बेसिक शिक्षकों के साथ अन्याय क्यों?
माध्यमिक की तरह उन्हें भी EL दी जाए।
ग्रीष्मकालीन अवकाश मे जनगणना ड्यूटी करने वाले बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के शिक्षकों को भी 30 EL प्रदान करने का कष्ट करें।
शिक्षकों के कल्याण से ही होगा,सच्चा जनकल्याण।
@CMOfficeUP@myogiadityanath@dpradhanbjp@EduMinOfIndia@PMOIndia @sirjistp @thisissanjubjp @
दरअसल हम अभ्यस्त हो गए हैं अध्यापक का जो ट्रिपिकल प्रारूप 60,70, के दशक में गढ़ा गया वह यह था कि अध्यापक समाज का सबसे निरीह प्राणी है जो टूटी साइकिल स्कूल में पढ़ाने आ रहा हो, जिसके पास फटा हुआ छाता हो, जो अपनी सैलरी से सिर्फ दो लोगों का जीवन निर्वाह कर सकता हो, जिससे बच्चा पैदे होने पर वो अपने बच्चों की परवरिश खुद न कर पाये और उनकी परवरिश के लिए उनको ननिहाल भेजें।, बच्चों की परवरिश ननिहाल में हो, उसको अध्यापक कहा जाता था, ठीक है क्या हुआ जो एक अध्यापक इन सब दुसवारियों से निकल कर आधुनिक हुआ है ��सने अपना घर बना लिया। उसके कपड़े पहनने का अंदाज बदल गया, अब वो कभी कभी जींस टी शर्ट भी पहन लेता है बुलेट से भी चलता है उसने कार भी ले ली है, आंखों में काला चश्मा भी लगाता है, ये सब बातें हमें फंस नहीं रही हैं क्योंकि हमें आदत है उसके संसत्तावन का अध्यापक देखने की हमें जलन है। हमें चिढ़ है उसने अपने आपको इतना कैसे बदल लिया, कितनी सैलरी आ गई, लेकिन आपने एक बार भी उसकी मेहनत की तरफ देखने का प्रयास नहीं ��िया, यदि आप देखते तो आपकी रूह काँप जाती इसका मतलब ये नहीं कि सन् 57 वाले नजरिए से ही हम अध्यापक को देखें, ओ भी एक इंसान है और मानव रूप में अवतरित होकर के इस जीवन के संसाधनों का उपयोग उपभोग करना सबका अधिकार है तो एक अध्यापक का भी ये ही अधिकार है उसको समाज से आप अलग क्यों करते हैं, केवल अध्यापक पे तोहमत लगाना ये उचित बात नहीं, आज पूरा समाज संक्रमण के दौर से गुजरा रहा है परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, अध्यापक ने भी अपनी आर्थिक उन्नति की है लेकिन अध्यापक की आंखों में काला चश्मा, जींस, टीशर्ट गाड़ियों से चलना कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा है, जिनको रास नहीं आ रहा है वही कहते हैं कि अध्यापक स्कूल नहीं जाता, पढ़ाता नहीं, कुछ करता नहीं, जबकि हकीकत ये है कभी आपने देखा है कि प्राइमरी स��कूल में पढ़ने वाले किसी बच्चे के लिए ट्यूटर लगे हों नहीं न, जो ट्यूटर पढ़ाता है उसकी भी पढ़ाई प्लस अपनी भी पढ़ाई हमारा शिक्षक अकेले ही इस अपने सरकारी स्कूल में करा देता है, लेकिन यदि आपने प्राइवेट स्कूल में आपने बच्चे का नामांकन कराया है, वो चाहे कितना भी नामचीन शहर का सबसे महंगा स्कूल हो, कितने बड़े शहर का हो, लेकिन यदि बच्चे के लिए आपने 1, 2 ट्विटर नहीं रखे तो फिर उसका बेड़ा राम ही पार करेंगे, उसका क्या होगा, कोई नहीं जानता, इसलिए मेरा आप सभी से अ��ुरोध है कि इन सरकारी स्कूल के शिक्षकों की महत्ता को पहचानिए वो अच्छे से जीवन जीना चाह रहे हैं उनको जीवन जीने दीजिए, उनके लिए और बेहतर संसाधन हम सभी को देना है, ताकि समाज को एक सुशिक्षित मानव संसाधन हमारे अध्यापक दे सके, जय हिंद जय भारत, जय शिक्षक, राकेश सिंह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलीगढ़ 7/8/25
गिरफ़्तारी तक Repost करो हिन्दुओं✊
नाम - शोएब राहीन
पता - शामली जिले के अंतर्गत में, उत्तर प्रदेश
अपराध - हिन्दू देवी देवताओं को गाली देना
सेवा में,
श्री मान @PoliceShamli@Uppolice@dgpup@myogiadityanath
महोदय, शोएब राहीन नामक युवक हिन्दू धर्म के आराध्य प्रभू श्री राम जी का अपमान कर रहा है जिससे हिंदुओ की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है
@PoliceShamli से विशेष आग्रह है कि इस धार्मिक हिंसक व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार करें व जेल भेजें
नालासोपारा, मुंबई - यहाँ पर सोसाइटी में हिंदू और मुस्लिम साथ में रहते है,
मुस्लिम महिलायें, हिंदू महिलाओं को सोसाइटी में नवरात्रि और गणेश स्थापना नहीं करने देती जबकि इन्होंने सोसाइटी में अपना परमानेंट इबादत गृह बना लिया है
मुस्लिम महिलायें, हिंदू महिलाओं को सोसाइटी में भगवा ध्वज भी नहीं लगाने देती जबकि इनके हरे झंडे परमानेंट लगे रहते है
भाई-चारे और अमन शांति की बात करने वाले सेक्युलर कृपया इस घटना पर भी अपने विचार रखने का कष्ट करे
1 रिपोस्ट शिकायत @LtGovDelhi तक पहुँचा सकता है - कर दो 10k रिपोस्ट
अवैध मस्जिद एहले इस्लाम रघुबीर नगर
कई महीने पहले अवैध साबित हो गई अब बस गिरनी है लगा दो ताक़त
आवाज दबी तो भविष्य दबा !
सामान्य वर्ग, सवर्ण समाज और EWS के मुद्दे पर सरकार विचार करें।
हमें किसी भी सूर��� में अन्याय बर्दाश्त नहीं करना है।
#Justice_For_GEN_समाज
मैं लगभग 26 साल का होने वाला हूं, इस उम्र पर भी अगर घर परिवार में कोई मुझे शादी करने को बोल देता है तो
मैं खड़े होकर ही कांपने लगता हूं, मेरे अंदर शादी को लेकर नफरत सी है।
आज यह वीडियो वायरल हो रहा है जिसे आप सबने देखा होगा, इस वीडियो में यह लड़की इस लड़के को लगातार थप्पड़ मारती है फिर अजीब तरीके से रिएक्ट करती है,
आजकल शादियों से पुरुषों का शोषण हो रहा है, रूल्स और कानून ऐसे बना दिए गए हैं जिससे एक पुरुष महिला की गलती के बाद भी सालों जेल में सड़ सकता है।
मुझे नहीं पता जीवन कैसे जिया जायेगा मगर मुझे शादी जीवन जीने का हिस्सा कभी भी नहीं लगी।
सवर्ण समाज के लोग सोश�� मीडिया पर हंगामा नहीं काट सकते क्योंकि उनके सामने जीविका का बहुत बड़ा संकट है, वो अपना पूरा वक्त अपने परिवार के भरण पोषण में ही गुजार देते हैं।
कोई क्षत्रिय ड्राइवर राइड का इंतजार कर रहा होगा, कोई कायस्थ डिलीवरी बॉय किसी के दरवाजे पर खड़ा होगा, कोई ब्राह्मण बैटरी रिक्शा चालक सवारी लेने जा रहा होगा, कोई वैश्य अपनी दुकान पर ग्राहक खोज रहा होगा...
सवर्ण समाज की वर्तमान समय में बहुत बुरी स्थिति है लेकिन राजनीतिक दलों को उनकी बात करनी है जिनकी संख्या अधिक है, कोई तो बात करो सवर्णों की।
#Justice_For_GEN_समाज
आवाज दबी तो भविष्य दबा !
सामान्य वर्ग ,सवर्ण समाज और EWS के मुद्दे पर सरकार विचार करें। किसी भी सूरत में अन्याय बर्दाश्त नहीं करना है।
#Justice_For_GEN_समाज