खरगोन मे पुलिस की बर्बरतापूर्ण कार्यवाही और एक तरफा मुस्लिम विरोधी गतिविधियों के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं ने SP ऑफिस से DCP पुलिस महानिदेशक भोपाल को ज्ञापन दिया।
सिवान में पुलिस की गोली से घायल डुमरहर दरौली के रहने वाले आदिवासी समाज के युवा बुलेट कुमार गौड़ की कहानी आपको रुला देगी।
अग्निवीर की तैयारी करने वाले बुलेट कुमार गौड़ छात्र आंदोलन में शामिल होने अपने मित्रों के साथ सिवान मुख्यालय पँहुचे थे, जहॉं उन्हें पुलिस की गोली लगी और जब ये चिल्लाने लगे तो इनके उसी गोली लगे पैर पर देर तक लाठियों से पुलिस वालों ने बेतहाशा मारा।
बाद में हंगामा मचा तो आनन फानन में ज़िला प्रशासन ने पटना के मेदांता में एडमिट करवाया जहॉं 3 दिन इलाज के बाद डिस्चार्ज करके घर भेज दिया गया।
बुलेट परिवार के इकलौती उम्मीद हैं, माता पिता बेटे को घायल बिस्तर पर देख कर दुखी हैं, उन्हें राहुल गॉंधी जी न्याय की उम्मीद है।
@RahulGandhi@kcvenugopalmp@INCIndia@ManojkumarINCMP@VikrantBhuria@VinodJakharIN
In Ghaziabad, a group of Kanwariyas assaulted a man identified as Imran, alleging that he had desecrated a Kanwar.
Ghaziabad Police say the incident happened after the man accidentally collided with the Kanwariyas while crossing the road.
4 साल जेल में जिंदगी बर्बाद कर दी और अब बाइज़्ज़त बरी कर दिया...
मध्य प्रदेश के खरगोन में 2022 में राम नवमी के जलूस में हिंसा हुई। रमज़ान का महीना था, मुसलमानों के इलाके से जलूस निकला, तेज आवाज में डीजे और आपत्तिजनक नारे दिए गए ।
हिंसा में पत्थरबाजी, आगजनी, तोड़फोड़ हुई और कई घर और वाहन आग में फूंक दिए गए ।
जिन्होंने पत्थर बाजी किया उन सब को छोड़ दिया गया और 11 मुसलमान को जेल भेज दिया गया। इस मामले में दंगा, आगजनी, आपराधिक साजिश, घर में घुसपैठ और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराओं में 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
अब 4 साल बाद कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष अदालत के सामने ऐसे पुख्ता सुबूत पेश नहीं कर सका, जिनकी बुनियाद पर इल्जामों को बिना किसी शक के साबित किया जा सके.
13 गवाहों में से 8 गवाह, मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मुकर गए।
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
क्या गारंटी कि ये RAF वाले हैं
Half पैंट और काली टोपी वाले भी तो हो सकते हैं?
अगर इन लोगों ने हुड़दंग कर तो इल्ज़ाम उनपर डाल दोगे।
पहले इनसे निपट लो भाइयों जाल में मत फंस जाना।
इसकी मुस्कान बता रही है कि पुलिस तो नहीं है।
संभल के 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ।
लोग थाने पहुंचे और पुलिस ऑफिसर से कहा :- कोई मुस्लिम मुजरिम होता तो आप उसका जुलूस निकलते मारते पीटते बुलडोजर चलवाते इन दरिंदों पर क्यों आपकी पुलिस एक्शन नहीं ले रही।
आदरणीय रिजीजू जी, शिकायत नहीं कर रही हूँ, देश को बदनाम नहीं होने दूँगी। बस वीडियो देख लीजिये एक बार, और सुन भी लीजिये। बाक़ी सब ठीक है। https://t.co/bIwhPjChyS
The Big man needs a teleprompter or a paper to convey what he wants to even in Hindi. He laughs aimlessly at what Trump says making absolutely no sense, but look at the post truth narrative of the Media ... presenting all of this some big great achievement. इन्हें Teleprompter- काग़ज़ चाहिए अपनी बात कहने के लिए . 3 भारतीयों की मौत पर एक शब्द नहीं, बस सतही बातें करना . नारंगी लंगूर जो भी बोल रहा है उसपर बेवजह हंसना. और मीडिया के लिए सब masterstroke .