आओ ना..
डरो मत..
आप ५६ इंच वाले हो,मालूम है,
एक बार अंदर आकर तो देखो
डरो मत
राहुल गांधी अच्छे संस्कारी इन्सान है,
वो आपको कुछ नही करेंगे
बस सदन में थोडी धुलाई करेंगे
इतना तो हक बनताही है
राहुल संसद के दरवाजे पे खडे है..
छुपके मत देखो …
आओ भाई..आईए
@AmitShah
एक छोटी सी बात समझिए। जिस जगह प्रदर्शन हो रहा है उसके पास कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर समेत कई मंदिर हैं। यह मंदिर जनता के चंदे से चलते हैं। यह दीगर है श्री राम जन्मभूमि में चंदा लूट लिया गया।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज से बचने के लिए हजारों नौजवान हनुमान मंदिर गए, लक्ष्मी नारायण मंदिर भी गए। सभी जगह दरवाजा बंद कर दिया गया और फिर थक हार कर यह सभी गुरुद्वारे में पहुंचे।
गुरुद्वारे के सेवादार दरवाजे के बाहर खड़े हो गए और पुलिस को भीतर नहीं आने दिया। अच्छा खाना दिया, सोने की जगह दी। मंदिरों ने अपना धर्म नहीं निभाया।
ABSOLUTELY SHOCKING
This RAF official actually sees the peaceful protesters as cockroaches and thinks that the brutality of the police was justified because of that.
But you see, we are cockroaches. And cockroaches never die!
वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं मार सकते। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरी आत्मा को नहीं।
नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान सुन लो अब देश के फ़ौजी भी साथ दे रहें
BHAGAT SINGH
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.
दिल्ली पुलिस द्वारा CJP प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लिए गए लगभग 3000 छात्र-छात्राओं तथा युवाओं और महिलाओं पर बर्बर लाठी चार्ज के बाद दोपहर 2 बजे से अब तक विभिन्न थानों और स्टेडियमों में जानवरों की तरह बिना खाना और पानी गिरफ्तार रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
क्या छात्राओं और महिलाओं को इतने रात तक पुलिस स्टेशनों और स्टेडियम में रखना क़ानून का मख़ौल उड़ाना नहीं है?
मोदी जी अब और कितना नीचे गिरोगे ?
लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध करना अपराध नहीं है।
मैं दिल्ली पुलिस से मांग करता हूँ कि सभी युवाओं को तत्काल रिहा किया जाए और उनके संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
😂🤣 धीरे धीरे ही सही लेकिन देश की जनता जान गई कि ये लोग कभी भी देश के साथ नहीं थे, बस कांग्रेस के खिलाफ और भाजपा के साथ थे!
अगर देश के साथ होते तो आज भी सरकार के खिलाफ होते, उसकी चाटूकारिता नहीं करते!😎