The government has taken down our iconic website - https://t.co/ELmb4ZlEed.
10 Lakh cockroaches had signed up on our website has members.
6 Lakh cockroaches had signed a petition to demand the resignation of Dharmendra Pradhan.
Why is the government so scared of cockroaches? But this dictatorial behaviour is opening the eyes of India's youth. Our only crime is we were demanding a better future for ourselves.
But you can't get rid of us that easily. We’re working on a new home right now. Cockroaches never die. 🪳
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं।
नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है।
हमें और दीपकों की ज़रूरत है - जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें।
हम तुम्हारे साथ हैं भाई। डरो मत।
तुम बब्बर शेर हो। 🇮🇳
ऐसा क्या गलत बोल दिया इस बच्चे ने जो सरकार डरती है और उसके खिलाफ FIR करा रही है, बच्चे वैज्ञानिक और सत्य बातें न करेंगे तो क्या अन्धविश्वास की बातें सीखे! सरकार नहीं चाहती कि भारत में वैज्ञानिक बनें ! आप भी सुने
छिंदवाड़ा के उभरते हुए क्रिकेट सितारे मंगेश यादव को IPL ऑक्शन में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) द्वारा चयनित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।
छिंदवाड़ा के इंदिरा गांधी मैदान से अपने खेल की नींव रखकर आज आप राष्ट्रीय मंच पर छिंदवाड़ा–पांढुर्णा जिले का गौरव बढ़ाने जा रहे हैं। आपका यह संघर्ष और सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
महाराष्ट्र के CM @Dev_Fadnavis से कुछ सवाल! क्या महाराष्ट्र के किसान अब सुख शांति में जी रहे हैं? महाराष्ट्र पर कितना कर्ज़? क्या @vickykaushal09 की छलावा फिल्म Chhava जिसके लिए उनके डायरेक्टर माफ़ी मांग चुके हैं इसके लिए जिम्मेदार? नागपुर जैसा शांतिपूर्ण शहर इस नफरत की गिरफ्त में कैसे? पूरा शो मेरे you ट्यूब मंच पर:
नागपुर को हिंसा की आग में झोंक दिया गया है
यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का अपना गृह क्षेत्र है. साफ़-साफ़ दिख रहा है कि क़ानून व्यवस्था का गला उन्होंने ख़ुद अपने हाथों से घोंटा है, क्योंकि प्रदेश का गृह विभाग वही संभालते हैं
औरंगज़ेंब को इतिहास के पन्नों से इसीलिए तो भाजपा ने ज़िंदा किया जिससे कि नागपुर जैसे शहरों में सांप्रदायिकता की आग लगा सकें
लेकिन यह आग सिर्फ़ हिंदू-मुसलमान करने के लिए नहीं लगायी जा रही है
दरअसल यह भाजपा में वर्चस्व की लड़ाई का भी नमूना है, जहाँ एक प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन कितना नैरेटिव बना सकता है, कौन कितनी साम्प्रदायिकता की आग भड़का सकता है, कौन ख़ुद को ज़्यादा बड़ा मुस्लिम विरोधी दिखा सकता है
यह आग जो महाराष्ट्र में फड़नवीस और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ लगा रहे हैं - असल में यह मोदी का उत्तराधिकारी होने की पेशबंदी है
एक होड़ लगी है भाजपा में कि नफ़रत के बाज़ार में सबसे बड़ा सौदागर कौन बनेगा
नफ़रत की जिस लहलहाती फसल को काटकर नरेंद्र मोदी पहले मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे, उसी सस्ते फार्मूले को आज़माने के लिए पूरी की पूरी भाजपा ललचाई हुई है
फिर इसमें चाहे पूरा देश भी स्वाहा हो जाये तो इन्हें फ़र्क़ नहीं पड़ता, यह तो इन्होंने अपने मुखबिरी करने वाले पुरखों से सीखा है
शायद RSS के 100 साल पूरे होने पर जब नरेंद्र मोदी 30 मार्च को संघ मुख्यालय पहुंचेंगे तो देवेंद्र फड़नवीस ‘साम्प्रदायिक शोलों से भरा हुआ यही गुलदस्ता’ भेंट करना चाहते हैं
लानत है ऐसी राजनीति पर और कुर्सी के लिए देश को दंगों की आग में झोंक देने वाले राजनीतिक गिद्धों पर
बरेली में कावड़िये जिद पर अड़े थे की मस्जिद के सामने डीजे बजाएंगे। स्थानीय मुसलमानों ने विरोध किया तो कावड़िए धरने पर बैठ गए। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने आदेश दिया और डीजे जप्त कर लिया गया।
कांवड़िये जिद पर अड़ गए कि मस्जिद के सामने डीजे बजाएंगे, पुलिस ने लाठीचार्ज किया, कावड़ियों के पास से हथियार बरामद हुए उन में कुछ ने शराब पी रखी थी।
पुलिस ने हिंदू मुस्लिम दंगा होने से बचा लिया लेकिन एसएसपी प्रभाकर चौधरी को खमियाज़ा भुगतना पड़ा और उनका ट्रांसफर लखनऊ पीएसी में कर दिया।
प्रभाकर चौधरी का 10 साल में 21 बार ट्रांसफर हुआ है, वजह सही को सही कहा, गलत को गलत, ना किसी नेता की सुनते हैं ना मंत्री की, हफ्ते भर में बरेली को दूसरी बार जलने से बचाए
सलाम है ऐसे पुलिस अधिकारी को
पोस्ट: विमल कुमार नागर