ASP प्रत्याशी बड़ीसादड़ी
Official Account of District Head Dainik Gurujyoti Patrika Newspaper Chittorgarh (Raj.)
जिला हेड, गुरु ज्योति पत्रिका चित्तौड़गढ़✍️
मानव मन कोई बंद संदूक नहीं बल्कि एक असीम आकाश है,विचार इसमें बादलों की तरह आते जाते रहते है,लेकिन जो इस आकाश की शून्यता को समझ लेता है वही असली शांति पाता है
धम्म प्रभात ☸️ नमो बुद्धाय
#GodMorningWendsday#संसद_मार्च
#चित्तौड़गढ़ 8 साल से चिकारड़ा के लोग मांग रहे हैं...
पुलिस चौकी को पुन: मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में शामिल किया जाए।
प्रशासनिक पेचीदगी से जनता भ्रमित, न्याय और सुरक्षा दूर।
सरकार से निवेदन - जनभावना का सम्मान करें। @RajCMO@PoliceRajasthan@ChghPolice@IgpUdaipur
डूंगरपुर में एक पुलिसकर्मी द्वारा चाकूबाजी कर मेरे PSO को गंभीर चोटें पहुंचाई गई हैं। मैं @PoliceRajasthan@IgpUdaipur व @DungarpurP से कठोर कानूनी कार्यवाही करने की मांग करता हूँ।
एक रोड़छाप औरत को दूसरी बार प्रेग्नेंट कर के मुझे तकलीफ़ पहुचाने की सोच रहा है सेक्स के भूखे आदमी तू 10 बच्चे पैदा कर मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता !!
मैं भी @Mayawati बहनजी की तरह अपनी समाज के बच्चों को अपना मान कर जीवन जी लूंगी !!
वैसे भी बहुजन आंदोलन त्याग माँगता है मैंने कर दिया त्याग अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं का !!
दिनांक 11.07.2026 : जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी), दूसरी पार्टियों की तरह अपना राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ साधने के लिये धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हल्लाबोल, सरकारी व प्राइवेट सम्पत्तियों के तोड़फोड़ व दूसरी हिसंक घटनाओं तथा हवाहवाई वादों-दावों एवं मिथ्या प्रचार-प्रसार आदि के माध्यम से जनता को गुमराह करने आदि में विश्वास नहीं करती है।
अर्थात् बी.एस.पी. ऐसी तमाम राजनीतिक व चुनावी चालबाज़ियों से पूरी तरह से पाक-साफ देश की एकमात्र ऐसी अम्बेडकरवादी पार्टी है जो ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त व नीति पर चलकर यहाँ सर्वसमाज में भी ख़ासकर ग़रीबों, मज़दूरों, शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों के हित व कल्याण हेतु समर्पित है, और जिसका जीता-जागता प्रमाण यहाँ उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. के नेतृत्व में चार बार रही सरकार में व्यापक जनहित, जनकल्याण व विकास का तथा अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था के मामलों में ’क़ानून द्वारा क़ानून का बेहतरीन राज’ रहा है।
इससे यहाँ यूपी जैसे विशाल राज्य में एक आदर्श संवैधानिक सरकार देने के साथ-साथ यह भी सूरज की रौशनी की तरह पूरी तरह से स्पष्ट है कि बी.एस.पी., विरोधी पार्टियों व उनके इशारे पर चलने वाले दलित संगठनों व पार्टियोें आदि की तरह छल व छलावा की राजनीति तथा उनके लिये मगरमच्छ के आँसू नहीं बहाती और ना ही संकीर्ण स्वार्थ हेतु गिरगिट की ही तरह रंग बदलती है, बल्कि करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अपरकास्ट समाज के ग़रीबों के वास्तविक हित व कल्याण के लिये ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर व बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम जी के बताये रास्तों पर चलकर मुख्यतः सत्ता की मास्टर चाबी के माध्यम से ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक उत्थान’ का महान लक्ष्य हासिल करना चाहती है।
और अब यहाँ ख़ासकर उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी आमचुनाव में बी.एस.पी के प्रभाव को तेज़ी से आगे बढ़ता हुआ देखकर विरोधी पार्टियाँ में द्वेष व बेचैनी स्वाभाविक है और इसीलिये वे अपने साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों के तहत् कुछ दलित संगठनों व पार्टियों आदि को आगे करके दलित व बहुजन समाज के अन्य विभिन्न अंगों को तरह-तरह से भटकाने व गुमराह करने में लगे हुये हैं,
जबकि शोषितों-पीड़ितों व उपेक्षितों को अच्छी तरह से मालूम है कि ’मा. बहन कुमारी मायावती जी’ के नेतृत्व वाली सरकार ही उनकी सभी राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक समस्याओं का उसी प्रकार से बेहतरीन निदान है जैसाकि उनकी सभी सरकारों में होता रहा है जब सत्ता की शक्ति, संसाधन व ऊर्जा तथा सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल भी हर स्तर पर सबके साथ न्याय एवं सबको न्याय दिलाने के लिये समर्पित व तत्पर रहा।
साथ ही, चुनाव नज़दीक आता देख विरोधी पार्टियाँ अपने हथकण्डों आदि के साथ-साथ दलित संगठनों व गुलाम मानसिकता रखने वाले लोगों के कंधे पर बंदूक रखकर बी.एस.पी. व बाबा साहेब के मूवमेन्ट-विरोधी राजनीतिक स्वार्थ का अपना खेल आगे बढ़ाना चाहती हैं, जिससे सर्वसमाज के लोगों को व विशेषकर दलित एवं ’बहुजन समाज’ के सभी लोगों को बहुत ही ज़्यादा सचेत व सतर्क रहने की ज़रूरत है ताकि विरोधियों केे नापाक इरादे सफल ना हों सकें।
इसको लेकर बी.एस.पी. की असली चिन्ता यही है कि सर्वसमाज के ग़रीब, मज़दूर व बेरोज़गार नौजवान आदि के साथ-साथ समाज के शोषित-पीड़ित व अन्य उपेक्षित लोग, अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने के क्रम में सरकारी द्वेष, उत्पीड़न व आतंक आदि का शिकार ना बनने पायें,
क्योंकि नौजवान अगर सरकारी ज्यादती के कारण यदि मुकदमा व जेल आदि में उलझ जायेंगे तो इससे उनका भविष्य ख़तरे में पड़ जाने की आशंका है तथा अगर परिवार का मुखिया इन चक्कर में पड़ जायेगा तो उनका घरबार तबाह हो जायेगा और उनके पूरे परिवार के इस प्रकार से अंधकार में डूब जाने का खतरा है, जो बी.एस.पी. कतई भी नहीं चाहती है, क्योंकि बी.एस.पी. का अम्बेडकरवादी मिशन प्रभावित हो सकता है जो कि विरोधियों की असल चाल है।
इसके साथ ही, सर्वविदित है कि दलित-विरोधी सहारनपुर काण्ड में जातिवादी, सामंती व सरकारी आतंक के विरुद्ध बी.एस.पी. व उसके नेतृत्व ने सड़क से लेकर संसद तक में जबरदस्त लड़ाई लड़ी, किन्तु संसद में भी इसका सही से निदान नहीं मिलने के विरोध में तब बी.एस.पी. नेतृत्व ने, दलितों व अन्य पिछड़ों आदि के हक की अनदेखी करने पर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा देश के पहले कानून मंत्री पद से इस्तीफा देने का अनुसरण करते हुये, राज्यसभा से ही इस्तीफा दे दिया था कि जब संसद में भी हमारी बात नहीं सुनी जाती है तो ऐसी संसद में रहने का फायदा ही क्या?
इस प्रकार यह उन जबरदस्त उदाहरणों में एक है जो बी.एस.पी. नेतृत्व ने अपने संघर्ष के क्रम में दिया है अर्थात् स्पष्ट है कि बी.एस.पी. को अपनी तरह ही मगरमच्छ के आँसू बहाने की सलाह देेने वाले संकीर्ण स्वार्थी लोग विरोधी पार्टियों के जातिवादी व विशैले षडयंत्र का शिकार ना बनें तो यह बेहतर होगा।
वैसे भी सभी जानते हैं कि मान्यवर श्री कांशीराम जी ने बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) का गठन देश में जाति के आधार पर सदियों से सताये, तोड़े व पछाड़े गये उन लोगों को ’बहुजन समाज’ को आपसी भाईचारा के आधार पर एकता में जोड़कर राजनीतिक शक्ति अर्थात् ’’हुकमरान जमात’’ बनाने के लिये इसलिये किया था ताकि इन वर्गों के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के सत्ता की मास्टर चाबी के माध्यम से आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेन्ट को मंज़िल तक पहुँचाया जा सके, और यह क्रम लगातार जारी है, जिसकी राह में रोड़ा बनकर खड़ा होना बी.एस.पी के मिशन 2027 को प्रभावित करने का घोर बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर-विरोधी अनुचित कृत्य होगा। जय भीम, जय भारत।
IPS बनने के लिए 10 साल संघर्ष,
लेकिन जॉइनिंग से पहले ही दे दिया इस्तीफा
ओडिशा कैडर के 2025 बैच के ट्रेनी IPS अधिकारी चौधर अभिजीत रामदास ने जॉइनिंग से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 11 जुलाई 2026 को सामने आई इस खबर ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।
अभिजीत रामदास इस समय हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे थे, लेकिन फील्ड पोस्टिंग से पहले ही उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया।
खास बात यह है कि जिस IPS नौकरी को युवाओं की "ड्रीम जॉब" माना जाता है, उसे पाने के लिए अभिजीत ने करीब 10 साल तक संघर्ष किया। वे 5 बार इंटरव्यू तक पहुंचे, एक बार तो महज 1 नंबर से चयन से चूक गए। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार 2024 में अपने आखिरी प्रयास में 487वीं रैंक हासिल कर IPS बने।
गरीबी में बीते बचपन से लेकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई और फिर UPSC की लंबी तैयारी... उनकी कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा रही है। लेकिन अब उसी नौकरी से उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान ही इस्तीफा दे दिया है
आप सभी के विश्वास और सहयोग से मुझे संयुक्त राष्ट्र (UN) के आदिवासी अधिकारों पर 13 जुलाई से 17 जुलाई तक आयोजित होने वाले विशेष मंच EMRIP के 19वें सत्र, जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) में भारत के आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
यह केवल मेरा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों आदिवासियों की आवाज़ को विश्व पटल तक पहुँचाने का अवसर है।
मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि जल, जंगल, ज़मीन, संविधान, वनाधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, भाषा, विस्थापन या आदिवासी समाज से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे व सुझाव मुझे अवश्य भेजें।
आपके सुझावों को यथासंभव संयुक्त राष्ट्र के इस वैश्विक मंच पर उठाने का प्रयास किया जाएगा। जोहार
जब दिल्ली में मान्यवर श्री कांशीराम साहब जी के नेतृत्व में आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया तो इस घटना ने पूरे समाज को गहराई से झकझोर दिया।
इसके बाद आदरणीय बहन जी ने संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाया और सरकार से जबाब मांगा उनके दृढ़ और मुखर रूख ने इस घटना को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।
#Bsp I #India I #Delhi
प्रेम शौक के लिए नहीं... निभाने के लिए किया जाता हैं !!
जब प्यार महज़ एक शौक या मनोरंजन बन जाता है, तो उसकी गहराई और ख़ूबसूरती समाप्त हो जाती है। असली प्रेम वो अटूट पक्की डोर है, जिसे हर सुख-दुख में पूरी सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाया जाता है ।
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की 4 बार रही लोकप्रिय मुख्यमंत्री आयरन लेडी आदरणीया सुश्री बहन कुमारी मायावती जी को उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को यह संदेश हैं।👇
मैं राजनीति से संन्यास तो ले लूंगी,मगर भाजपा से मिलकर या गठबन्धन करके चुनाव नहीं लड़ूंगी। मैं राजनीति से संन्यास क्यों लूं? मैं बहुत मजबूत हूँ। मैं बहुत तगड़ी हूँ। मैं बहुत स्वाभिमानी हूँ।भाजपा, कांग्रेस व सपा आदि जातिवादी पार्टियाँ चाहे जितने भी जतन कर लें,पर मैं अपनी अम्बेडकरवादी विचारधारा पर अडिग हूँ और अडिग रहूँगी। बहन कु @Mayawati जी
@parvezahmadj@yuva_aas@journalist_syed
जब तुम्हारा मन किसी से ईर्ष्या करे, उसी क्षण स्वयं से पूछो मैं क्या खो रहा हूँ?'उत्तर मिलेगा तुम अपनी ही शांति खो रहे हो
धम्म प्रभात ☸️ नमो बुद्धाय
#GodMorningThursday
अति गंभीर समस्या पर विशेष ध्यान दें विद्युत विभागGSS गरदाना
बिलडी निकुम्भ रोड पर लगी डीपी दिन में तीन बार विद्युत लाइन डीपी के तार जल जाते हैं
आधे गांव में लाइट नहीं आती है इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के साथ मेघवालों के मोहल्ले में नई डीपी लगाकर समस्या का स्थाई समाधान करें
#चित्तौड़गढ़ के निकुंभ राज. विद्यालय में छात्रों से पढ़ाई के समय बाल श्रम कराने का आरोप विरोध करने पर स्कूल स्टाप द्वारा पीड़ित पिता मुकेश सुथार को बच्चों की टीसी काटने की धमकी व अभद्र व्यवहार पीड़ित ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
#चित्तौड़गढ़ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष @GovindDotasra के अनुमोदन उपरांत जिला कांग्रेस कमेटी चित्तौड़गढ़ की जिला कार्यकारिणी घोषित की गई
SC/ST को नहीं मिली जगह
पूरे देश में कॉग्रेस का सफाया होने का यही प्रमुख कारण हैं
@ashokgehlot51@RahulGandhi@SachinPilot
मनुष्य की सबसे बड़ी गरीबी धन की कमी नहीं बल्कि जागरूकता की कमी है,धन खोकर भी जीवन संवारा जा सकता है,लेकिन बिना सही समझ और विवेक के समृद्धि भी शांति नहीं देती
धम्म प्रभात ☸️ नमो बुद्धाय
#GodMorningThursday