@yadavakhilesh
सिर्फ PC से काम नहीं चलने बाला, और अगर आपको लगता है कि आपका सिर्फ #PDA ही आपको जिता देगा तो आप भृम में जी रहे हैं!
@AnilYadavmedia1 भाई कुछ समझाए अपने महबूब नेता को......
इस समय विपक्ष के नेताओं का धर्म है छात्रों के बीच जाना और उन्हें पेपर लीक के मुद्दे को पुरज़ोर तरीक़े से उठाना।
राहुल गांधी ने शुरुआत की है, बाक़ी नेताओं को भी जाना चाहिए।
तोड़ फोड़ के दौर में सिर्फ़ ज़मीन की राजनीति ही विपक्ष को बचाएगी।
पहले दो मिनट इनको सुन लो… ‘आज तक’ पर बोल रहे हैं। ऊपर फ़ॉरवर्ड कर देना। विशेषज्ञों को ऐसे बोलने दिया गया तो @narendramodi सरकार के प्रति लोगों के मन में इज़्ज़त कम हो जाएगी…
ये जो भाड़े पर महिलाओ को भेज रहे थे आपके सांसदों के यहां, @IqraMunawwar_ , ने बेहतरीन मुद्दा दिया था आपको @yadavakhilesh यूपी जाम करने का....
खैर आप #confrence करिये कल.....
देश में इस समय #NEET और #fuelpricesindia दो इतने बड़े मुद्दे हैं,कि कांग्रेस 2 राज्यों में सरकार की नाक में नकेल डाले हुए है।
आपकी पार्टी सिर्फ ट्वीट करती है और आप लाल टोपी लगा के एक #confrence कर देते हो, और उसके बाद आपके चमचे @IPSinghSp शुरु हो जाते हैं ट्विटर पर........
UP की भाजपा सरकार और उसकी पुलिस की नाइंसाफ़ी और ज़्यादती देखकर ITBP को भी इन पर भरोसा नहीं है।
दिल्ली का भरोसा लखनऊ से उठ गया है तभी ITBP ने ये घेराबंदी की होगी। ये कैसा डबल इंजन है जो एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बंदूक ताने खड़ा है।
अरे भाई #कांग्रेस 3 राज्यों में इतनी गर्मी में सडकों पर हैं।
@yadavakhilesh आपकी पार्टी #NEETScamExposed जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सिर्फ कान्फ्रेंस कर रही है।
अरे भाई जब कुछ नहीं कर पा रहे हो तो @IqraMunawwar_ जी के आदोलन में चले जाते!
महिला सशक्तिकरण का इससे बङा मुद्दा नहीं
@कोरोना में कम से कम गैस की किल्लत तो नहीं थी आदमी खा लेगा तो सो जाएगा भूखा रहेगा तो संयमित नहीं हो पाएगा प्रधानमंत्री जी......
@narendramodi@AnilYadavmedia1
यूँ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनज़र संसद जो भाषण दिया उसका मक़सद लोगों में भरोसे का भाव भरना था। लेकिन इस एक पंक्ति ने कि ‘अब हमें फिर से कोरोना के दिनों की तरह तैयार रहने की आवश्यकता है’ ने भरोसे से ज़्यादा पैनिक फैलाने का काम किया है।
‘अर्थ वो नहीं होता जो आप सोच कर बोलते हैं, अर्थ वो होता है जो लिया जाता है’ -ये communication theory का पार्ट है।
मनमोहन सिंह जी संसद में भाषण दे रहे थे, बीजेपी सांसद वेल में घुसकर कागज फेंक रहे थे।
तब मनमोहन सिंह जी की
न आँख झपकी,
न रोना रोया,
न विक्टिम कार्ड खेला
अडिग खड़े रहे, भाषण पूरा किया।
आज मोदी पर महिला सांसदों के खिलाफ साजिश का रोना रोने वालों के गाल पर ये जोरदार तमाचा है!