36,000 करोड़ रुपये का एक्सप्रेसवे बारिश में डूब गया।
सड़क बनी है या सरकारी पैसों का जलमार्ग?
जाता हुआ मानसून भी भाजपाई विकास की असली तस्वीर दिखा गया।
सवाल यह है माननीय @nitin_gadkari जी से, बरसात में इस पर गाड़ी चलेगी या किश्ती?
दावे आसमान में, सड़कें पानी में!
@mygovindia@MORTHIndia
कुछ तो थपकियां मिली होगी,
यूंही कोई दीदा दलेर नहीं होता
ज्ञानेश को कांधे पर बैठाने का परिणाम आ चुका है 😡 अब उसे कांधे से उतार कर साईड में रखने और सफाई करने का वक्त आ गया है 🤔🇮🇳😡
#SaveTheCountry
साहिल वकोडे के हाथ में आईफोन देखकर बहुतों की छाती पर सांप लेटने लगा.
साहील वकोडे की आत्महत्या के तुरंत बाद IIT BOMBAY के डीन और अन्य अधिकारियों ने मिलकर
प्रोफेसर दुल्ला को बचाने के लिए झूठा स्टेटमेंट जारी किया कि साहिल चैटजीपीटी से नकल कर रहा था. इस झूठे नैरेटिव ने मनुवादियों के हाथ में साहिल को बदनाम करने का हथियार दे दिया.
बाद IIT BOMBAY ने माफी मांगकर अपना बयान वापस लिया. लेकिन अभी भी न्यूज़ और सोशल मीडिया पर इसी बात पर डिबेट चल रही है.
साहिल सेकंड ईयर का स्टूडेंट था. वो स्कॉलर था, इसी कारण फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट को पढ़ाता था. अपनी बार रखने के साहिल जिंदा नही है. गिद्ध की तरह मनुवादी टूट पड़े हैं. बहुजन समाज को साहिल के लिए मुखर होकर आवाज उठानी चाहिए.
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता जब क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर प्रशासनिक दफ्तर पहुंचे तो बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया गया
जिसके बाद पुलिस-प्रशासन पर वो जमकर बरसे। कोई जवाब नहीं था अधिकारियों के पास, चुप्पी थामे खड़े रहे👇🏻
कोई प्रूफ है कि साहिल इसमें नकल कर रहा है
फर्जी जातिवादियों ने साहिल को बदनाम करने के लिए मनगढंत कहानी बनाना शुरू कर दी है
@grok मुझे तो कहीं नकल करने का प्रूफ नहीं दिख रहा।
समाजवादी पार्टी PDA का दोगला और दोहरा चरित्र को समझिए...
थकी हुए PDA वाले जब सत्ता से कोसों दूर रहते हैं तो , इनको बहुजन महापुरुष याद आते हैं बहुजनों के नाम पर बड़ी बड़ी झांसे दिखाते हैं!
जब PDA वाले सत्ता में थे तब दर्जनों बहुजन महापुरुषों के नाम पर चालू योजनाओं को बंद कर दिए...
कई बहुजन नेताओं के नाम पर स्थापित शहरों और जगहों के नाम परिवर्तित कर दिए!
ऐसे दोगलLA चरित्र वालों से सावधान रहने की जरूरत है!
तस्वीरें यूपी के #आगरा से 🚨👇🏻
हजारों की संख्या में बहुजन समाज के लोग आरक्षण के समर्थन में भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे और आंदोलन किया
नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद के आदेशानुसार आज पूरे देश में भीम आर्मी ASP के लोग सड़कों पर उतरेंगे।।
जातिवादियों ने पहले साहिल की जिंदगी ले ली और अब उनके माता पिता को अपने बेटे के लिए न्याय खातिर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है।
इस देश में हर इंसान की जिंदगी की कीमत जाति से तय होती है।
चुनाव आयोग पर उठे गंभीर सवालों का जवाब अब देश को चाहिए।
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति दर्ज की। मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, वोटर डेटा के केंद्रीकरण और चुनावी सॉफ्टवेयर से जुड़े कदमों पर गंभीर आपत्तियां सामने आईं, जिनमें कुछ को “अनधिकृत” और “अवैध” बताया गया।
जब चुनाव आयोग के भीतर ही इतने गंभीर मतभेद और आपत्तियां दर्ज हुई हैं, तो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
माननीय #SupremeCourtOfIndia को इन तथ्यों का संज्ञान लेकर पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
और यदि चुनाव आयोग इन गंभीर सवालों का संतोषजनक जवाब देने में विफल रहता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है। लोकतंत्र में जवाबदेही से कोई ऊपर नहीं हो सकता।
#SupremeCourt
#CJISuryaKant
बहनजी ने दी खुली चेतावनी चुनाव आयोग को ,श्री अमित शाह और नरेन्द्र मोदी जी को बोला है आप की पार्टी को जो भी वोट पड़े है क्या वो सही पड़े है ?चुनाव निष्पक्ष कराना है तो EVM से नहीं बल्कि वॉलेट पेपर से चुनाव कराओ तब सबको अपनी औकात पता चल जाएगी! @Mayawati
HR05 R 7878 नंबर की इसी गाड़ी ने इस महिला के पति को टक्कर मारी थी। लेकिन करनाल सदर थाना पुलिस द्वारा आरोपियों को छोड़ दिया गया और पीड़ित महिला की शिकायत को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है।
क्या गरीब परिवार को न्याय पाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा? इस महिला और उसके छोटे-छोटे बच्चों की पीड़ा को समझते हुए मामले में निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
हरियाणा के DGP @police_haryana, मुख्यमंत्री @cmohry और करनाल सदर थाना से अपील है कि पीड़ित परिवार की बात सुनी जाए और उन्हें जल्द न्याय दिलाया जाए।
न्याय सबके लिए बराबर होना चाहिए चाहे पीड़ित गरीब हो या अमीर।
संगी व्यवस्था और कुछ तो नहीं किया लेकिन दो बड़े काम अवश्य किए हैं
पहला अंगूठे काटने वाले द्रोणाचार्य और
दूसरा राजा शाही वाली कार्यकारी मंडल को जिंदा रखा!!
कॉलेजियम व्यवस्था ने फ़िर दो जज को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है 🔥🔥
इनलोगों को SC ST OBC समुदाय से कोई जज नहीं मिलता, सुभाष उपाध्याय को उत्तराखंड हाईकोर्ट और कौशिक गोस्वामी को गुवाहाटी हाईकोर्ट का परमानेंट जज बनाया है,
जब तक देश के न्यायालयों में SC ST OBC समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं होगा, न्याय मिलना असंभव है,
कॉलेजियम व्यवस्था ख़त्म होनी ही चाहिए, यह एक ही जाति विशेष के लोगों को प्राथमिकता देता है।