यदि तुला पर एक ओर संसार का सकल धन,विद्वता और ज्ञान रखा जाये और दूसरे पलड़े पर सिर्फ़ चरित्र को ही,तो चरित्र का पलड़ा भारी पड़ेगा-
•••परम् पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी
जवाहर लाल नेहरु जी के समकालीन,भाजपा के आदर्श नेता गोलवकर,सावरकर या दीनदयाल जी का कोई भी ऐसा वक्तव्य/ लेख है जिसमें नेहरु जी की आलोचना कभी की है। क्या भाजपा नेता आज उसे दिखा सकते है? नही।