एक अच्छे राष्ट्र के निर्माण के लिए हम क्या कर रहे है ? क्या कर सकते है ? ये आत्म चिंतन का विषय है । ये जो भी समस्याएं मुह फैलाये खड़ी है याद रहे बचाव कोई उपाय नही है भागने वालो के लिए दुनिया मे कोई जगह नहीं होती।
बिहार में ₹800 करोड़ का चारा घोटाला लालू "यादव" के नाम से जुड़ा था। अब मध्य प्रदेश में मोहन "यादव" के काल में लगभग ₹1,200 करोड़ का चावल घोटाला सामने आया है। दोनों मामलों में एक ही चीज़ कॉमन है--"जाति"..
सरकारी गोदाम के ₹4,000 प्रति क्विंटल वाले चावल को सड़ा हुआ घोषित करके ₹2,300 प्रति क्विंटल की दर से एथेनॉल प्लांट को बेच दिया गया।
एथेनॉल प्लांट ने देखा कि चावल तो ठीक है, इसलिए उसे ₹2,800 प्रति क्विंटल में राइस मिल को बेच दिया।
इसके बाद राइस मिल ने वही चावल दोबारा ₹4,000 प्रति क्विंटल की दर से सरकार को बेच दिया।
मज़ा आया ना? 🤔😂
@amitkilhor@ajeetbharti
यदि भारत की सड़कें सही होतीं और ट्रैफिक जाम में फ्यूल बर्बाद नहीं होता तो प्रति वर्ष 34-35 बिलियन लीटर तेल बचता यानी सरकार 420 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल बचा पाती।
अर्धसत्य बेचना बंद करो मंत्री जी।
एक छोटा सा लड़की को एक Auto वाले ने Se#X के लिए Offer कर रहा है 😡😡
एक लड़की जो Hostel में रहता है Vizag में वो Market गई थी कुछ समान लाने के लिए,जब आने के वक्त Auto पर आ रहा था
उसको वो ऑटो वाले खुलेआम कह रहा है कि में तुम्हे पैसा दूंगा मुझे Se#x करने दोगे 😡
देखिए क्या क्या कहा 👇और ऐसे इंसान को क्या करना चाहिए 😡😡
ये लोग जन्मजात निर्लज्ज होते हैं क्या?
१. किसानों की आय कैसे बढ़ाती है इथेनॉल? क्या किसान इथेनॉल बना कर भेजता है? किसान पहले भी धान-गन्ना-मक्का उगाता था, आज भी वही कर रहा है।
२. सड़कें सही करने से विदेशी तेल पर निर्भरता, इथेनॉल मिक्सिंग से 5-7 गुणा अधिक कम होगी।
३. जो ‘सच्चाई’ @HardeepSPuri बता रहे हैं, वह आधा है। यह क्यों नहीं बताते कि ये सब फ्यूल आपने उपभोक्ता के इंजन की कम्पैटिबिलिटी देखे बिना जबरन डाला है?
४. इथेनॉल से समस्या नहीं है, समस्या तुम्हारे और @nitin_gadkari के झूठ से है जिसने भारत के 04/2023 के पहले बीस करोड़ पेट्रोल इंजन में जबरन ऐसा फ्यूल डलवाया जिसके लिए वो तैयार नहीं थे।
घूम-घूम कर बकलोली करने से अच्छा है कि इंजन की #% मारना बंद करो, E10 और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प हर पम्प पर दो।
भाजपा के दो समर्थक, दोनों कट्टर दक्षिणपंथी, सनातनी और राष्ट्रवादी, 20% एथेनॉल नीति पर चर्चा कर रहे हैँ । इनका कहना है कि जितना पेट्रोल आप एथेनॉल मिलाकर बचाते हैं, उससे 10 गुना ज़्यादा ईंधन ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों में बर्बाद हो जाता है। बाइक और कार मालिकों को एथेनॉल के कारण अपने इंजन की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त किट लगवानी पड़ेगी, उसका खर्च कौन देगा? इथेनोल के उत्पादन में भारी मात्रा में पानी की खपत होती है और इसके पर्यावरणीय प्रभावों पर भी कहीं गंभीर चर्चा नहीं हो रही।
इन दोनों से अलग मेरा कहना है कि अकेले दिल्ली में प्रवेश करते समय सभी बॉर्डर पर टोल के कारण जो लंबा जाम लगता है, उसमें जितना पेट्रोल बर्बाद हो जाता है, उसे 100% एथेनॉल नीति भी नहीं बचा पाएगी।
@ARanganathan72@ajeetbharti
रोहिणी जी, वह आपके पिता हैं इसलिए यूनिवर्स के ग्रेटेस्ट डैडी होंगे। परंतु, बिहार के संदर्भ में आपके पिता, आपकी माता और आपके भाई-बहन चोर हैं, चोर थे, चोर रहेंगे। ऐसे चोरों का कोई स्मारक नहीं होना चाहिए।
मोदी जब तक चुनाव जीत रहे हैं, तब तक उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका कौन-सा मंत्री क्या गलत कर रहा है। न वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, न उस पर बोलेंगे और न ही मंत्री का इस्तीफा मांगेंगे।
जब तक लोगों के पास हिंदुत्व का कोई दूसरा विकल्प नहीं है, तब तक मोदी इसी तरह राज करते रहेंगे और अपनी मनमानी करते रहेंगे..
@ARanganathan72@ajeetbharti
जो व्यक्ति स्वयं का ध्यान रखने में असमर्थ हैं, व्हीलचेयर से चलते हों, वो किस तर्क से ट्रस्ट के अध्यक्ष बने हुए हैं? संत हैं, अच्छी बात है, पर क्या संत को यह देखते हुए कि वो इस पद पर अपनी सेवा देने योग्य नहीं हैं, हट नहीं जाना चाहिए?
नृत्य गोपाल दास रोग-व्याधि से पीड़ित हैं, आयु अत्यधिक हो चली है, फिर भी उनका अध्यक्ष पद पर बने रहना कितना उचित है? वह भी तब जब ऐसे प्रकरण हो रहे हैं जिससे हर हिन्दू ठगा अनुभव कर रहा है?
भगवान राम की सेवा, भजन, आंदोलन में भाग लेना, आपके हिस्से के पुण्य हैं, परंतु दान की चोरी के समय अध्यक्ष होना, चोरी का पता चलने के उपरांत भी अध्यक्ष बने रहना सह बताता है कि आप पद से आसक्त हैं।
ऐसा व्यक्ति संत नहीं होता। उसके लिए दूसरा शब्द है, जो मैं नहीं लिख रहा। पूरा ट्रस्ट भंग होना चाहिए। जिनके रहते यह दुष्कृत्य हुआ, उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।
नृत्य गोपाल दास ने महीने भर बाद एक रद्दी चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्हें मोदी-योगी से आशा है। किस मोदी से? जिसने एक शब्द नहीं बोला? किस योगी से? जिसकी इंटेलिजेंस यूनिट को पता तक नहीं पड़ा?
यह तो बाहर आ गया तो आज गिनने वालों को पकड़ा जा रहा है, परंतु जिन्होंने गिनने वालों को वहाँ लगवाया, वो क्या त्यागपत्र दे कर अपने दायित्व से हाथ धो लेंगे?
"भाजपा से जुड़े लोगों ने अपने arrogant रवैये के अपने खुद के वोटर्स को दूर कर लिया है!
इनको ये समझ नहीं कि दूसरों की गलतियां दिखाने से आपकी खुद की गलतियां कैंसिल नहीं हो जातीं!
साथ ही गलती बताने वालों को पाकिस्तानी या देशद्रोही घोषित कर देने से प्रॉब्लम खत्म नहीं होती"
प्रधानमंत्री के पास ऐसी बकलोली के लिए समय है, परंतु UGC, NEET और राम मंदिर जैसे राष्ट्रव्यापी विषयों हेतु एक वाक्य नहीं निकल रहा मुँह से।
मुझे इस से समस्या नहीं है कि अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की सरलता पर PM लिखें, पर जब अन्य विषयों पर इनका मौन देखता हूँ तो विचित्र लगता है।
राज कर रही है? राज ही कर रही है इसलिए तो जानता के विषयों पर मौन धारण कर लेती है और अपने ऊपर या अध्यक्ष के ऊपर थोड़ी सी भी टिप्पणी होती है, लट्ठ ले कर पिल पड़ते हो।
Anand Ranganathan just completely dismantled the government's mandatory E20 fuel obsession, and every single vehicle owner needs to hear this. 🚨
We are constantly sold the narrative that 20% Ethanol blending is a massive economic masterstroke.
But here is the actual reality check for the consumer:
👉 The Mileage Drop: Ethanol has lower energy density than pure petrol. You are literally paying the exact same price for less power and lower mileage.
👉 The Engine Killer: Forcing E20 into older, non compliant engines causes severe corrosion and mechanical breakdown. The government hits its target, but you pay the massive repair bills.
👉 Coercion Over Choice: A free market thrives on options. Instead of offering E20 as a choice at the pump, it is being shoved down our fuel tanks via a mandatory backdoor tax on efficiency.
Economic progress requires choice, not state coercion.
Watch @ARanganathan72 lay down the absolute scientific facts on why the hidden costs of E20 far outweigh the hyped benefits. 👇
#E20Fuel #EthanolBlending #AnandRanganathan #ConsumerRights
इस बात का कोई प्रमाण नहीं है की उन्हें 3 हज़ार सालों से पानी नहीं पीने दिया गया, लेकिन इस बात का प्रमाण है की
आज़ादी के बाद 75 साल में
एक भी आरक्षित जाति अगड़ी नहीं बनी,
इस पूरे वीडियो में अजीत भारती का
एक एक शब्द ओस की बूँद जितना साफ़ है,
Ethanol का मुद्दा UGC से भी बड़ा बनेगा!
सरकार ने बिना एक compatible ecosystem बनाये, E20 को लोगों पर जबर्दस्ती थोप दिया है!
और गाड़ी तो अपनी सबको प्यारी होती है!
तो भले ही आप भाजपा को पसंद करते हो, लेकिन अपनी फेवरेट पार्टी के लिए भी आप अपनी गाड़ियों का सत्यानाश तो नहीं कर लोगे?
झूठ मत बोल पापी @HardeepSPuri! SIAM का लेटर मैंने शेयर किया है। उन्होंने कहा था कि E10 को बेस फ्यूल के रूप में हर जगह रखा जाए जब तक E20 कम्प्लायंट गाड़ियाँ नहीं आ जातीं। तुमने वो बात कहाँ मानी?
12 दिन पहले सार्थक भगत ने (जिनके साथ हमने UGC नियमावली पर केस लगाया था) @DelhiPolice ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति माँगी थी। मैं वहाँ जाने वाला था। दो दिन पहले पुलिस ने कहा कि आप लोगों ने समय से अनुमति नहीं माँगी, इसलिए नहीं मिलेगी।
यही गृह मंत्रालय कॉकरोच को एयरपोर्ट पर, पाँव के जूते चाटते हुए प्रदर्शन की अनुमति दे देता है, वह भी दो दिन के शॉर्ट नोटिस पर।
हमने आठ मार्च को प्रदर्शन की अनुमति माँगी @narendramodi और @AmitShah की पुलिस ने हमें हाउस अरेस्ट कराया। आज जब हम UGC पर फिर से प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो फिर रोका गया।
इस सरकार की अपने ही समर्थकों से इतनी क्यों फटती है? दिल्ली पुलिस गाली सुन रही है और कॉकरोच को तेल भी लगाना पड़ रहा है। हम चाहे UGC पर प्रदर्शन करना चाहें, या इथेनॉल पर, ये मौनेन्द्र मोदी की सरकार हमें कुछ भी बोल कर अनुमति नहीं देगी।
चुल्लू भर पानी में डूब कर मर जाओ पतित @PMOIndia! वामपंथियों से ऐसा प्रेम क्या इसलिए कि वह तुम्हारे लिए एक अच्छा डिस्ट्रैक्शन है?