मोदी जी को लगा था कि
माइक बंद करके, संसद म्यूट करके या संसद की सदस्यता छीन कर आवाज को दबा देंगे!
पर @RahulGandhi जी की आवाज और बुलंद हो गयी
सवाल और तीखे हो गये!
मोदी जी ये "गांधी है गांधी"
देश और जनता के लिये कभी समझौता नहीं करते!
जवाब तो देना ही पड़ेगा
#20000_करोड़_किसके_हैं
A meaningful meeting with Karnataka Minister Shri Krishna Byre Gowda ji. Discussed ways to further strengthen Congress Seva Dal and build a more vibrant grassroots organization. @krishnabgowda
It was a pleasure meeting Hon'ble Karnataka Minister Shri Ramalinga Reddy ji after being appointed Chief Organiser of Congress Seva Dal.
Grateful for his warm wishes, valuable guidance and encouragement. Looking forward to strengthening Seva Dal with renewed commitment and dedication.
@RLR_BTM@CongressSevadal
पूर्व प्रधानमंत्री श्री पी. वी. नरसिम्हा राव जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण और आर्थिक परिवर्तन में उनके ऐतिहासिक योगदान को देश सदैव स्मरण रखेगा।सार्वजनिक जीवन में उनकी विशिष्ट भूमिका आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती
In 2004, nobody expected the Congress to win. India was shining, and Shri Atal Bihari Vajpayee was a formidable and charismatic political leader. Yet, against all odds, the Congress pulled off a remarkable victory.
We emerged as the single largest party with 145 seats, leading to the formation of the UPA government. For the next ten years, Dr. Manmohan Singh served as Prime Minister.
It was Smt. Sonia Gandhi ji who became Congress President in April 1998 and held the party together during a challenging period. At one point, the Congress had 15 chief ministers, and a series of chief ministers' conclaves were held in Guwahati, Srinagar, and Delhi.
These conclaves became important platforms for policy discussions, where the ideas that later shaped the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act and the Forest Rights Act emerged.
From 1999 to 2004, Sonia Gandhi ji served as Leader of the Opposition and played a central role in bringing opposition parties together. It was her efforts, more than anyone else's, that helped forge the alliance that became the UPA on the evening of May 16, 2004.
: Congress General Secretary (Communications) Shri @Jairam_Ramesh
India’s goods trade surplus with the USA in 2025-26 was $34.4 billion as compared to $40.1 billion in 2024-25.
India’s goods trade deficit with China in 2025-26 was $112.2 billion as compared to $99.2 billion in 2024-25.
Modinomics = Appeasement of USA + Capitulation to China
मध्य प्रदेश सरकार में पहले भी कई भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी का कुछ नहीं बिगड़ा।
वो इसलिए कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री ही भ्रष्टाचार में लिप्त हों, तो बाकी मंत्री 'अलीबाबा और 40 चोर' की तरह ही काम करेंगे।
: मध्य प्रदेश के CLP नेता @UmangSinghar जी
📍 मध्य प्रदेश
સોશિયલ મીડિયા ઇન્ફ્લુએન્સરોને ક્રાઈમ બ્રાન્ચની સીધી ધમકી!
"સરકારની તરફેણ કરો, નહીંતર તમારા એકાઉન્ટ બ્લોક કરી નાખીશું!"
સ્થાનિક સ્વરાજની ચૂંટણી આવતાં જ પોલીસ વિભાગ સરકારનો ગુલામ બની ગયો!
વિરોધી અવાજને દબાવવા માટે આડકતરી ધમકીઓ, વિપક્ષની તરફેણમાં એક પણ સ્ટોરી નહીં ચલાવવાની "સમજ" પાડવામાં આવી!
આ તો લોકતંત્રની હત્યા છે, ખુલ્લી તાનાશાહી છે!
જાગો ગુજરાત! આ રીતે અવાજ દબાવવા દેશો નહીં! 🔥
सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की बजाए, मोदी सरकार खुद उसमें विघ्न डाल रही है!
सदन को बार-बार स्थगित करना साफ दर्शाता है कि नरेंद्र मोदी जी को लोकतंत्र में।कोई विश्वास नहीं है!
विपक्ष की मांग न मान कर सरकार, अडानी के फर्जीवाड़े में, किसको छुपाने की कोशिश कर रही है?
श्री देवेंदर यादव तिलक नगर विधान सभा में देवी माँ के आर्शीवाद के साथ न्याययात्रा का पुरज़ोर नेतृत्व करते हुए, जनता का जोश देखते ही बनता है।
#DelhiNyayYatra
हक की आवाज बुलंद हो रही है,
जनता का जोश नई क्रांति ला रही है!
जनकपुरी विधानसभा में पहुंची दिल्ली न्याय यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
यात्रा में राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती @NayakRagini, श्रीमती @AmrritaDhawan और अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए।
#DelhiNyayYatra
रेहड़ी-पटरी वालों से छीना जा रहा है उनका हक और रोजगार।
BJP और AAP सरकार जवाब दें, कांग्रेस सरकार के समय लाए गए कानून को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया❓
#DelhiNyayYatra
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में मेरा शुरुआती वक्तव्य —
कार्य समिति के सभी सदस्य साथी, आप सभी का स्वागत है।
1. सबसे पहले मैं प्रियंका गांधी जी को वायनाड से और रवींद्र वसंतराव चव्हाण को नांदेड़ से लोक सभा में विजयी होने पर बहुत बधाई देता हूं। राज्यों में कांग्रेस के विजयी सभी उम्मीदवारों को भी बधाई।
2. साथियों 2024 के लोक सभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस पार्टी ने नए जोश-खरोश के साथ वापसी की थी। लेकिन उसके बाद हुए, 3 राज्यों के चुनावी नतीजे हमारी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे। INDIA parties ने 4 में से 2 राज्यों में सरकार बनाई। पर हमारा performance below-expectation रहा। भविष्य के लिहाज से यह हमारे लिए चुनौती है।
3. हमें तुरंत चुनावी नतीजों से सबक लेते हुए संगठन के स्तर पर अपनी सभी कमजोरियों और खामियों को दुरुस्त करने की जरूरत है। ये नतीजे हमारे लिए संदेश है।
4. सबसे अहम बात जो मैं बार-बार कहता हूँ कि आपसी एकता की कमी और एक दूसरे के ख़िलाफ़ बयानबाजी हमें काफी नुकसान पहुंचाती है। जब तक हम एक हो कर चुनाव नहीं लड़ेंगे, आपस में एक दूसरे के ख़िलाफ़ बयानबाजी का सिलसिला बंद नहीं करेंगे, तो अपने विरोधियों को राजनीतिक शिकस्त कैसे दे सकेंगे?
5. इसलिए जरूरी है कि हम Strictly अनुशासन का पालन करें। हर हालत में united रहना है। पार्टी के पास अनुशासन का भी हथियार है। लेकिन हम नहीं चाहते कि अपने साथियों को किसी बंधन में डालें। इसलिए सबको ये सोचने की दरकार है कि कांग्रेस पार्टी की जीत में ही हम सबकी जीत है और हार में हम सबकी हार है। पार्टी की ताकत से ही हमारी ताकत है।
6. साथियों, चुनावों में माहौल हमारे पक्ष में था। लेकिन केवल माहौल पक्ष में होना भर जीत की गारंटी नहीं। हमें माहौल को नतीजों में बदलना सीखना होगा। क्या कारण है कि हम माहौल का फ़ायदा नहीं उठा पाते?
7. इसीलिए हमें पर्याप्त मेहनत करने के साथ समयबद्ध तरीके से रणनीति बनानी होगी। हमे अपने संगठन को Booth Level तक मजबूत करना होगा। हमें मतदाता सूची बनाने से लेकर वोट की गिनती तक रात दिन सजग, सचेत और सावधान रहना होगा।
8. हमारी तैयारी आरंभ से मतगणना तक ऐसी होनी चाहिए कि हमारे workers और systems मुस्तैदी से काम करें।
9. कई राज्यों में हमारा संगठन अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। संगठन का मजबूत होना हमारी सबसे बड़ी जरूरत है।
10. हम चुनाव भले ही हारे हो, पर इसमें कोई शक नहीं कि बेरोज़गारी, महंगाई, आर्थिक असमानता, इस देश के ज्वलंत मुद्दे हैं। जाति जनगणना भी आज का एक अहम मसला है। संविधान, सामाजिक न्याय और सौहार्द जैसे मसलों जन-जन के मुद्दे है।
11. पर इसका मतलब ये नहीं की हम चुनावी राज्यों में वहां के जरूरी local मुद्दों को भूल जाए। राज्यों के अलग-अलग मुद्दों को समय रहते बारीकी से समझना और उसके इर्द-गिर्द ठोस Campaign रणनीति बनाना भी जरूरी है।
12. National issues और National Leaders के सहारे राज्यों का चुनाव आप कब तक लड़ेंगे?
13. हाल के चुनावी नतीजों का संकेत यह भी है कि हमें राज्यों में अपनी चुनाव की तैयारी कम से कम 1 साल पहले शुरू कर देनी चाहिए। हमारी teams समय से पहले मैदान में मौजूद रहनी चाहिए। पहला काम मतदाता सूचियों की जाँच करनी चाहिए ताकि हमारे पक्ष वालों के वोट हर हालत में सूची में बने रहें।
14. अगली बात जो मैं कहना चाहता हूँ वो है, हम पुराने ढर्रे पर चलते हुए हर समय सफलता नहीं पा सकते।
15. आपका राजनीतिक प्रतिद्वंदी क्या कर रहा है, इसे रोज़मर्रा में देखना होगा। हमे समय से निर्णय लेने होगे। जवाबदेही तय करनी होगी।
16. एक और बात मैं कहना चाहता हूँ। कई बार हम ख़ुद अपने सबसे बड़े शत्रु बन जाते हैं। हम ख़ुद अपने बारे में नकारात्मक और हताशापूर्ण बातें करेंगे और ये कहेंगे कि - हमारा कोई Narrative नहीं है तो मैं पूछता हूं कि narrative बनाना और उसको जनता तक पहुंचाना किसकी जिम्मेदारी है?
17. ये हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। जो नैरेटिव हमने राष्ट्रीय स्तर पर set किया था, वो अभी भी लागू है।
18. मैं मानता हूँ कि EVM ने चुनावी प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया है। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है इसलिए इसे लेकर जितना कम कहा जाए उतना अच्छा। पर देश में Free और Fair चुनाव सुनिश्चित करवाना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है। बार-बार ये सवाल उठ रहे हैं कि किस हद तक ये दायित्व निभाया जा रहा है।
19. सिर्फ़ 6 महीने पहले जिस तरह के नतीज़े लोक सभा में MVA के पक्ष में आए थे उसके बाद विधान सभा का नतीज़ा राजनीतिक पंडितों के भी समझ से परे है। जैसे परिणाम आए हैं कि कोई भी अंकगणित इसे justify करने में असमर्थ है।
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