यूपी पंचायत सहायक का मानदेय 6000
काम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे tk
आयुष्मान कार्ड बनाना
क्रॉप सर्वे
फार्मर रजिस्ट्री
रेट्रोफिटिंग
चुनाव में ड्यूटी
शौचालय का सत्यापन
समाज कल्याण के कार्य
काम सेवा केंद्र संचालन
ये सारे काम बिना अतिरिक्त पैसे के
@myogiadityanath@oprajbhar
@oprajbhar Panchayat sahayak ke bare me bhi kuch sochenge ki nhi ki mre 6000 me agar ye soch rhe h aap ki 2027 chunav ke samay mandey badhakar wahi wahi lutenge to ye aapki glat fahmi h kyonki is beech jo shoshad hoga Panchayat sahayAko pr wo 2027 me jhelna pdega apko
जिस प्रकार "हिमाचल प्रदेश" में "पंचायत सहायकों" की सैलरी ||₹49675/माह|| दी जा रही है, ठीक उसी प्रकार देश के "समस्त प्रदेशों" में सैलरी दिया जाए। आखिरकार जब "योजना और पदस्थापना एक" और तो सैलरी इतनी विभिन्न आखिर क्यों.. और कब तक!??
@RahulGandhi
@myogiadityanath शिवराज सिंह चौहान से ही कुछ सीख लीजिए की एक पंचायत सहायक को कैसे स्थायी करना है और किस तरह एक सम्मानजनक मानदेय देना है
लेकिन आप लोगो के पास तो अर्थशास्त्री के बाप लोग बैठे है जो 6000 मानदेय मे पंचायत सहायकों का घर चला रहे है
#अल्प_मानदेय_6000
चलिए चुनाव के बहाने ही सही लेकिन कुछ तो युवाओं को मिल रहा और एक उत्तर प्रदेश है जिसमें कर्मचारी ही ₹6000 महीना 10 से 5काम कर रहा है कितनी विडंबना है कि हम अपनी सरकार को बताने के बावजूद हमारी सरकार कुछ नहीं कर रही है 58000 पंचायत सहायक यूपी में केवल 6000 प्रति माह पर कार्यरत है
@oprajbhar Panchayat sahayak pr bhi dhyan dijiye thda apko ya apki sarkar ko kyo nhi samajh a rha ki 6000 mandey me ghar nhi chalta
Agar aap soch rhe ki panchayat sahayakon ko undekha karke aap 2027 me satta me a jayenge to aap bhut glat fahmi me h aap apni bhi kursi nhi bacha payenge...
मा0 मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी कृपया संज्ञान लें एवं आवश्यक कार्यवाही करवाने का कष्ट करें। बबेरू ब्लाक रगोली के पंचायत सहायक पर गुण्डों के द्वारा जानलेवा हमला किया गया और कार्यवाही नहीं हो रही। नियमानुसार न्याय की उम्मीद है।
#मुकदमापंजीकृत_किया_जाए@Uppolice@dgpup
मेरी जानकारी में 'शोषण' के सबसे बड़ा शिकार "पंचायत सहायक" कर्मचारी है। जो कार्य तो केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं का करता है लेकिन उसका पारिश्रमिक सचिव और प्रधान को देना होता है। "राज्य सरकार" को तत्काल यह व्यवस्था हटाकर "राज्य के फंड" से देना प्रारंभ करना चाहिए।
@myogiadityanath
महज ₹6000/- देकर 'केन्द्र' और 'राज्य' की लगभग सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायत सहायक करते हैं।
कार्य कुशलता और अनुभव को देखते हुए सभी "पंचायत सहायकों" की सैलरी ₹30000/- होनी चाहिए।
#उत्तरप्रदेश_सरकार_से_ही_उम्मीद