@TheGurugramNews बनाने से पहले सोचना चाहिए था की जहां गाड़ी जा ही नहीं सकती तो कोई पार्क कैसे करेगा। बेकार पैसे खराब करते हैं। एक बस स्टैंड के पास स्काई वॉक है ऐसा ही नमूना। कहां से आते हैं ऐसे ऑफिसर।
@opsinghips श्रीमान माफ कीजिएगा।
जमीनी स्थिति आपकी सोच से अलग है। कृपा थाने और चौकी लेवल के हालत देखें। थानों चौकियों में पुलिस वाले दुकान सजा के बैठे हैं। हर काम की कीमत है। आप कृपा करके सैंपल के तौर पे 5 डेली रिपोर्ट उठा लो हर थाने से आपको अपने आईपीएस होने पे शर्म ना आ जाए तो।
@DhimanSurender1 अब एक बार फिर पश्चाताप होगा इनेलो ज्वाइन करने का। ऐसे लोगों के पास पब���लिक को देने के लिए कुछ नहीं होता अपनी राजनीति अपने परिवार की राजनीति और अपने बच्चों की राजनीति की चिंता मात्र है।
@TrafficGGM
"Gurugram: Traffic police to be sensitised on ‘people-friendly’ patrolling practices"
Sir, ye people friendly hokar bhi paise hi mangenge. Mujhse ek din paise liye aur maine Gurgaon traffic control, DCP traffice, vigilance sabko call Kiya koi response nahin.
@SVBHaryana दो महीने से एक महिला पुलिस चौकी जा रही है एक बहुत ही सीरियस क्राइम की रिपोर्ट करने मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं है।
पटवारी से इंतकाल निकलवानी है एक महीने से मिला ही नहीं आप सोचते हो अब बिना पैसे काम हो जायेगा कदापि नहीं होगा क्योंकि इतनी देर हो चुकी की किसी भी हाल में चाहिए।
@SVBHaryana भ्रष्टाचार इतना सिंपल नहीं है जैसे आप कह रहे हैं फोन करने को। पहले रिश्वत के लिए धीरे धीरे तैयार किया जाता है और आपका काम इतना खराब कर दिया जाएगा कि आप किसी तरह ले दे के उसको पूरा करना चाहोगे। आप किसी भी डिपार्टमेंट ��ें जाइए सब जगह भ्रष्टाचार है।
@DEEPAKKAHUJA@OfficialGMDA@cmohry@NayabSainiBJP इनको टैलेंटेड फ्रेश ब्रेन नहीं चाहिए बल्कि भरष्टाचार के ट्रेंड एक्सपीरियंस वाले लोग चाहिए। 62 साल का रिटायर्ड ऑफिसर मिलेनियम स्मार्ट सिटी बनाएगा। नत��जा सामने है जी।
@MunCorpGurugram ये क्या नया ड्रामा है जी। AI तो छोड़ो आप आंख भी बंद करके चलो गढ़ा आते ही पता ही चल जायेगा। बात गढ़े पता करने की नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार की है। कोई एक ऑफिसर ईमानदार आ जाए गुड़गांव में बिना AI के ही व्यवस्था ठीक हो सकती है।
@diprogurugram1@MCManesar@MunCorpGurugram@gurgaonpolice@DC_Gurugram@DiprHaryana@cmohry If the same set of officers will change the face of Gurgaon then why were they not doing it. Is this the correct protocol, someone has to come from Chandigarh to get the city clean. Most of them are neck dip in corruption so chances of changing the face of the city is minimal.