जिस को सामने से देखने के लिए हजार-डेढ़ हजार लोग भी मुश्किल से आए उस आदमी के हर वीडियो के यूट्यूब पर करोड़ में व्यूज़ आते हैं।
इसी से समझ लीजिए कि यूट्यूब पर इमप्रेशन्स बढ़ाने का खेल कैसे चलता है।
आप बस मोदी को गाली दीजिए,यूट्यूब आपका वीडियो दर्शक की आंख में उंगली कर कर के दिखा देगा।
इंस्टा-यूट्यूब.. सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं।
बिहार में SC/ST के झूठे केस कराने वाली गैंग: पत्नियां मुकदमा करातीं, पति गवाह बनते हैं; एजेंट बोला- 2.5 लाख का पैकेज, सभी की हिस्सेदारी
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
https://t.co/NaxTIAeauB
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“न्याय नहीं दे सकते तो मौत ही दे दो”
SC-ST एक्ट के 14 केस झेलने वाले अमित चौधरी ने बताया अपना दर्द
14 साल की उम्र से जा रहे जेल, घर की हालत बिगड़ी-पढ़ाई छूटी
@keshavmalan93 की रिपोर्ट
माननीय प्रधानमंत्री जी,
फर्जी केस और तारीख पर तारीख के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है।
झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जांच, झूठी गवाही और झूठा हलफनामा को गंभीर अपराध घोषित करने तथा 10 वर्ष की सजा और 10 लाख जुर्माना के लिए कानून कब बनेगा?
@narendramodi@AmitShah
एक ही दिल है मोदी जी! पत्नी केस करे मोदी एक्ट का, पति गवाही दे दे, दलाल बात करे और प्रति केस ₹2.5 लाख की कमाई!
ओ हो हो हो, ओ हो हो हो, ओ हो हो, हो हो
इक्स तेरा तड़पाबे…
आदरणीय @myogiadityanath जी, क्या सामान्य वर्ग में निर्धन परिवार नहीं हैं? उनके लिए कोई कोचिंग, हॉस्टल, स्कॉलरशिप आदि क्यों नहीं है? मुसलमान तक के लिए आपका कोष खुला हुआ है, ब्राह्मणों के लिए नहीं?
ब्राह्मण-ठाकुरों के घर मिट्टी के हैं, सर पर छत नहीं, भिक्षा माँग कर खाने को विवश हैं, हर दिन ऐसे रिपोर्ट दिखता सुनता हूँ। आपको वो बच्चे नहीं दिखते?
बिनोद साहनी की हत्या हो गई। गोंडा जातिवादी संघर्ष के मध्य है क्योंकि साहनी चार वर्षों से राजपूतों को मुगलपूत और ब्राह्मणों को मुखपुत्र बोल कर मजे लेता था। @Uppolice को लोग टैग कर के थक गए एक्शन नहीं हुआ। पुनः इस भीम आर्मी वाले को देखिए कि क्या लिख रहा है।
क्या सवर्णों की बेटियों पर ऐसे आक्षेप हम सहते रहें @BJP4India@narendramodi?
पहले UGC से मार रहे थे,अब SC-ST एक्ट से
एक और नया कांड स्टार्ट किया है
14 साल की SC/ST लड़की खड़ी करो और फेक
पॉस्को केस डाल दो सुवर्णा के ऊपर
संविधान का मिस यूज करना सभी नीले कबूतरों
को चंद्रशेखर रावण ने सिखाया है
एक देश दो कानून....
भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहां नफरती नेताओं की वजह से पैसे वाले लोगों को जेल नहीं जाना पड़ता है, यदि जाना भी पड़े तो फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं मिलने का दावा किया जाता है..
गरीब आदमी निर्दोष होते हुए भी वर्षों जेल में सड़ना पड़ता है।
सुबह उठो, थाने जाओ, जिस पर मन हो FIR करा दो। 16 लाख का पैकेज — 8 लाख तुरंत, बाकी सुनवाई और फैसले पर।
सबसे बड़ी बात — आरोप झूठा साबित हो जाए तो पैसा वापस भी नहीं करना।
सिर्फ आखिरी किस्त नहीं मिलेगी, यानी मुनाफे में थोड़ा घाटा है।
कैमरे के सामने रोता हुआ यह व्यक्ति विष्णु तिवारी है जिसे आप शायद भूल गए होंगे
- फर्ज़ी SC ST केस में 20 साल जेल
- परिवार बर्बाद हुआ, माता पिता का निधन
- कानूनी लड़ाई लड़ते लड़ते दो भाईयों की मौत
ज़मीन, जायदाद बिक गई
- 20 साल जेल के बाद हाईकोर्ट से बेकसूर साबित और केस फर्जी निकला।
- क्या देश का कानून विष्णु तिवारी जी को उनके जीवन के 20 साल ओर उनका पूरा परिवार वापस दिला सकता है..?
पिछड़ों को न्याय, GENERAL CASTE से अन्याय की कीमत पर नहीं 🙏🏻
भारत में SC/ST मोदी एक्ट का दुरुपयोग व्यापक है। यह हिसाब-किताब चुकता करने के लिए वसूली का एक साधन बन गया है✊
जो हवाएँ थीं, अब वो तूफ़ान बनकर आ रही हैं। बात आरक्षण हटाओ पेज से टीवी और हर एक शहर तक गुज रही है।✊🚩
@PMOIndia@RHA_moment#indian#resarvation#ugc@SushantBSinha
संभव है कि मोदी जी ने यही पीड़ा देखते हुए हाल ही में SC/ST वर्ग को गंभीर बीमारियों के लिए अलग से पैसे देने के प्रावधान किए। एक और संशोधन करो @narendramodi जी कि केस करते ही आठ लाख मिल जाएँगे। क्योंकि हम आपके चूतियापे वाले रेवड़ियों के लिए ही तो गांड घिस कर कमा रहे हैं।
एक ही कानून... लेकिन कार्रवाई में इतना फर्क क्यों? 🤔
SC/ST Act से जुड़े हाल के मामलों को लेकर पत्रकार दीपक चौरसिया ने सीधा सवाल उठाया है।
एक तरफ स्वतंत्र भारद्वाज 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, अजीत भारती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज। दूसरी तरफ राहुल गांधी और आशुतोष रांका के मामलों में वैसी बड़ी कार्रवाई नजर नहीं आई।
चौरसिया का सवाल किसी एक व्यक्ति के बचाव का नहीं, बल्कि कानून के समान इस्तेमाल का है।
अगर आरोप और कानून एक जैसे हैं, तो कार्रवाई का पैमाना हैसियत देखकर अलग क्यों दिखता है?