23 जून 2007 — अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण।
23 जून 2026 — पद्म श्री से सम्मानित।
सपनों से शुरुआत, रिकॉर्ड्स तक का सफर — 19 साल में भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शुमार। 🇮🇳❤️
23 जून — रोहित गुरुनाथ शर्मा के नाम! 🔥
दुनिया के शायद ही किसी देश का नाम हिंदू और इंग्लिश में अलग अलग हो-
लेकिन भारत को India कहलवाकर अंग्रेजों ने अपने डोमिनेस के बीज इस देश में हमेशा के लिए बो दिए थे।
“जम्बूद्वीपे भरतखण्डे आर्यावर्त भारतवर्षे” यही हमारी
ओरिजिनल और सांस्कृतिक पहचान है।
सरकार अब इसी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आगे बढ़ाने लगी है ❤️👏👏
हुलिया देख के हुनर का अंदाज मत लगाना
ये है UP देवरिया की पूनम देवी
यूट्यूब पर मैथ्स और फिज़िक्स पढ़ाती है (60K SUBS)
साधारण बोर्ड , बिना मेकअप, साधारण कपड़े पहनकर पढ़ाती है
यहा कंट्रोवर्सी नहीं , केवल पढ़ाई होती है
शिक्षक फैजल खान जेसे नहीं...पूनम देवी जेसे होते है
36 साल बाद हुई घर वापसी।
एक बुज़ुर्ग कश्मीरी पंडित महिला कुलगाम के डेन्यू में अपने पुश्तैनी घर लौटीं।
उन्होंने अपने घर की मिट्टी को छुआ, अपने आंगन में लगे पुराने अखरोट के पेड़ को गले लगाया और फूट-फूट कर रो पड़ीं।
Staffing pattern
प्रदेश के क्रमोन्नत स्कूलों में पिछले सालों के करीब 32 हजार - व्याख्याताओं पदों की स्वीकृति के लिए वित्त विभाग में प्रस्ताव भिजवाया हुआ है। वहां से स्वीकृति मिलने पर पदों को सृजित करेंगे -मदन दिलावर, शिक्षा मंत्री
#ट्रांसफर पर शिक्षा मंत्री का बयान
#प्रिंसिपल व व्याख्याता जिनके पूर्व में ट्रांसफर हो चुके उनके नहीं होगें।
#DPC के बाद नये पदस्थापित व्याख्याताओं के ट्रांसफर नहीं होंगे
आज कोटा में NEET री-एग्जाम के बीच मानवता की एक खूबसूरत मिसाल
आज NEET री-एग्जाम के दौरान भीमगंज थाना क्षेत्र के आसपास बने परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को छोड़ने आए थे। परीक्षा, रिपोर्टिंग और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया के कारण कई अभिभावकों को 4-5 घंटे तक बाहर इंतजार करना पड़ रहा था।
ऐसे समय में गिरिराज खंडेलवाल जी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शिखा खंडेलवाल ने अपने घर के दरवाजे अभिभावकों के लिए खोल दिए। बैठने की व्यवस्था की, बारिश से बचने के लिए आश्रय दिया और अपने घर के वॉशरूम तक सभी के लिए उपलब्ध करवा दिए। महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज़ से आए अभिभावकों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं था।
लेकिन इस कहानी के असली नायक केवल गिरिराज जी और शिखा जी ही नहीं हैं। धीरे-धीरे पूरा मोहल्ला इस सेवा कार्य में शामिल हो गया। किसी ने चाय की व्यवस्था की, किसी ने कचौरी मंगवाई, किसी ने लस्सी का इंतजाम किया। जो भी बन पड़ा, लोगों ने मिलकर किया ताकि बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों को थोड़ी राहत मिल सके।
आज जब हम अक्सर समाज में संवेदनशीलता की कमी की बातें करते हैं, तब कोटा के इस छोटे से मोहल्ले ने दिखा दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है। बिना किसी प्रचार, बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी अपेक्षा के अनजान लोगों के लिए अपने घर, अपना समय और अपने संसाधन खोल देना वास्तव में मानवता का सबसे सुंदर रूप है।
इतना ही नहीं, परीक्षा के नियमों के कारण कुछ विद्यार्थियों को अपने आभूषण बाहर उतारने पड़े। एक छात्रा ने अपने कुंडल भी इनके पास सुरक्षित रखे और निश्चिंत होकर परीक्षा देने चली गई। यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि विश्वास का भी प्रतीक है।
मैं संयोगवश वहाँ एक विद्यार्थी को छोड़ने गया था। गिरिराज जी मेरे कॉलेज के सीनियर भी हैं। वहाँ का माहौल देखकर लगा कि कोटा की पहचान केवल कोचिंग संस्थानों, परीक्षाओं और परिणामों से नहीं है। कोटा की असली पहचान ऐसे लोग हैं, जो जरूरत पड़ने पर अजनबियों को भी अपना बना लेते हैं।
🙏 ऐसे ही लोगों की वजह से समाज में भरोसा और इंसानियत कायम है।
(कोटा के निलेश गुप्ता जी की फेसबुक पोस्ट)
गाँव ढाणी में बैठा कोई ब्राह्मण युवा यदि केवल इस बात पर दंभ भरता है कि सिस्टम में सारे ब्राह्मण बैठे है…
तो उससे बड़ा बेवक़ूफ़ और कोई नहीं है….
शहर की किसी कोचिंग में बैठा जाट युवक यदि अपनी जाति के नेताओं की प्रशंसा में मशगूल है…
तो वो सिर्फ़ स्वयं को छल रहा है…
क़स्बे के किसी नुक्कड़ पर जमा राजपूत युवक यदि केवल अपने पुरखों की वाहवाही में लगा हुआ है…
तो वो अपने वर्तमान को खोता जा रहा है….
चाय की टपरी पर बैठा कोई बिश्नोई युवक यदि अपनी जाति के असामाजिक तत्वों को Justify करने में लगा हुआ है…
तो उसके भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा है…!!!
सोशल मीडिया पर कोई दलित युवक यदि केवल अपनी पिछली पीढ़ियों पर हुए अत्याचारों का दुखड़ा रोने में लगा है….
तो वो अपनी पीढ़ी के अवसरों को खोने की तैयारी कर रहा है…
हमारे हाथ में केवल हमारा वर्तमान है….
सही दिशा हमारा भविष्य तय करेगी….!!!
Note…. ये पोस्ट मैंने साल भर पहले लिखी थी…
लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से दोबारा शेयर करने का मन किया, इसलिए पोस्ट कर रहा हूँ…!!!