ज़िंदगी में ऐसा नहीं होता की इंसान को सारा रास्ता छाँव वाला ही मिले,
कुछ दिन ऐसे भी आते हैं जिसमें दिन भी लम्बे होते हैं और धूप भी सख़्त होती है,
लिहाज़ा इन दिनों में सब्र व शुक्र के साथ ठंडी छाँव का इंतज़ार करें और ज़बान को शिकवे से महफूज़ रखें..✍️
जब माँ-बाप बुढ़े हो जाते है तो उसे ना दौलत की उमीद रहती है ना तोहफों की, वो सिर्फ ये चाहते है की उसके बच्चे उसे वही मोहब्बत इज्ज़त और वक्त दे जो उसने अपनी पूरी जवानी उन पर क़ुर्बान कर दी थी..✍️