परम आदरणीय बहन जी सादर चरण स्पर्श!
माननीया बहन जी आपको अवगत कराना है कि, मेरे लिए आपका आदेश दुनिया की किसी भी चीज़ से बढ़ कर है। आपके आदेश के आगे मेरे रिश्ते नाते, परिवार सभी बेहद छोटे हैं। आपके मार्गदर्शन में, मैं बीते पैंतीस वर्षों से बीएसपी और मान्यवार साहेब श्री कांशीराम जी और बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के मिशन के लिए समर्पित रहा हूं। आपने आज तक जो भी जिम्मेदारी दी है उसे अपने पूरे सामर्थ्य के साथ निभाने की कोशिश की है। आप मेरी राजनैतिक गुरू हैं, मेरी बड़ी बहन हैं, आपने मुझ जैसे अदने से व्यक्ति को क्या कुछ नहीं दिया, आपकी वजह से ही मैं विधान परिषद और राज्य सभा तक का सदस्य रहा हूँ । आपने मुझे इस लायक समझा कि आपने मुझ जैसे मामूली से कार्यकर्ता को अपने परिवार का सदस्य बनाया। ये आपका ऋण है, जो मैं इस जीवन में चुका भी नहीं सकता।
परमपूज्य आदरणीय बहन जी, मेरे आराध्य तथागत भगवान गौतम बुद्ध और मेरे राजनीतिक आदर्श मान्यवर साहेब श्री कांशीराम जी की क़सम खाता हूँ , कि मैंने कभी भी पार्टी के हित के खिलाफ कोई काम नहीं किया और आपके खिलाफ कुछ भी करने का तो मैं सपने में भी सोच नहीं सकता हूं। मेरा और मेरे परिवार का ये पूरा जीवन आपका ऋणी है। आदरणीय बहन जी, आपकी एक-एक नसीहत और आदेश मेरे लिए अंतिम शब्द हैं।
आदरणीय बहन जी, माननीय आकाश जी को सलाह देना तो दूर बीते कई महीनों से मेरी उनसे मुलाकात भी कुछ एक अवसर पर तब हुई जब उनके कार्यक्रम उन राज्यों में लगे जिनकी जिम्मेदारी आपने मुझे दी हुई थी।
मान० बहन जी हमारी पार्टी के ही कुछ साथी मुझे आपसे मिले सम्मान के कारण मुझ पर ये आरोप लगाते हैं कि मैं पार्टी पर कब्जा करना चाहता हूं, मैं माननीय आकाश आनंद जी को गुमराह करने की कोशिश कर रहा हूं...इसमें लेशमात्र भी सच्चायी नहीं है! आदरणीय बहन जी मैं आपसे विनम्र निवेदन के साथ कहा रहा हूं कि ये मेरे राजनैतिक विरोधियों की साजिश है ,जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं, जिसकी सच्चाई एक न एक दिन आपके सामने ज़रूर आ जाएगी।
आदरणीय बहन जी, मेरी आपसे हाथ जोड़ कर विनती है कि मेरे सन्यास लेने को आप आकाश जी की वापसी से मत जोड़िए, माननीय आकाश आनंद जी मेरे दामाद से पहले आपके भतीजे हैं, और आदरणीय आनंद भाईसाहब के बेटे हैं। उनके अंदर आपका खून बहता है, उन्होने जीवन के दो दशक आपकी छत्र छाया और देख-रेख में बिताए हैं, मेरे जैसा मामूली सा कार्यकर्ता भला उनको क्या ही गुमराह कर पाएगा। उनका अच्छा-बुरा आप किसी और से ज्यादा बेहतर समझती हैं, उनको वापस जिम्मेदारी देना या ना देना ये आपका फैसला है !🙏 इसे मेरे सन्यास लेने से जोड़ कर आप मुझ जैसे मामूली कार्यकर्ता को उसकी हैसियत से ज्यादा महत्त्व दे रही हैं।
आदरणीय बहन जी, आप खुद में त्याग और दया की मूर्ती हैं, जब बात समाज के हित की आई तो आपने मुख्य मंत्री की कुर्सी और राज्यसभा के सदस्य पद को भी ठोकर मार दी, आदरणीय बहन जी, आप हमारी मार्गदर्शक ही नही हमारी आदर्श भी हैं, और अगर आज आपको लगता है कि मेरे राजनीतिक और सामाजिक जीवन में रहने से हमारे संतो , गुरुओं और महापुर्षों के बनाए हुए बहुजन मिशन को नुकसान पहुंच रहा है तो मैं अभी इसी वक्त राजनैतिक और सामाजिक जीवन से सन्यास ले रहा हूं। आदरणीय बहन जी, मेरा ये जीवन आपका ऋणी है, ऐसे में सन्यास तो बहुत छोटी चीज है आपके लिए अगर मुझे कभी अपनी जान भी देनी पड़े तो वो भी मेरे लिए फक्र की बात होगी।
ससम्मान , जय भीम!! जय भारत!!!
जय बहुजन समाज!
आपका कार्य कर्ता
अशोक सिद्धार्थ
नोट- देरी के लिए क्षमा प्रार्थी!!!
Tributes to Dr. Babasaheb Ambedkar on his birth anniversary. His efforts towards nation building are deeply motivating. His life and work continue to inspire generations to build a just and progressive society.
किन जाटवो को बहिष्कार करेंगे आप
जो इस देश का गौरव है जो इस देश की रक्षा करते हैं जो इस देश को कदम कदम पर ताकत देते हैं जो इस देश को एकता के सूत्र में पिरोते हैं जो इस देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देते हैं जो इस देश में तुम्हारी अत्याचार को झेलते हुए भी देश से प्यार करते हैं
amazon दुनिया की सबसे वाहियात सर्विस देता हैं मैंने 12 अक्टूबर को एक refrigerator ऑर्डर किया जिसको 13 में केंसल कर दिया था लेकिन आज तक ना ऑर्डर केंसल हुआ ना ही refund मिला।
10 बार complain कर चुका हूँ
बिल्कुल बकवास सर्विस
@amazonIN@amazon
आईपीएल में जिस तरह क्रिकेट खिलाड़ी बिकते है उसी तरह इस बार बिहार में इस बार विधायकी का टिकट बिका है !!
अफाक आलम साहब कांग्रेस के विधायक है इनके साथ भी खेला हो गया फर्क यही है कि ये कुर्ता फाड़कर लो रो नहीं रहे है मगर नेताओं के कपड़े उतार रहे है !!
https://t.co/Tlgx0uqnDn
हिन्दू धर्म में कहीं भी पत्थर रख दो , एक लाल झंडा रख दो , मंदिर बन जाता है।
पर ये नहीं बता रहा छूछलिम मोजहब में किसी भी ब्रेकर पर हरी चादर रख दो वो F..क्जिद बन जाती है। उसके लिए नहीं बोलेगा क्यूंकि यदमुल्ला है ना
केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होगी।
अदाणी समूह श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए यह रोपवे बना रहा है।
इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है।
महादेव सब पर अपनी कृपा बनाए रखें।
जय बाबा केदारनाथ!
#Adani
भाई परमिंदर यादव, अब तो रोना बंद कीजिए।🤣
कल की बसपा की मेगा रैली के बाद PDA से 'D' तो हट गया है। लेकिन आप क्यों रो रहे हैं? Relax कीजिए भाई। @ambar_parmindar
श्री मुलायम सिंह यादव के भाई शिवपाल सिंह यादव को सुनिये,वो समाजवादी पार्टी की असलियत बता रहे हैं-----
"सपा चौधरी चरण सिंह और नेताजी के विचारों पर चलने वाली पार्टी थी। समाजवादी पार्टी तो अब बिल्कुल भटक गई है।"
"ये तो हो गई है चोर-उचक्कों की पार्टी।।माफियाओं की पार्टी। कभी किसी की जमीन पर कब्जा।"
"शराब माफिया से लेकर,क्या ऐसे लोगों से कहीं पार्टी चलेगी? कहाँ नेता जी ने कितनी मेहनत से पार्टी बनाई थी। उसको बर्बाद कर दिया इन लोगों ने।''
हरियाणा राज्य में आईजी रैंक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वाई. पूरन कुमार, जिनकी पत्नी भी स्वंय हरियाणा की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, द्वारा जातिवादी शोषण व प्रताड़ना के कारण की गयी आत्महत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। ख़ासकर दलित व बहुजन समाज के लोग काफी उद्वेलित हैं।
यह अति-दुखद व अति-गंभीर घटना ख़ासकर एक सभ्य सरकार के लिये शर्मनाक है और यह साबित करती है कि लाख दावों के बावजूद जातिवाद का दंश कितना अधिक ख़ासकर शासन-प्रशासन में हावी है और सरकारें इसको रोक पाने में विफल साबित हो रही हैं। वैसे यह सब सरकार की नीयत व नीति की बात ज्यादा है।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की समयबद्ध स्वतंत्र व निष्पक्ष जाँच होना चाहिये और इसके लिये दोषियों को सख़्त सज़ा मिलनी चाहिये ताकि सभ्य समाज को शर्मिन्दा करने वाली ऐसी दर्दनाक घटनायें दोबारा कहीं ना होने पायें।
हरियाणा सरकार इस घटना को पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता से ले तथा इसकी भी लीपापोती करने का प्रयास ना करे तो यह उचित होगा। जाँच के नाम पर खानापूर्ति भी नहीं होनी चाहिये, जैसा कि आरोप लगने शुरू हो गये हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट व केन्द्र सरकार भी इस घटना का उचित संज्ञान ले तो यह बेहतर।
ऐसी घटनाओं से ख़ासकर उन लोगों को ज़रूर सीख लेनी चाहिये जो एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण को आर्थिक स्थिति से जोड़ कर क्रीमी लेयर की बात करते हैं, क्योंकि धन व पद पा लेने के बाद भी जातिवाद उनका पीछा नहीं छोड़ता है और हर स्तर पर जातिवादी शोषण, अत्याचार व उत्पीड़न लगातार जारी रहता है, जिसकी ताज़ा मिसाल हरियाणा की वर्तमान घटना है।