आख़िर ये सिलसिला कितना लम्बा चलेगा...?
नरसंहार का ये खेल कब ख़त्म होगा, कब सत्ता लोभ की गहरी नींद से जागेगी योगी सरकार?
न खेत-खलिहान सुरक्षित हैं न सड़कों पर आम आदमी...क्या खिड़की-दरवाज़े बंद कर घरों में बैठी रहे प्रदेश की आवाम।
#आवारा_पशुओं_का_करो_समाधान
कहां गया किसान हितैषी सरकार होने का गुरुर!!!
देश भर का पेट पालने वाला किसान आज अपनी दो वक्त की रोटी के लिए तरस रहा है, अपनी फ़सल बेच कर कमाई के लिए तरस रहा है... पर सरकार ख़ामोश इस लाचारी का आनंद ले रही है!!
ये भी ठीक है!
एक ओर ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा माह में गाड़ी की फिटनेस के बारे में जानकारी दी जा रही है तो वहीं दूसरी ओर गाजियाबाद-नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली यह गाड़ी जर्जर हालत में चल रही है।
@BJP4UP
कुश्ती संघ के कार्यशैली और अध्यक्ष के विरुद्ध संगीन आरोप हैं। खिलाड़ी जोखिम लेकर सामने आए और खुल कर बता रहे हैं कैसे उनका शोषण हो रहा है।
कई बार ऐसा हुआ है जब बीजेपी के नेता पर आरोप लगते हैं तो सरकारी दबाव डाल मामला रफ़ा दफ़ा किया जाता है। लेकिन युवा इस बार नहीं होने देंगे!
अब ज़रा सोचिए कि सरकार के पास ये आँकड़े होने के बावजूद भी सरकार ने आवारा पशुओं की देखरेख और इनसे होने वाले जानमाल के ख़तरे से बचने बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं...?
जवाब मिलेगा शून्य...!
@BJP4UP@BJP4India@myogiadityanath
पशुपालन मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक 5 साल में पशुधन की गणना की जाती है, 20वीं पशुधन जनगणना के मुताबिक, देशभर में लगभग 50 लाख छुट्टा गाय-बैल बेसहारा सड़कों पर घूम रहे हैं...