आप गंभीर मुद्दों पर बोलने के बजाय समोसे पर चर्चा करते हैं। आखिर आपको बीजेपी की तानाशाही के खिलाफ खुलकर बोलने में डर क्यों लग रहा है? आप खामोश क्यों हैं?
🚨Same person betrayed Atal Bihari Vajpayee, now accusing Modi sleeping with 3 Ministers😲
Watch the video for full details and please share it. Jai Hind📷🇮🇳
यह बड़ा आरोप है लेकिन गोदी मीडिया शांत है 2014 से पहले यही आरोप किसी और नेता पर लगता तो मीडिया आंधी तूफान की तरह इस्तीफे की मांग कर डालता. https://t.co/zrlLtm0x71
‘एपस्टीन गैंग’ के कारनामों की चर्चा के बीच मधु किश्वर का यह ट्वीट बहुत खतरनाक बात कह रहा है, कि - ऐसे मामलों में उलझे नेता देश के लिए खतरा बन सकते हैं क्योंकि वे ब्लैकमेल के शिकार हो सकते हैं।
मधु किश्वर का यह लंबा ट्वीट बेहद महत्वपूर्ण है- इसमें लगाए गए आरोप किसी विपक्षी नेता का राजनीतिक बयान नहीं हैं, बल्कि सत्ता के अंदर की उन चर्चाओं का ज़िक्र हैं जिन्हें वे वर्षों से सुनती रही हैं।
वे लिखती हैं कि-
- 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही उनके निजी जीवन, कुछ महिलाओं को पद देने और यहाँ तक कि कुछ मंत्रियों से जुड़े विशेष सेवाओं की बातें सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय थीं।
- इन बातों से वे इतनी असहज हो गईं कि उन्होंने खुद दूरी बना ली, यहाँ तक कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी जाने से बचती रहीं।
- और सबसे गंभीर चेतावनी- वे यह भी दावा करती हैं कि विदेशों तक में उनकी अय्याशी की कहानियाँ सुनने को मिलती थीं।
अब ये बातें इसलिए और गंभीर हो जाती हैं क्योंकि मधु किश्वर कोई ट्रोल या विपक्ष की कार्यकर्ता नहीं हैं। वे देश की जानी मानी लेखिका, पत्रकार और विचारक हैं, भाजपा और संघ की विचारधारा के करीब रही हैं। यहाँ तक कि उन्होंने नरेंद्र मोदी की जीवनी भी लिखी है। ऐसे व्यक्ति की बात को यूँ ही खारिज नहीं किया जा सकता।
ऐसे में सवाल और भी गंभीर हो जाते हैं-
- क्या सचमुच महिलाओं को पद देने के बदले उनका शोषण हुआ?
- क्या महिलाओं की जासूसी करवाई गई?
- क्या देश की सत्ता ऐसे आरोपों के साये में चल रही है?
नरेंद्र मोदी जी, देश आपसे सीधा जवाब मांग रहा है।
56 इंच का सीना सिर्फ भाषणों में नहीं, सच का सामना करने में भी दिखना चाहिए।
हमने कभी नहीं कहा है कि Private Schools बंद कर देंगे या इसमें बच्चों को मत पढ़ाओ।
हमने कहा है कि हम सरकारी स्कूलों को Private Schools की तरह शानदार कर देंगे। ये आप पर है कि आप अपने बच्चों को कहाँ पढ़ाना चाहते हैं।
— @BhagwantMann, मुख्यमंत्री, पंजाब