@PelarArmy टिकिट राजस्थान से लेकर दिल्ली तक ग़लत बाटे NSUi और जिताऊ उम्मीदवारों को छोड़े निर्दलीय नेताओ के बेटे बेटी उठ उठकर आजाए तो आम लोग कहा जायेंगे
मेरठ में नकली सिगरेट की फैक्ट्री सील!
ITC कंपनी के इन बड़े ब्रांड्स की बन रही थी डुप्लीकेट सिगरेट:
▪️ Gold Flake
▪️ Classic
▪️ Wills Navy Cut
▪️ India Kings
▪️ Scissors
हर दिन ₹50 लाख का माल तैयार कर राज्यों में सप्लाई होता था.
दिल्ली के सदर बाजार में कंटेनर पकड़े जाने के बाद खुला यह बड़ा रैकेट.
मौसमी सिंह:- पियूष ये तुमको क्या बोल दिया कि BJP से हो क्या
संजय शर्मा:- तुम तो हो ही BJP के घोषित रूप से🤣
पियूष मिश्रा:- मैने बस इतना पूछा था कि- राहुल जो पुलिस वाले घायल हुए थे उनके परिवार वाले ने प्रेस कर रहे
इस पर उन्होने कहा भैया BJP से हो क्या
मौसमी:- पियूष की अभी एक तश्वीर आई जिसमें वो सवाल पूछने के बजाए उस नेता के सामने मुस्कराए जा रहे थे बस, उनसे सवाल नही पूछे
राहुल गाँधी से तुरंत सवाल करने पहुच गए
ऐश्वर्या:- (सफाई देते हुए) सवाल था
3 AM. A secret tip-off. One confrontation. And loyalty exposed in the middle of the street.
The same girlfriend who probably said, “You’re the only one I love,” was allegedly caught meeting another man in the middle of the night. Once confronted, the script was predictable—“You’re misunderstanding,” “He’s just a friend,” “Please listen to me.”
Cheating is not a mistake. It is a series of deliberate choices—lying, hiding the truth, and betraying someone who genuinely trusted you.
The real irony? Many will still paint the cheater as the victim, while the man asking questions is branded “toxic,” “insecure,” or “controlling.”
If you cannot offer loyalty, do not waste someone else’s time, emotions, and peace of mind.
Source : https://t.co/l3Oul8nBja
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष के नाते गोविंद सिंह डोटासरा का ये बयान कई दिनों तक सुनाई देगा और इसकी गूंज लंबी बनी रहेगी!
मालवीय एपिसोड को जिस तरह से सिविल लाइंस से पीसीसी तक रचा गया या घटित हुआ...हर कोई देखकर हैरान है लेकिन पीसीसी पहुँचते ही मालवीय को बगल में खड़ा कर एक-एक कर सारे धागे डोटासरा ने वहीं खोल दिए...!
@GovindDotasra #Rajasthan
प्रदर्शन ख़त्म हो गया, मीडिया के कैमरे चले गए, उसके बाद सूने पड़े जंतर मंतर की सफाई की सेवा इस तरह की गई। इससे पार्टी को वोट नहीं मिलना क्योंकि सड़कें वोट देने नहीं आतीं, लेकिन शाबाशी तो मिलनी चाहिए @CongressSevadal के कार्यकर्ताओं और संगठक @srinivasiyc को
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों युवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj