बंगाल की वही मजहबी महिलाएं हैं जिन्होंने चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशियों का विरोध करा था |
जिन्होंने राम नवमी शोभा यात्रा से लेकर दुर्गा पंडाल तक विरोध कर अपनी मजहबी मानसिकता दिखाई | 😡😡
भाजपा का विरोध करने के लिए हर उस स्टार तक गईं जिस स्तर तक पाकिस्तान के पेशावर की महिलाएं जा सकती थी |
लेकिन आज भाजपा द्वारा अन्नपूर्ण योजना के अंतर्गत पात्र ना होने की वजह से मोदी मुरादाबाद और अधिकारी मुर्दा बाद के नारे लगा रहे हैं | 😡😡
हिंदुओं सो रहे तो जग जाना पर भाजपा नेताओं से साफ और स्पष्ट कह देना कि इनके प्रेशर में आ कर इनको ना कोई योजना दी जाए ना फंड |
The bodies of 4 people, including his wife, children and daughter, were recovered from the locked house of former Rangpur District School teacher Ganapati Chakraborty. (22 August 2026)😭
Pooja means thrashing a Pujari
Pujari is पाखंडी
Urduwood shows Chandan Ka Tika is a symbol of hypocrisy
Can you see the similarity of such scenes with Palghar Sadhu lynching?
Film: Jaani Dushman (1979)
RHA को ले कर सरकार से कुछ बात और माँगें
सरकार अपने स्तर से हर आंदोलन को फूट, समझौता, बल-प्रयोग, समझदारी, मिसइन्फॉर्मेशन कैम्पेन या कायरता दिखा कर कर समाप्त करना चाहती है। और वही उनका कार्य भी है। RHA का नाम ले कर कुछ लोगों ने आंदोलन के लिए जनता को बुलाया और लगभग 7000 की भीड़ जंतर मंतर पर भीतर दिखी, उतने को ही बाहर होल्ड किया गया या लौटा दिया गया।
मैंने केवल दिल्ली पुलिस की बकलोली की अवज्ञा के लिए इसमें भाग लेने की बात की और फिर बहुत लोग मेरे आने पर भी आए। फिर दुबे को पाठक जी ने नेता मान कर एक ऐसे पत्र पर चर्चा के लिए आश्वासन दिया जिसमें आरक्षण शब्द ही नहीं है।
खैर, मैं ये सब तकनीक देखता और जानता आया हूँ। मुझे इस विषय पर सरकार को भीड़ दिखाने की आवश्यकता न पहले थी, न आज है, पर जब चाहूँ वह भी कर सकता हूँ। अगली बार बिना अनुमति के भी ऐसा किया जा सकता है यदि प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट चाहिए, तो वह भी दिखा देंगे। पर मेरा लक्ष्य वह है ही नहीं।
सरकार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से इसलिए नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक भीड़ पूरे कनॉट प्लेस को घर कर पत्थरबाजी करते हुए संसद घेर लेगी। सरकार को इसलिए डरना चाहिए कि ऐसी कोई भीड़ ही नहीं है, न ही हम संसद को घेरने की योजना बना रहे हैं।
आंदोलन की तपन केवल जलती हुई कार की आग और अराजक भीड़ की ही नहीं होती। एक तपन ऐसी भी होती है जब जनमानस को वैचारिक रूप से इतना सक्षम बना दिया जाता है कि वह स्वयं ही अपने लिए वह निर्णय कर ले, जो वो कल तक किसी दूसरे बहकावे में आ कर कर रहा था।
हमारी माँगें:
१. आरक्षण पर श्वेत-पत्र: क्या लाभ हुआ, किन जातियों को अनुपात से अधिक लाभ लगातार मिला, कौन सी जातियाँ पूर्णतः छूट गईं। आरक्षण किस तरह से देश या समाज के उत्थान में सहायक है, उसके लिए आँकड़े क्या कहते हैं आदि आदि! इस से जुड़ी हर वह रिपोर्ट और सर्वेक्षण जो सार्वजनिक नहीं हुई।
२. EWS को हर वह आर्थिक सहायता दी जाए जो SC को मिलती है। निःशुल्क कोचिंग, निःशुल्क फॉर्म, शून्य हॉस्टल और कोर्स फीस। फिर भी लोन यदि लेना पड़े तो उसमें भी सुविधा।
३. तीनों ही आरक्षित वर्ग में ‘कोटा विदिन कोटा’ लागू हो ताकि वास्तविक दलित-पीड़ित-वंचित जातियों तक लाभ पहुँचे। अभी SC और OBC में हजार-हजार जातियाँ ऐसी हैं जिन्हें नगण्य आरक्षण मिला है। और 4-5 जातियाँ ऐसी हैं जो 70-80% आरक्षण खा रही हैं। इसका आधार पारिवारिक आय हो, न कि वैयक्तिक और दुरुपयोग की संभावना न रहे।
४. मेरिट का सम्मान हो। आरक्षित वर्ग का कटऑफ किसी भी हालत में सामान्य वर्ग के कटऑफ के (से नहीं) 10% के रेंज से बाहर न जाए। और यह भी आज की परीक्षा के अधिकतम आयु सीमा वाले बच्चों की आयु के बाद समाप्त किया जाए। न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तो तय होना ही चाहिए।
५. सरकार यह सर्वेक्षण करे कि क्या गरीबी, भेदभाव या पिछड़ेपन से किसी की बौद्धिक क्षमता घट या बढ़ सकती है? इम्पीरिकल एविडेंस सार्वजनिक करें और उसी आधार पर आरक्षण की नीतियाँ बनें।
६. एक व्यक्ति को एक बार आरक्षण मिले। एक परिवार को एक बार आरक्षण मिले।
७. दशकीय समीक्षा हो। समाप्ति के लिए एक ‘सनसेट क्लॉज’ या रोडमैप कि कब तक रहेगा।
८. कॉलेज/यूनिवर्सिटी पुस्तकालयों में पुस्तकों के अलॉटमेंट का आरक्षण तत्काल निरस्त हो। इसका कोई लॉजिक नहीं है। यह आरक्षण से लड़ कर वहाँ पहुँचे बच्चों को सताने की व्यवस्था मात्र है। या आप पुस्तकों की मात्रा दोगुनी कीजिए और वहाँ ‘आरक्षित सेक्शन’ लिख दीजिए।
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अन्य माँगें:
९. यूजीसी नियमावली निरस्त हो या समीक्षा कर के हर जाति समूह को इसमें सम्मिलित किया जाए।
१०. SC/ST Act की तर्ज पर ‘सवर्ण उत्पीड़न (रोकथाम) कानून पास’ हो। दोनों ही कानून में केस झूठा पाए जाने पर, उस केस में होने वाला दंड आरोप लगाने वाले को झेलना पड़े। आर्थिक जुर्माना भी वसूला जाए।
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सरकार और सुधिजन देख लें। बाकी, चाहे आप दुबे, शेखावत या अन्य को मैनेज कर लें, आंदोलन चलता रहेगा।
कमाएगा सवर्ण, टैक्स देगा सवर्ण और सब्सिडी मिलेगी SC/OBC को! @BJP4India के पास बैंक में बहुत पैसा है, अपने वोटबैंक को लुभाने के लिए उसे जो करना है अपने पैसे से करो।
इन दोगलों ने आजतक EWS के लिए एक ढंग की स्कीम नहीं बनाई है कि उन्हें भी निःशुल्क कोचिंग, फॉर्म, हॉस्टल और छात्रवृत्ति की आवश्यकता है।
केरल में ईसाई पादरी एस अब्राहम को चार फाँसी की सजा सुनाई गई है। वह चर्च में बच्चियों का यौन शोषण करता था। क्या इस दरिंदे को सजा मिलेगी? या ऊपरी अदालतें उसे भी बचा लेगी? देखें: https://t.co/zok6wzzbNG
Shivalinga at Kakanmath Shiva temple, awaiting proper worship.
The temple is in ruins, and may crumble any time under the watchful eyes of @ASIGoI#ReclaimTemples
News coming in from #Darjeeling district of #WestBengal.
Today, students of ‘Murliganj Higher Secondary School’ blocked NH-27 in protest of against the suspension of a Hindu contractual teacher.
A Muslim teacher recently beat up the Hindu teacher named Surajit Mondal inside the school.
But, the headmaster suspended the Hindu contractual teacher Surajit Mondal.
Students loved Surajit Mondal. So, they blocked NH-27 in protest.
Meanwhile, the Police reached the spot to control the situation.