नफ़रती नेता के दबाव में प्रशासन ने सबको अंधेरे में रखकर डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के पिपरा रामलाल में सिर्फ़ एक मदरसा और मस्जिद नहीं ढहाई है, बल्कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के उस संविधान पर भी चोट की है, जो हर नागरिक को बराबरी, धार्मिक स्वतंत्रता और कानून के संरक्षण का अधिकार देता है।
अगर कार्रवाई कानून के तहत हुई है तो प्रशासन जवाब दे-नोटिस कब दिया गया? प्रभावित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर कब मिला?
सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन संविधान स्थायी है। सत्ता के अहंकार में किए गए हर अन्याय का हिसाब लोकतंत्र और कानून के दायरे में लिया जाएगा।
यह लड़ाई किसी एक धर्मस्थल की नहीं, कानून के राज और संविधान की रक्षा की लड़ाई है।
AAP बौद्ध प्रान्त अध्यक्ष @ImranLateefAAP ने मौके पर पहुंचकर सरकार की इस असंवैधानिक कार्रवाई के खिलाफ़ आवाज़ बुलंद की।
ब्राज़ीलियाई फुटबॉल के दिग्गज रॉबर्टो कार्लोस के इस्लाम अपनाने की खबर सामने आई है। तुर्की के सांसद अली शाहिन के मुताबिक, कार्लोस ने करीब चार सप्ताह पहले शेख जिहाद हम्मादेह के सामने कलमा-ए-शहादत पढ़कर इस्लाम कबूल किया। हालांकि, रॉबर्टो कार्लोस की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नफ़रतियों ने दीवाली पर मुस्लिम दुकानदार से सामान न खरीदने के लिए पोस्टर लगाया था इसलिए मैंने ढूढ़कर मुस्लिम दुकानदार से ही पटाखे ख़रीदे
सामाजिक सौहार्द रहेगा तभी देश मजबूत रहेगा, PDA एकता जिंदाबाद
एक आफ़ताब पूनावाला नाम का हत्यारोपी है। उस पर आरोप है कि उसने अपनी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या करके शव को टुकड़ों में काटकर फ्रिज़ में रखा था। उसके इस घृणिय कृत्य के लिए समूचे मुस्लिम समुदाय को क्रिमनलाइज़ किया गया। सवाल यह है कि क्या संजय पाटीदार के घृणित कृत्य के लिए उसके समुदाय को क्रिमनलाइज़ नहीं किया जाएगा?
हथकड़ी में जकड़े इंसानों को पुलिस की मौजूदगी में गोलियां बरसाकर मारने वालों को 'देवदूत' बताये जाने के हाॅर्डिंग्स लगे हैं। यह कोई नयी बात नहीं है। जब यह 'जागा हुआ हिंदू' बिलकिस के बलात्कारी दरिंदों को माला पहना सकता है तब अतीक़ अहमद के हत्यारों को 'देवदूत' बताना कौनसा बड़ी बात है। इन हत्यारों ने तो हत्या के बाद 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए थे, अब इन्हें देवदूत ना बताएं तो किसे बताएं!
भारतीय रेलवे की अंतराष्ट्रीय बेइज्जती ये हो रही है, क्या क्या छिपाओगे दीवारों के पीछे??
आजकल तो कोई जिम्मेदारी भी नहीं लेता, रेलमंत्री रीलमंत्री बना हुआ है।।
आमजन कचरे की तरह सफर करने को मजबूर है।
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