ये हैं @anandrai177. पहले ये आदिवासी नेता हीरालाल अलावा को मुख्यमंत्री बना रहे थे और अब दलित नेता चंद्रशेखर को। इस फ़्रॉड से भी कांग्रेस को बचाना है और इनके पीछे खड़े @digvijaya_28 से भी।
सरकार डुबो दी, उपचुनाव हार गए लेकिन अभी भी समर्थकों और कार्यकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं प्रदेश के आई टी सेल के चेयरमैन वो भी विज्ञापन चला कर @brajeshabpnews @Anurag_Dwary@upmita@Kapil_news
जो इन सवालों के जवाब ढूंढ लेगा उसे मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीति से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल जाएंगे और कइयों के चेहरे से मखौटे भी हट जाएंगे।
@INCMP@OfficeOfKNath@jitupatwari@KunalChoudhary_
@sajjansinghverma
3) आखिर कौन है जो इन आदिवासी युवाओं को गुमराह कर रहा है? या ऐसा कहे कि इनके जोश का गलत इस्तेमाल कर रहा है?
4) सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न ये है कि इस खेल को कौन स्पांसर कर रहा है?
@OfficeOfKNath
3) आखिर कौन है जो इन आदिवासी युवाओं को गुमराह कर रहा है? या ऐसा कहे कि इनके जोश का गलत इस्तेमाल कर रहा है?
4) सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न ये है कि इस खेल को कौन स्पांसर कर रहा है?
@OfficeOfKNath
3) आखिर कौन है जो इन आदिवासी युवाओं को गुमराह कर रहा है? या ऐसा कहे कि इनके जोश का गलत इस्तेमाल कर रहा है?
4) सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न ये है कि इस खेल को कौन स्पांसर कर रहा है?
@OfficeOfKNath
परिणाम आने पर पता चला कि इस प्रत्याशी को कुछ 3000 वोट मिले। अब कुछ प्रश्न हैं:
1) आखिर ऐसी शर्मनाक हार के लिए ये सब नाटक क्यों किया गया?
2) ये प्रपंच किसने और किसके माध्यम से रचा? उन लोगों को इससे क्या फायदा हुआ?
@INCMP@OfficeOfKNath
@maheshpatel
@VikrantBhuria
परिणाम आने पर पता चला कि इस प्रत्याशी को कुछ 3000 वोट मिले। अब कुछ प्रश्न हैं:
1) आखिर ऐसी शर्मनाक हार के लिए ये सब नाटक क्यों किया गया?
2) ये प्रपंच किसने और किसके माध्यम से रचा? उन लोगों को इससे क्या फायदा हुआ?
@INCMP@OfficeOfKNath
@maheshpatel
@VikrantBhuria
मध्य प्रदेश की जोबट विधानसभा सीट पर एक "सरदार परमार" नामक प्रत्याशी खड़ा किया गया। बताया गया कि उसकी जीत प्रदेश में आदिवासी सरकार का आगाज़ होगी। माहौल बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। बड़े-बड़े लोगों को बुलाया गया। चंद्रशेखर आज़ाद रावण को भी बुलाया गया।
मध्य प्रदेश की जोबट विधानसभा सीट पर एक "सरदार परमार" नामक प्रत्याशी खड़ा किया गया। बताया गया कि उसकी जीत प्रदेश में आदिवासी सरकार का आगाज़ होगी। माहौल बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। बड़े-बड़े लोगों को बुलाया गया। चंद्रशेखर आज़ाद रावण को भी बुलाया गया।