पटना में परीक्षार्थी सफोकेशन से मर गया घुट-घुट के। सेशन पर जो अराजकता की स्थिति थी, वह हम सबने देखी। विद्यार्थियों को इस देश में कीड़े-मकोड़े की तरह देखा जाता है।
रैंडम जगह पर सेंटर होंगे ताकि बच्चे अधिकतम समस्याओं का सामना कर सकें। उन्हें एक दिन पहले जाना पड़े, रेल में भीड़ हो, सड़कों पर जाम लगे।
कोई लॉजिक नहीं है बगले के जिले की जगह तीन सौ किलोमीटर दूर सेंटर देने का। कुत्तों की तरह हमारी शिक्षा व्यवस्था इन्हें ट्रीट करती है।
छात्र मर रहे हैं, मारे जा रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं, लीक हुए पेपर की दोबारा परीक्षा दे रहे हैं, और नीरो बंसी बजा रहा है। उसे कोई पॉलिसी नहीं लानी, मरते रहो।
ऐसी निष्ठुर सत्ता, ऐसी घटिया व्यवस्था, ऐसी उपेक्षा मैंने पहले नहीं देखी।
अमेरिका पुलिस एक गुरुद्वारे में जूते पहनकर घुसी
सर भी नही ढका
और उस जगह पर भी उस कालीन पर भी जूते पहनकर चल रहे थे जहां ग्रंथि जी बैठते हैं
अब गुरपवंत सिंह पन्नू इस पर कुछ नहीं बोल रहा
एक लड़के ने बताया कि वह अपने परिवार को ट्रेन में बैठाने के लिए महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे स्टेशन गया था। ट्रेन दोपहर 12 बजे की थी लेकिन बाद में बताया गया कि वह 2 बजे आएगी।
लड़के ने प्लेटफॉर्म टिकट ले लिया था और परिवार के साथ इंतजार करता रहा। लेकिन ट्रेन लगातार लेट होती रही। शाम करीब 5 बजे वह परिवार को ट्रेन में बैठाकर वापस जाने लगा
तभी टीटी ने उसे रोक लिया और प्लेटफॉर्म टिकट दिखाने को कहा। उसने टिकट दिखाया तो टीटी ने कहा कि प्लेटफॉर्म टिकट 2 घंटे बाद एक्सपायर हो जाता है। इसके बाद उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया!
वीडियो में लड़के ने सवाल उठाया कि जब ट्रेन रेलवे की वजह से कई घंटे लेट हुई थी तो उसके इंतजार की जिम्मेदारी कौन लेगा??
उसने कहा कि उसने परिवार को छोड़ने के लिए वैध प्लेटफॉर्म टिकट लिया था, फिर भी उसे जुर्माना भरना पड़ा!
ये भी सवाल जायज है कि जब देरी रेलवे की तरफ से हुई थी तो उसकी सजा यात्री को क्यों मिली..?
गोवा में scam!
बागा बीच पर 'Laval Areosa' में लूट! 🚨
शराब पर गलत तरीके से GST लगाया गया और ₹220 का Service Charge जबरन थोपा गया, जो गैर-कानूनी है। नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। तुरंत कार्रवाई हो! 😡
@goacm@ConsumerCourtIn@jagograhakjago#Goa#Scam#GST#JagoGrahakJago
RJD प्रवक्ता प्रिया यादव कह रही है:
"मैं SC/ST भाइयों के लिए हमेशा खड़ी रही, आज मुझपर ही SC/ST एक्ट लगा दिया?
बिना जांच पड़ताल के कैसे केस लिख दिया? आज इस एक्ट का दुरूपयोग हो रहा है!"
जो हम इतने दिन से कह रहे थे वो आज इनको समझ आया!
और एक दिन सब समझेंगे!
60 किमी में दूसरा टोल नहीं… लेकिन सड़क पर नियम कहाँ हैं?
फोटो में दिख रहा भाई गुड़गांव से फिरोजाबाद जा रहा था।
दूरी सिर्फ 234 किलोमीटर...लेकिन रास्ते में 10 टोल लग गए!
पहले 56 किलोमीटर में ही 4 टोल!
टोल का खर्चा ₹1300 हुआ गाड़ी का ईंधन अलग
रोड का हाल गड्ढों भरा, खस्ता, गाड़ी हिल रही थी।
मतलब ₹5-6 प्रति किलोमीटर सिर्फ टोल में गया!
नियम कहता है 60 किमी के अंदर दूसरा टोल नहीं लग सकता…
लेकिन
जमीन पर नियम सिर्फ कागजों में ही सुंदर लगते हैं।
पब्लिक हर कदम पर जेब ढीली कर रही है।
वाल्मीकि समाज की बेटी की बारात ठाकुर जी की हवेली के सामने से निकल रही थी.
ठाकुर साहब ने दूल्हे समेत पूरी बारात को अपनी हवेली पर चाय नाश्ता कराया और दूल्हे को अपनी घोड़ी दी.
लेकिन ऐसी खबरें आपको मीडिया या दलित एक्टिविस्ट्स नहीं दिखाएंगे!
मनुस्मृति में हिन्दू समाज को चार वर्ण में बाँटा गया
ब्राह्मण
क्षत्रिय
वैश्य
शूद्र
संविधान में भी समाज को चार वर्ग मे बाँटा गया है
General
OBC
SC
ST
मनुस्मृति के वर्ण को आप कर्म के द्वारा बदल सकते हैं,
लेकिन संविधान के वर्ग को आप आजीवन नहीं बदल सकते।
इसलिए मनुस्मृति हमेशा संविधान से श्रेष्ठ रहेगी....
"पुलिस विभाग में क्रांति का बिगुल फूंकने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को निपटा दिया गया!! सस्पेंड हो गए.. क्रांति शब्द गरीबों, कमजोरों और छोटों के लिए नहीं.."
क्रांति के लिए संगठन, शक्ति, फंडिंग और जिगर चाहिए होता है..
सुनील कुमार शुक्ला यूपी पुलिस की सबसे छोटी इकाई यानि सिपाही हैं.. उनके पास जिगर तो है लेकिन संगठन नहीं है.. शक्ति तो है लेकिन फंडिंग नहीं है..
जब सुनील ने भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं से जुड़े वीडियो बनाए, तभी मैंने लिख दिया था कि, "कर तो दिया लेकिन देखते हैं, कारवाई कब होती है!!"
क्योंकि समस्याएं, अव्यवस्थाएं और भ्रष्टाचार तो है ही लेकिन इनकी आवाज उठाने वालों को अनुशासन के नाम पर निपटा दिया जाता है..
वो अनुशासन जो शायद है ही नहीं.. सिर्फ बातों-बयानों तक ही सीमित है..
#Police #UPPolice #Constable #Corruption #Allegations #UttarPradesh #Suspension
ओ तिवारी प्लेट उठा देना….होटल मालिक ने जब वेटर का काम करने वाले तिवारी जी को बुलाया तो गले में माला, हाथ में कलावा और कड़ा पहने, शिखा धारण किए तिवारी जी शालीनता से आए और अपना काम करने लगे।
चेहरे पर कोई शिकन नहीं, शोषण का कोई रोना नहीं, किसी के प्रति कोई पूर्वाग्रह नहीं, बस “कर्म ही पूजा है” की भाँति अपना काम करने लगे। पूछने पर बताया कि बच्चे को पढ़ाते हैं, इसलिए डबल ड्यूटी काम करके घर चलाना और बच्चे को पढ़ाना पड़ता है। होटल मालिक की भी तारीफ किए कि वो मदद करते हैं।
कोई भी काम, कोई भी करे, वो छोटा नहीं होता। इंसान मेहनत परिश्रम करेगा तभी विकसित होगा। लेकिन दुख और अफसोस इस बात का कि ऐसे गरीब परिवार भी क्या सरकार की नजरों में करोड़पति हैं? इनके बच्चों को पढ़ाई में स्कालरशिप क्यों नहीं मिलती?
सवाल उनसे भी जो एक समाज पर अभद्र टिप्पणी कर ऐसे कामगारों का अपमान करते हैं।
जैसा कि मैंने कहा है, इसमें हर पार्टी का नेता-मंत्री संलिप्त होगा इसीलिए पेपर लीक पर कभी भी कुछ भी पूर्ण समाधान के लिए नहीं होता। कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर के, उनके लिए टेंडर को कैंसिल करना, फिर टेंडर के टर्म्स उनके हिसाब का कर देना, सड़क पर विद्यार्थी खोजते लोगों का नहीं, ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं का काम है।
पर होगा घंटा कुछ नहीं।
अपने बच्ची के, बचाव के लिए हम गुंडे है💪😡,जो भी हमारी बच्ची को गलत नजर से देखेगा,उसकी हम आँखे नोच लेंगे😡💪
न्याय का इंतजार नही करेंगे,संविधान की बेटी नही है हमारी बेटी है💪
दिल जीत आया भाई अपने 👌👌💞💞🙏🙏✍️
रूस से सस्ता तेल लेकर खूब मलाई चांपी है तेल कंपनियों ने,
लगभग 100 करोड़ प्रतिदिन मुनाफा कमाया है।
और अब तेल मंहगा होने पर घाटा होने का रोना रो रहे हैं, जबकि सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी भी घटा दी है।
इन सबके बावजूद भी तेल का रेट बढ़ा तो समझो कि सरकार सिर्फ उद्योगपतियों की है।
ईसाई मिशनरियों ने एक नई धूर्तता भरी तरकीब अपनाई:
घर-घर जाकर भगवद् गीता की प्रतियां बांटना, जिनमें “कृष्ण कहते हैं” की जगह “यीशु कहते हैं” लिखा होता था। एक साहसी व्यक्ति ने तुरंत इस धोखे को पहचान लिया, विरोध किया और उन्हें अपने घर से बाहर निकाल दिया।