Saurav visited schools in Punjab, pointed out the shortcomings, and the Education Minister met him and assured action.
Ashu did the same in Karnataka. The Education Minister met him and assured action.
But when we expose poor conditions in schools in BJP-ruled states, they send goons after our team.
Why is the BJP so afraid of accountability? Why is the BJP against education?
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
"Real GDP growth is 2.6%,not 7.8%.
The government is good at revising the base-year data so that it can project GDP growth as high as 7.8%."
— Subash Chandra, Ex Finance Secretary
New Delhi: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान वायरल हुई 15 वर्षीय लड़की ने दावा किया कि उसे धमकाया गया और PM मोदी से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया. अब उसने दोबारा मोदी को सीधे निशाने पर लेते हुए पीछे नहीं हटने की बात कही है.
मुख्यमंत्री @Dev_Fadnavis जी,
महाराष्ट्र के अनेक आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक से अपने अधिकारों के लिए भूख हड़ताल पर हैं।
पुणे में 'छात्रों की गूंज' के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में 30 वर्ष की अनावश्यक उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के लिए गर्भावस्था जांच जैसे अमानवीय प्रावधान लागू हैं।
सुदूर गांवों-कस्बों से आने वाले ये छात्र कोई दान नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। अपेक्षा है कि आप उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।
This NVIDIA setup is scary.
$NVDA reports Q2 earnings Wednesday after the market closes.
And history says another record quarter may still NOT be enough.
NVIDIA has beaten Wall Street expectations four quarters in a row.
Yet $NVDA has fallen the next day in ALL 4:
- Aug ’25: Rev $46.7B vs $45.7B exp → -0.8%
- Nov ’25: Reve $57.0B vs $55.2B exp → -3.2%
- Feb ’26: Rev $68.1B vs $66.2B exp → -5%
- May ’26: Rev $81.6B vs $78.9B exp → -1.8%
Now the bar is even HIGHER.
Wall Street expects nearly $92B in revenue, almost double last year.
Options are pricing a ±6% move.
At $215, that’s roughly $13 per share in either direction.
Market cap could also swing $300B+, larger than most companies in the entire S&P 500.
That’s how high the stakes are.
मोदी को सवालों से कितना डर लगता है, इसका सबूत देख लीजिए 👇
अमेरिकी राजदूत ने बताया - फ्रांस में G7 सम्मेलन में मोदी की ट्रंप से मुलाकात होनी थी।
इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने यह अनुरोध किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवाल ना लिए जाएं।
मने 56 इंच वाले पत्रकारों के सवालों से इतना डर रहे हैं कि मीटिंग से पहले गिड़गिड़ा रहे हैं - प्लीज कोई सवाल ना पूछ ले।
इसी डर की वजह से मोदी ने आज तक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।
एक बार अमेरिका के वाइट हाउस में सवालों से सामना हुआ था तो पसीना-पसीना हो गए थे, जबान लड़खड़ाने लगी थी।
ये वीडियो देखिए 👇
BJP नेता और यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के लिए 52 सेकेंड नहीं रुक पाए।
राष्ट्रगान होता रहा और वे उसके पूरा होने से पहले ही चलते बने- ये हमारे राष्ट्रगान का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
BJP नेता की इस घटिया हरकत से हिंदुस्तान की संप्रभुता, इतिहास और संस्कृति के प्रतीक राष्ट्रगान का सम्मान करने वाला हर देशवासी आहत है... गुस्से में है।
इस अपराध के लिए सतीश महाना, नरेंद्र मोदी और पूरी BJP को देश से माफी मांगनी चाहिए।
माननीय मुख्यमंत्री जी उप्र की राजधानी-क्षेत्र के स्कूल की बदहाली का पहले हाल देखिए फिर 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और अरबों-खरबों के निवेश का जुमला फेंकिए।
कौन है सही : सरकार या सलाहकार?
E20 से ख़राब हुई गाड़ियों को खींचकर ले जानेवाले बाइक-कारवाले पूछ रहे हैं, एक तरफ़ तो सरकार कह रही है ‘E20 में सब ठीक है’; दूसरी तरफ़ सलाहकार कह रहे हैं ‘E20 गाड़ियों के लिए नुक़सानदेह है’, तो ये स्पष्ट कौन करेगा सही क्या है।
अरे बात-बात में सर्वे करानेवाली भाजपा सरकार, E20 के परिणाम भुगत रही आम जनता से सीधे संवाद करके क्यों नहीं पूछ लेती की सच क्या है।
E20 दुधारी तलवार है, जिसकी जनता पर दोहरी मार है : महंगा पेट्रोल भी और महंगी मेनटेनेंस भी।
भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है।
उन्होंने शांति, मोहब्बत और हंसी-मज़ाक के साथ अपनी आवाज़ बुलंद की।
मुझे हर एक युवा पर गर्व है - खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें BJP के गुंडों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
लेकिन अब उनकी आवाज़ दबाई नहीं जा सकेगी।
22 अगस्त को ‘छात्रों की गूँज’ पुणे पहुंच रही है - और इस बार का कार्यक्रम सिर्फ़ लड़कियों के लिए होगा।
अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा।
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