जामिया के कुछ छात्र जंतर मंतर से लौट रहे थे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया और साथ थाने ले जाने लगी, वहाँ से गुज़र रहीं सामाजिक कार्यकर्त्ता ज़ेबा खान और पत्रकार अफ़ज़ल आलम ने हिम्मत दिखाते हुए उन बच्चों को छुड़ाया, और पुलिस से सवाल पूछा कि प्रोटेस्ट में जाना कैसे जुर्म है?
@TejashwiYdvRJD मैं ये कहकर जाऊंगा कि सांसों ने मुझे हरा दिया,
किसी जम्हूरियत ने मुझे नहीं हराया।
#मोहम्मद_शहाबुद्दीन_शाहब
जिस शेर को दुनिया झुका नहीं सकी उसको कोरोना वायरस की आर में सियासी साजिश के तहत मार दिया गया,
यौमे वफात पर दिल की गहराइयों से खिराज-ए-अकीदत पेश करता हूँ।
ये सरकार आपको केवल हिंदू मुस्लिम के एजेंडे पर लड़ाना जानते है
मैंने ऐसी जगह से जीत प्राप्त की है जहाँ पर मेरे 36 हिंदू बिरादरी के लोगों ने जिताया है
- इकरा हसन🔥
मुबारकबाद दीजिए,
ये शाबरीन परवीन हैं, बिहार बोर्ड के 10th exam में 492 अंक लाकर स्टेट टॉपर बन गई हैं।
शबरीन के पिता मोहम्मद सज्जाद आलम पश्चिम बंगाल के रामपुर हाट में टायर की दुकान चलाते हैं और माता हाउस वाइफ है।
सबरीन परवीन को 492 अंक यानी करीब 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त की है। कौन कहता है कि हिजाब वाली लड़की पाबंदियों में बँधी होती हैं? देख लीजिये एक हिजाब वाली लड़की आज स्टेट टॉपर बन गई हैं।
क्या प्रधानमंत्री से सवाल पूछने के लिए मुझे प्रधानमंत्री बनना पड़ेगा?
सरकार इतनी मनबढ़ कैसे हो गई है कि वो जनता से नहीं डर रही है?
अरे धिक्कार है उस जनता पर जो अपनी बनाई सरकार से डरने लगे!
अपने ज़िंदा होने का सुबूत दीजिये! सवाल पूछिये! अपना हक़ लीजिये!